रामगढ़: झारखंड इस्पात प्लांट में फर्नेस विस्फोट से 9 मजदूर घायल, 7 की स्थिति गंभीर
सारांश
Key Takeaways
- रामगढ़ में फर्नेस विस्फोट से 9 मजदूर झुलसे।
- 7 की हालत गंभीर, रांची रेफर किया गया।
- प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।
- स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश।
- घटना ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का सवाल उठाया।
रामगढ़, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के रामगढ़ जिले में हेसला स्थित 'झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड' में आज सुबह फर्नेस के फटने से एक भयानक विस्फोट हुआ। इस घटना में 9 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इनमें से 7 की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जिन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए रांची रेफर किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 4 बजे जब प्लांट में काम जारी था, तभी अचानक फर्नेस में जोरदार धमाका हुआ। यह धमाका इतना तीव्र था कि इसके आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। फर्नेस के निकट कार्यरत मजदूर गर्म पिघले लोहे और आग की लपटों का शिकार बन गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरातफरी मच गई और उत्पादन कार्य तुरंत रोक दिया गया।
हादसे के तुरंत बाद सभी 9 घायलों को रांची रोड'द होप हॉस्पिटल' में ले जाया गया। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि घायलों में से 7 की हालत बेहद नाजुक है, जो 60 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को रांची स्थित देवकमल अस्पताल भेजा गया है। इस हादसे में झुलसे मजदूरों की पहचान अखिल राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, पंडित जी (राजू झा), छोटू साव और सुरेश बेदिया के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक रूप से तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे का कारण माना जा रहा है। इधर, घटना के बाद स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और प्रबंधन को घायलों के उचित इलाज का निर्देश दिया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।