29 जून 2026
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रांची में 693 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा बोले — ड्रॉपआउट रोकना प्राथमिकता

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रांची में 693 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा बोले — ड्रॉपआउट रोकना प्राथमिकता

सारांश

झारखंड सरकार ने रांची के 10 सरकारी स्कूलों के 693 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल सौंपी — ड्रॉपआउट रोकने की दिशा में ठोस कदम। 2026-27 में जिले में 16,780 साइकिलें बाँटने की स्वीकृति पहले से मिल चुकी है।

मुख्य बातें

29 जून 2026 को रांची के 10 सरकारी विद्यालयों के 693 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गईं।
कार्यक्रम जगन्नाथपुर स्थित टीवीएस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा की उपस्थिति में आयोजित हुआ।
योजना अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित है; लाभार्थी कक्षा आठ के सरकारी स्कूल विद्यार्थी हैं।
रांची जिले में 2026-27 में कुल 16,780 विद्यार्थियों को साइकिल देने की स्वीकृति दी गई है।
सरकार मेडिकल व इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को कोटा के मोशन एजुकेशन से जोड़ रही है।

झारखंड सरकार की निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत 29 जून 2026 को रांची के 10 सरकारी विद्यालयों के 693 छात्र-छात्राओं को साइकिलें सौंपी गईं। कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने जगन्नाथपुर स्थित टीवीएस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों के हाथों में साइकिल की चाबियाँ सौंपीं। यह वितरण अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत हुआ, जो कक्षा आठ में अध्ययनरत सरकारी विद्यालय के विद्यार्थियों को लक्षित करती है।

मंत्री का संदेश: शिक्षा में कोई बाधा नहीं

कार्यक्रम में मंत्री चमरा लिंडा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि आर्थिक या भौगोलिक कठिनाइयाँ किसी भी बच्चे की पढ़ाई के आड़े न आएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय तक पहुँचने में दूरी की समस्या ड्रॉपआउट का एक प्रमुख कारण रही है, और साइकिल वितरण योजना इस अवरोध को दूर करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन और लगन के साथ अपने जीवन का लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी ज़ोर

मंत्री ने बताया कि झारखंड सरकार केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं है — मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए राज्य के विद्यार्थियों को कोटा के प्रतिष्ठित संस्थान मोशन एजुकेशन से जोड़कर विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य झारखंड के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन के योग्य बनाना है।

रांची जिले में 16,780 साइकिलों की स्वीकृति

अधिकारियों के अनुसार, रांची जिले में वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 16,780 विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल उपलब्ध कराने की प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। सोमवार का वितरण इसी लक्ष्य की दिशा में पहला बड़ा चरण था। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर समेकित जनजाति विकास अभिकरण (आईटीडीए) रांची की परियोजना निदेशक मनीषा तिर्की, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, प्रखंड कल्याण पर्यवेक्षक एनुल हक, विद्यालय के प्राचार्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन विभागीय स्तर पर सुनियोजित तरीके से किया गया था।

गौरतलब है कि यह योजना दूरदराज के क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिनके लिए विद्यालय तक की पैदल दूरी नियमित उपस्थिति में बाधा बनती है। आने वाले महीनों में शेष लाभार्थियों तक भी साइकिलें पहुँचाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या इन साइकिलों की उपलब्धता स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति के ठोस आँकड़ों में परिलक्षित होती है। झारखंड में आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रॉपआउट की समस्या केवल दूरी से नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव और बुनियादी ढाँचे की कमी से भी जुड़ी है। 16,780 साइकिलों की स्वीकृति एक उत्साहजनक संख्या है, परंतु वितरण की गति और पारदर्शिता पर नज़र रखना ज़रूरी है। कोटा कोचिंग से जोड़ने की पहल सराहनीय है, किंतु यह सुनिश्चित करना होगा कि यह सुविधा वास्तव में वंचित तबके तक पहुँचे, न कि केवल घोषणाओं तक सीमित रहे।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड की निःशुल्क साइकिल वितरण योजना क्या है?
यह अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना है, जिसके तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ के विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल दी जाती है। इसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों के लिए स्कूल तक पहुँच आसान बनाना और ड्रॉपआउट दर कम करना है।
29 जून 2026 को रांची में कितने विद्यार्थियों को साइकिल मिली?
29 जून 2026 को रांची के 10 सरकारी विद्यालयों के 693 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गईं। यह कार्यक्रम जगन्नाथपुर स्थित टीवीएस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर में आयोजित हुआ।
रांची जिले में 2026-27 में कुल कितनी साइकिलें बाँटी जाएंगी?
अधिकारियों के अनुसार रांची जिले में वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 16,780 विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है। 29 जून का वितरण इस लक्ष्य की दिशा में पहला बड़ा चरण था।
इस योजना से किन विद्यार्थियों को फायदा होगा?
सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत विद्यार्थी इस योजना के पात्र हैं, विशेष रूप से वे जो अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग से आते हैं। दूरदराज के क्षेत्रों के वे बच्चे इससे सर्वाधिक लाभान्वित होंगे जिनके लिए स्कूल तक पहुँचना कठिन है।
क्या झारखंड सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी मदद कर रही है?
हाँ, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के अनुसार राज्य सरकार मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को कोटा के मोशन एजुकेशन संस्थान से जोड़कर विशेष कोचिंग उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य झारखंड के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
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