त्रिपुरा में स्कूल ड्रॉपआउट दर में बड़ी गिरावट, लड़कियों की शिक्षा पर फोकस रंग लाया: CM माणिक साहा
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 16 जून 2025 को अगरतला में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य में स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसका श्रेय सरकार की उन सतत शैक्षिक पहलों को दिया, जो विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने पर केंद्रित रही हैं।
साइकिल वितरण कार्यक्रम: पहल की झलक
इस वर्ष राज्य भर के विभिन्न स्कूलों में 9वीं कक्षा के छात्रों के बीच लगभग 41,800 साइकिलें वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र समय पर विद्यालय पहुँचें और कक्षाओं में नियमित उपस्थिति बनाए रखें।
साहा ने कहा, 'साइकिल वितरण से लड़कियों को और अधिक उत्साह के साथ पढ़ाई जारी रखने का प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल लड़कियों की शिक्षा को और मजबूत करने के लिए की गई है, और भविष्य में स्कूल शिक्षा विभाग के तहत ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।' गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साहा के पास प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रभार भी है।
महिला सशक्तिकरण: सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएँ राज्य की आबादी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा हैं, इसलिए उनके समग्र विकास और शिक्षा के अवसरों के विस्तार के लिए व्यापक पहल की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न का उल्लेख किया जिसमें महिलाओं के विकास एवं सशक्तिकरण को राष्ट्रीय प्रगति की अनिवार्य शर्त माना गया है।
साहा ने कहा, 'अगर लड़कियों को अवसर दिए जाएँ तो वे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर सकती हैं। एक प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए महिलाओं की सुरक्षा, कल्याण और सशक्तिकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।'
राजनीतिक भागीदारी में भी महिलाएँ आगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि त्रिपुरा की तीन-स्तरीय पंचायत व्यवस्था में महिला जन-प्रतिनिधियों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। इसी तरह, अगरतला नगर निगम और अन्य शहरी स्थानीय निकायों में भी निर्वाचित प्रतिनिधियों में लगभग आधी महिलाएँ हैं। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब कई राज्यों में स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधित्व अभी भी संघर्षरत है।
साहा ने कहा, 'राज्य में महिलाएँ अब अलग-अलग क्लबों, संगठनों और सामाजिक पहलों में सक्रिय रूप से शामिल हो रही हैं। हमारा लक्ष्य महिलाओं को और सशक्त बनाना और सभी क्षेत्रों में उनकी भागीदारी के लिए अधिक अवसर पैदा करना है।'
नशे के खिलाफ जागरूकता पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन के खतरों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यदि छात्रों के व्यवहार, आदतों या दिनचर्या में कोई असामान्य बदलाव दिखे, तो समय रहते हस्तक्षेप किया जाना चाहिए।
साहा ने छात्रों से 'विकसित त्रिपुरा' और 'विकसित भारत' के विज़न में शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से योगदान देने का आग्रह किया। कार्यक्रम में अगरतला नगर निगम के मेयर एवं विधायक दीपक मजूमदार, स्कूल शिक्षा सचिव मिलिंद रामटेके तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
आगे चलकर सरकार की योजना है कि इस तरह की शैक्षिक पहलें और विस्तार पाएँ, ताकि राज्य के हर कोने की बच्ची तक शिक्षा की रोशनी पहुँच सके।