त्रिपुरा ने प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को शून्य किया: मुख्यमंत्री माणिक साहा

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त्रिपुरा ने प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को शून्य किया: मुख्यमंत्री माणिक साहा

सारांश

त्रिपुरा मुख्यमंत्री माणिक साहा ने प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को जीरो करने की घोषणा की। यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता है, जो राज्य की शिक्षा नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

Key Takeaways

  • त्रिपुरा ने प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को जीरो किया है।
  • मुख्यमंत्री माणिक साहा की पहल और कार्यक्रमों ने इस उपलब्धि में योगदान दिया।
  • बच्चों के समग्र विकास के लिए 'सहर्ष त्रिपुरा' कार्यक्रम शुरू किया गया है।
  • सरकार छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण और हॉस्टल सुविधाएं प्रदान कर रही है।

अगरतला, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार को यह ऐलान किया कि राज्य ने प्राइमरी स्कूलों (कक्षा-१ से ५) में ड्रॉपआउट दर को शून्य कर दिया है। यह राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में अपने भाषण के दौरान कहा कि प्राथमिक शिक्षा विभाग के निरंतर प्रयासों और छात्र-केंद्रित कई पहलों के कार्यान्वयन ने इस सफलता को सुनिश्चित करने में मदद की है।

साहा ने बताया कि राज्य सरकार 'निपुण' भारत मिशन की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, साथ ही 'सहर्ष त्रिपुरा' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जो बच्चों के सामाजिक, भावनात्मक और समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करता है।

उन्होंने कहा कि छात्रों की सहायता और ड्रॉपआउट को रोकने के लिए कई उपाय लागू किए जा रहे हैं। इन उपायों में सीखने में मदद करने वाली सामग्री और खेल का सामान वितरण, डिजिटल लर्निंग की पहल और हर स्कूल में लाइब्रेरी की स्थापना शामिल है।

प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, छात्रों की उपस्थिति और संभावित ड्रॉपआउट को यू-डीआईएसई के माध्यम से ट्रैक किया जाता है। सरकार स्कूल से बाहर रह गए बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण और दूरदराज के इलाकों से आने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा भी मुहैया करवा रही है।

अतिरिक्त सहायता उपायों में स्कूलों में अलग शौचालयों का निर्माण, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए वजीफा, नियमित शिक्षक-अभिभावक बैठकें और मुफ्त वर्दी तथा पाठ्यपुस्तकों का प्रावधान शामिल है।

साहा ने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया है कि त्रिपुरा का हर बच्चा प्राइमरी शिक्षा से जुड़े रहे।

इस बीच, दिन में इससे पहले, मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा विधानसभा के नए स्पीकर के तौर पर राम पादा जमातिया के निर्विरोध चुने जाने पर उन्हें बधाई दी।

पिछले साल २६ दिसंबर को मौजूदा स्पीकर बिस्व बंधु सेन के निधन के बाद यह चुनाव आवश्यक हो गया था। चार बार विधायक रहे सेन का ७२ वर्ष की आयु में बेंगलुरु के एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हो गया। वे साढ़े चार महीने से अधिक समय से उपचाराधीन थे।

साहा ने इस क्षण को विधानसभा के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जमातिया का निर्विरोध चुनाव उनके नेतृत्व में व्यापक विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने नए अध्यक्ष के हिंदी में दिए गए संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि इससे सदन के माहौल में एक ताजगी भरा बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें ऐसे सक्षम अध्यक्ष पाकर बेहद खुशी है। विधानसभा निष्पक्षता और लोकतंत्र का केंद्र है, जहां राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।"

साहा ने विश्वास व्यक्त किया कि जमातिया निष्पक्षता और दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगी।

उन्होंने व्यक्तिगत रूप से और सदन के नेता के रूप में बधाई दी और आशा व्यक्त की कि त्रिपुरा में लोकतांत्रिक मूल्यों में योगदान और विशिष्टता के लिए नए अध्यक्ष का कार्यकाल याद किया जाएगा।

Point of View

तो बच्चों की शिक्षा में सुधार संभव है। यह कदम न केवल बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे राज्य की शिक्षा प्रणाली के लिए एक सकारात्मक संकेतक है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

त्रिपुरा में प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कैसे कम हुई?
मुख्यमंत्री माणिक साहा के अनुसार, राज्य में विभिन्न छात्र-केंद्रित पहलों और निरंतर प्रयासों के कारण ड्रॉपआउट दर को शून्य किया गया है।
'निपुण' भारत मिशन क्या है?
'निपुण' भारत मिशन एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा और कौशल को विकसित करना है।
सरकार द्वारा छात्रों के लिए कौन सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं?
सरकार छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण, हॉस्टल की सुविधा, और अन्य सहायता उपायों का प्रावधान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कौन से नए कार्यक्रमों की घोषणा की है?
मुख्यमंत्री ने 'सहर्ष त्रिपुरा' कार्यक्रम की शुरुआत की है, जो बच्चों के समग्र विकास पर केंद्रित है।
त्रिपुरा की शिक्षा प्रणाली में यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है?
यह उपलब्धि बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करने और राज्य की शिक्षा प्रणाली के सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।
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