त्रिपुरा CM माणिक साहा ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र, अगरतला में 4 स्कूलों की रखी आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को अगरतला स्थित पीएम-श्री एडी नगर इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों से एकाग्रता और समर्पण के साथ पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के कड़े प्रतिस्पर्धी दौर में ज्ञान अर्जन और लगन ही सफलता की असली कुंजी है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री साहा ने इस अवसर पर कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। एक केंद्रीय 'भूमि पूजन' समारोह के माध्यम से नेताजी सुभाष विद्यानिकेतन, बाराडोवाली बारहवीं कक्षा स्कूल, हापानिया बारहवीं कक्षा स्कूल और चारीपारा बारहवीं कक्षा स्कूल के लिए बुनियादी ढाँचा विकास कार्यों की नींव रखी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साहा ने कहा, "एकाग्रता सफलता की सीढ़ी है। कोई व्यक्ति जितना अधिक अध्ययन करता है और अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहता है, उतना ही अधिक ज्ञान प्राप्त कर पाता है।" उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
डिजिटल शिक्षा की नई पहल
साहा, जो प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रभार भी संभालते हैं, ने राज्य के विभिन्न जिलों के 240 दूरदराज के स्कूलों के लिए विश्लेषण-आधारित इंटरैक्टिव वर्चुअल क्लासरूम तैयार करने हेतु एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इसके अलावा, स्कूल शिक्षा विभाग की पहल के तहत अगरतला नगर निगम क्षेत्र में भूमि के नक्शों के डिजिटलीकरण की भी शुरुआत की गई। यह कदम राज्य में शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक छात्र को स्कूल में हर तरह की सुविधा और सुरक्षा मिले। इसके लिए संबंधित विभाग को राज्य के हर स्कूल में बाउंड्री वॉल, पीने के पानी की सुविधा, बेंच, मिड-डे मील और शौचालय की स्थिति की नवीनतम जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया गया है। जानकारी संकलित होने के बाद सरकार समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
सरकार ने भविष्य में बाराडोवाली हायर सेकेंडरी स्कूल को एक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य भी रखा है।
परीक्षा पे चर्चा और मानसिक स्वास्थ्य
साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र परीक्षा के दबाव में अत्यधिक तनाव और थकान का शिकार न हों। उन्होंने जोड़ा कि मजबूत मानसिक सोच और आत्मविश्वास ही किसी विद्यार्थी को भविष्य में आगे ले जाते हैं।
आगे की राह
त्रिपुरा सरकार की यह पहल राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के एक साथ विस्तार की नीति को दर्शाती है। 240 स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम का पायलट प्रोजेक्ट और भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण — दोनों मिलकर राज्य की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस कदम हैं।