2029 में राहुल गांधी होंगे PM: रेवंत रेड्डी का दावा, जेन जी को कैबिनेट में मंत्री बनाने की करेंगे कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 26 जुलाई 2026 को पूरे विश्वास के साथ कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि राहुल गांधी की भावी कैबिनेट में 'जेन जी' (Gen Z) पीढ़ी के नेताओं को शिक्षा और कौशल विकास जैसे अहम मंत्रालय सौंपे जाएँ।
मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
रेवंत रेड्डी ने एक साक्षात्कार में कहा, 'इसमें कोई शक नहीं है कि 2029 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने वाले हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी इच्छा है कि आने वाली सरकार की कैबिनेट में जेन जी पीढ़ी के युवा चेहरे शिक्षा मंत्री और स्किल डेवलपमेंट मंत्री के रूप में जगह पाएँ। उन्होंने कहा, 'इसकी मैं कोशिश करूँगा।'
इंडिया अलायंस और दिल्ली के निर्देशों का इंतज़ार
इंडिया अलायंस की बैठक के एजेंडे पर पूछे गए सवाल पर रेवंत रेड्डी ने कहा कि इस विषय पर राष्ट्रीय और दिल्ली स्तर पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि अभी तक दिल्ली से कोई निर्देश नहीं मिला है और आदेश मिलने के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी। यह बयान इंडिया अलायंस के भीतर केंद्रीकृत निर्णय प्रक्रिया की ओर इशारा करता है।
दिल्ली हिंसा पर गृह मंत्री को घेरा
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कानून व्यवस्था गृह मंत्री अमित शाह के अधिकार क्षेत्र में आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज, गोलियाँ, छर्रे और आँसू गैस सहित हर तरह के बलप्रयोग का सहारा लिया है, इसलिए गृह मंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।
तेलंगाना के इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
राज्य के विकास एजेंडे पर बात करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि रीजनल रिंग रोड, मेट्रो रेल, मूसी नदी पुनर्विकास, आदिलाबाद एयरपोर्ट और बुलेट ट्रेन अलाइनमेंट जैसी परियोजनाओं पर काम जारी है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकांश पर 80 से 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अंतिम फैसले के बाद कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
विकसित भारत 2047 में तेलंगाना की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भारत 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य तक पहुँचना चाहता है और 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना चाहता है, तो तेलंगाना उसमें 10 प्रतिशत का योगदान देने में सक्षम है। उन्होंने गुजरात से तुलना करते हुए कहा कि हैदराबाद और गुजरात की विकास यात्राएँ अलग-अलग हैं और उन्हें एक ही नज़रिए से नहीं देखा जा सकता। उनका मानना है कि जब हर राज्य की तरक्की होगी, तभी देश विकसित भारत का सपना साकार कर सकेगा।