राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: जम्मू-कश्मीर के 4 जिलों में 'रन फॉर यूनिटी', युवाओं ने ली एकता की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के अवसर पर 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के जम्मू, डोडा, शोपियां और सांबा जिलों में 'रन फॉर यूनिटी' सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित इन आयोजनों में पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, एनसीसी कैडेट्स, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता, अनुशासन और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया।
मुख्य घटनाक्रम
जम्मू में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डोडा में जिला पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर एकता दौड़ का आयोजन हुआ, जिसमें डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिक श्रोत्रिय ने कहा कि यह दिन भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है तथा इसे देश के लौह पुरुष की स्मृति में मनाया जाता है।
एसएसपी श्रोत्रिय ने लोगों से अपील की कि वे प्रत्येक तहसील और पुलिस स्टेशन स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुँचाना इस दिन का मूल उद्देश्य है।
शोपियां और सांबा में आयोजन
शोपियां में जिला पुलिस लाइन्स परिसर में 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया गया। शोपियां के एसएसपी, उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, विद्यार्थी और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने सम्मिलित होकर देश की एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।
सांबा में एसएसपी अनुज कुमार ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती पर देशभर में राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 'रन फॉर यूनिटी' में विभिन्न राज्यों और गांवों के युवाओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। सांबा के एसएसपी ने युवाओं से अपील की कि वे सरदार पटेल के दिखाए मार्ग पर चलते हुए देश और समाज को मजबूत बनाने में योगदान दें।
एनसीसी निदेशालय का संदेश
एनसीसी निदेशालय (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल अनूपिंदर बेवली (वीएसएम) ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को एनसीसी के आदर्श वाक्य 'एकता और अनुशासन' को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आदर्श वाक्य केवल एनसीसी तक सीमित नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए प्रासंगिक है।
मेजर जनरल बेवली ने यह भी कहा कि यदि देशवासी बिना किसी बाहरी दबाव के अपने दैनिक जीवन में अनुशासन का पालन करें और एकजुट रहें, तो भारत तीव्र गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर, जो हाल के वर्षों में विशेष राज्य का दर्जा समाप्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बना है, वहाँ इस प्रकार के एकता कार्यक्रमों का विशेष महत्व है। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सामाजिक समरसता और युवाओं की मुख्यधारा में भागीदारी को बढ़ावा देने पर प्रशासनिक बल दिया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को एकता, भाईचारे और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय एकता दिवस प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। 'रन फॉर यूनिटी' की शुरुआत 2014 में हुई थी और तब से यह देशभर में राष्ट्रीय भावना को जीवंत रखने का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है।