जेमिमा रोड्रिग्स को वनडे विश्व कप 2025 फाइनल से पहले सचिन तेंदुलकर की सलाह: 'शतक भूलो, जीरो से शुरू करो'
सारांश
मुख्य बातें
जेमिमा रोड्रिग्स ने खुलासा किया है कि वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल से पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उनके कोच प्रशांत शेट्टी को फोन कर एक अहम संदेश दिया था — सेमीफाइनल की शतकीय पारी को भूल जाओ और फाइनल में शून्य से शुरुआत करो। इस सलाह ने जेमिमा को मानसिक रूप से फाइनल के लिए नए सिरे से तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
सचिन का संदेश और उसका असर
जेमिमा ने जियोस्टार पर दिए एक साक्षात्कार में बताया, 'सचिन सर ने मेरे कोच प्रशांत शेट्टी को फोन किया। उन्होंने कोच से कहा कि वे मुझे बताएं कि वे समझते हैं कि पिछले कुछ दिन मेरे लिए बहुत अहम रहे हैं — सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी पारी खेलना और उन्हें हराने की खुशी। लेकिन उन्होंने मुझे याद दिलाया कि काम अभी खत्म नहीं हुआ है। हमें अभी फाइनल जीतना है।'
रोड्रिग्स ने आगे कहा, 'तेंदुलकर ने कहा कि उस पारी को भूलने की कोशिश करो और जीरो से शुरुआत करो। उस संदेश ने मुझे अपना मन फिर से तैयार करने में बहुत मदद की। मुझे समझ आया कि आपने पहले क्या किया है, उससे अगला मैच नहीं जीता जाता।'
ऐतिहासिक सेमीफाइनल पारी
वनडे विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के दिए 339 रन के लक्ष्य को 48.3 ओवर में 5 विकेट पर 341 रन बनाकर हासिल किया था। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरीं जेमिमा रोड्रिग्स ने 134 गेंदों पर 14 चौकों की मदद से 127 रन की नाबाद पारी खेली, जो इस जीत की रीढ़ बनी।
गौरतलब है कि यह भारतीय महिला टीम के लिए एक रिकॉर्ड चेज़ था और जेमिमा की इसी पारी ने टीम को फाइनल की दहलीज़ तक पहुँचाया। यह ऐसे समय में आया जब भारतीय महिला क्रिकेट अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में है।
फाइनल में प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए फाइनल में जेमिमा रोड्रिग्स ने 24 रन बनाए। सेमीफाइनल की तुलना में यह आँकड़ा भले ही छोटा लगे, लेकिन मानसिक तैयारी और 'जीरो से शुरुआत' की मानसिकता का असर उनके खेल में स्पष्ट दिखा।
एक महान खिलाड़ी की विरासत
सचिन तेंदुलकर का यह कदम उनकी क्रिकेट के प्रति गहरी समझ और अगली पीढ़ी को मार्गदर्शन देने की भावना को दर्शाता है। यह पहली बार नहीं है जब तेंदुलकर ने युवा क्रिकेटरों को बड़े मौकों पर मानसिक रूप से तैयार करने में मदद की हो। जेमिमा ने इस सलाह को 'एक महान खिलाड़ी की वह बात जिसने फाइनल से पहले मुझे बहुत स्पष्टता दी' बताया।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यह विश्व कप अभियान आने वाले वर्षों में एक प्रेरणादायक अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, और जेमिमा-सचिन का यह किस्सा उसका एक अहम हिस्सा बन गया है।