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क्या सदानंद दाते ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया?

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क्या सदानंद दाते ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया?

सारांश

आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया। रश्मि शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के बाद, dgp बनने के साथ दाते की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत हुई। जानें उनके अनुभव और नेतृत्व के बारे में।

मुख्य बातें

सदानंद दाते ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया।
उन्हें पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया है।
दाते का अनुभव महाराष्ट्र पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने मुंबई आतंकी हमलों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया है।

मुंबई, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया। रश्मि शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने औपचारिक रूप से महाराष्ट्र के नए डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण किया।

दाते को उनकी सेवानिवृत्ति तिथि के बावजूद दो साल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है। वे अगले साल दिसंबर में 60 वर्ष के हो जाएंगे। डीजीपी कार्यालय ने एक पोस्ट में कहा कि उनके नेतृत्व और अनुभव से महाराष्ट्र पुलिस बल और भी अधिक सक्षम बनेगा।

राज्य सरकार ने 31 दिसंबर को एक आदेश जारी कर पूर्व राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक दाते को महाराष्ट्र का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दो साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त करने की घोषणा की थी।

सरकारी आदेश के अनुसार, दाते को उनकी सेवानिवृत्ति तिथि के बावजूद दो साल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है।

दाते मार्च 2024 तक महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख थे, जिसके बाद वे भारत की आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए का नेतृत्व करने के लिए नई दिल्ली चले गए।

राज्य सरकार के अनुरोध पर उन्हें दो सप्ताह पहले महाराष्ट्र वापस भेज दिया गया था, क्योंकि सरकार उन्हें राज्य का डीजीपी नियुक्त करना चाहती थी।

26 नवंबर, 2008 को मुंबई आतंकी हमलों के दौरान, दाते अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य क्षेत्र) के पद पर कार्यरत थे।

उन्होंने पुलिस टीम का नेतृत्व किया था जिसने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों अजमल कसाब और अबू इस्माइल को कामा अस्पताल की छत पर घेर लिया था। ग्रेनेड के छर्रों से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने आतंकवादियों से मुकाबला जारी रखा।

बाद में उन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।

उन्होंने मुंबई पुलिस में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था और अपराध), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में डीआईजी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में आईजी (ऑपरेशन) के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सदानंद दाते की नियुक्ति से महाराष्ट्र पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार होगा। उनके अनुभव और नेतृत्व की आवश्यकता है, खासकर इस समय जब राज्य सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सदानंद दाते कौन हैं?
सदानंद दाते एक 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो हाल ही में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक बने हैं।
दाते ने कब पदभार ग्रहण किया?
उन्होंने 3 जनवरी 2024 को पदभार ग्रहण किया।
दाते की नियुक्ति का कारण क्या है?
उनकी नियुक्ति उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमताओं के कारण की गई है।
दाते पहले किस पद पर कार्यरत थे?
वे पूर्व में महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख थे।
दाते को किस सम्मान से नवाजा गया है?
उन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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