साधु यादव ने नीतीश कुमार को दी सलाह, कहा- यह लोहिया और कर्पूरी ठाकुर का समय नहीं है
सारांश
Key Takeaways
- साधु यादव ने नीतीश कुमार को सलाह दी कि यह लोहिया और कर्पूरी ठाकुर का दौर नहीं है।
- निशांत कुमार के भविष्य को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
- जदयू की ओर से निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग हो रही है।
- बिहार में राज्यसभा चुनावों की चर्चा जारी है।
- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ चल रही हैं।
पटना, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्व सांसद साधु यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार के भविष्य को लेकर सलाह देते हुए कहा कि यह समय लोहिया और कर्पूरी ठाकुर का नहीं है। यदि उन्हें अपने बेटे को कुछ बनाना है तो उन्हें अभी इसे करना चाहिए, क्योंकि भविष्य में यह सुनिश्चित नहीं है कि निशांत कुमार को कुछ हासिल होगा या नहीं।
साधु यादव का यह बयान उस समय आया है जब जदयू की ओर से निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई जा रही है। बिहार में सम्राट मॉडल और नीतीश मॉडल पर भी चर्चा तेज हो गई है। इस संदर्भ में जदयू नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार का विकास मॉडल निशांत कुमार आगे बढ़ा सकते हैं।
हालांकि, एनडीए नेताओं का कहना है कि बिहार में नीतीश कुमार का मॉडल ही लागू रहेगा और अगली सरकार भी इसी मॉडल को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।
पूर्व सांसद साधु यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के पास अभी यह अवसर है कि यदि उन्हें निशांत को कुछ बनाना है तो उन्हें इसे अपने सामने करना चाहिए।
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर महागठबंधन की हार और तेजस्वी यादव के कोलकाता दौरे को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी द्वारा उठाए गए सवाल पर साधु यादव ने कहा कि यदि सब लोग पार्टी में हैं, तो कहना स्वाभाविक है।
राज्यसभा चुनाव के दौरान राजद के एक विधायक द्वारा वोट न डालने पर साधु यादव ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि भाजपा ने यहाँ पांचवां उम्मीदवार देकर गलती की है। विपक्ष के पास पांचवीं सीट के लिए बहुमत था, लेकिन एनडीए ने जबरदस्ती की है।
तेजप्रताप यादव के भक्ति भाव को लेकर साधु यादव ने कहा कि यह अच्छी बात है और सभी को अपनी-अपनी भक्ति में रहना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर साधु यादव ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में थीं, हैं और रहेंगी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। दो चरणों में 294 सीटों पर मतदान कराया जाएगा और इसके बाद 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।