जदयू को बचाना है तो निशांत कुमार को नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी बनाएं: पप्पू यादव
सारांश
Key Takeaways
- पप्पू यादव ने निशांत कुमार को बिहार का अगला नेता बनाने का समर्थन किया।
- नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर सवाल उठाए गए।
- जनता ने नीतीश कुमार को धोखा नहीं दिया, बल्कि नेताओं ने जनता को धोखा दिया है।
- जदयू को सुरक्षित रखने के लिए निशांत से बेहतर चेहरा नहीं हो सकता।
- भाजपा पर जनता के साथ वादाखिलाफी का आरोप।
नई दिल्ली, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने कहा है कि आगे निशांत कुमार को बिहार की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। पप्पू यादव का मानना है कि जदयू को बचाने के लिए निशांत से बेहतर चेहरा कोई नहीं हो सकता।
पप्पू यादव ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "कार्यकर्ता हमेशा नीतीश कुमार के साथ रहे हैं। बिहार की जनता ने भी उनका समर्थन किया है, तो ऐसा धोखा क्यों?"
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "नीतीश कुमार को इतनी जल्दबाजी क्यों थी? होली के दिन एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और दुश्मनों को भी दोस्त बना लेते हैं। क्या ऐसा कोई भारत-पाकिस्तान युद्ध चल रहा था कि आपको होली के अवसर पर अपना निर्णय लेना था? नीतीश कुमार पहले से अस्वस्थ थे, तो फिर उन्हें मुख्यमंत्री क्यों बनाया गया? क्या यह डील पहले से तय थी?"
उन्होंने स्पष्ट किया, "जनता कल नीतीश कुमार से सवाल कर सकती है कि हमने आपको मैंडेट दिया था, आपने किसी और को कैसे बना दिया? नीतीश कुमार से मेरा अनुरोध है कि जब जनता ने आपको दूल्हा बनाया है, तो आप इसे क्यों ट्रांसफर कर रहे हैं?"
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार को धोखा नहीं दिया, बल्कि नेताओं ने जनता और कार्यकर्ताओं को धोखा दिया है। जदयू के अंदर ही आस्तीन का सांप था। इस दौरान, पप्पू यादव ने कहा, "नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत या जदयू के किसी सक्षम नेता को मुख्यमंत्री बनाएं। अगर जदयू को सुरक्षित रखना है, तो निशांत से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।"
पप्पू यादव ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा, "बिहार में एनडीए को नीतीश कुमार के नाम पर समर्थन मिला, लेकिन भाजपा ने जनता के साथ वादाखिलाफी कैसे की? मेरा मानना है कि निशांत को मुख्यमंत्री बनना चाहिए। इससे नीतीश कुमार के चेहरे को जनादेश के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा और सहयोगी दल को धोखा न देने के लिए भाजपा की छवि भी बची रहेगी।"