14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

साध्वी निरंजन ज्योति ने अयोध्या में रामलला के किए दर्शन, दुर्गा मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण में हुईं शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
साध्वी निरंजन ज्योति ने अयोध्या में रामलला के किए दर्शन, दुर्गा मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण में हुईं शामिल

सारांश

भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने 29 मई को अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर परिसर के दुर्गा मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण में भाग लिया। उन्होंने कहा कि वे 45 वर्षों से इस पवित्र भूमि से जुड़ी हैं। देशभर से दुर्गा वाहिनी की टीमें इस भव्य धार्मिक आयोजन में शामिल हुईं।

मुख्य बातें

साध्वी निरंजन ज्योति ने 29 मई 2026 को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन किए।
राम मंदिर परिसर के परिक्रमा क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर के शिखर पर मां भगवती का ध्वज फहराया गया।
साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि वे 45 वर्षों से रामलला की जन्मभूमि से जुड़ी हैं।
देशभर से दुर्गा वाहिनी की टीमें और महिला प्रतिनिधि इस आयोजन में सम्मिलित हुईं।
साध्वी राज लक्ष्मी मांडा ने भी कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने 29 मई 2026 को अयोध्या धाम पहुँचकर रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर परिसर के परिक्रमा क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर के शिखर पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लिया। इस भव्य धार्मिक आयोजन में देशभर से दुर्गा वाहिनी की टीमें और महिला प्रतिनिधि शामिल हुईं।

कार्यक्रम का स्वरूप और आयोजन

शुक्रवार को राम मंदिर परिसर के परिक्रमा क्षेत्र में स्थित दुर्गा मंदिर के शिखर पर मां भगवती का ध्वज फहराया गया। यह आयोजन भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें महिला प्रतिनिधियों ने धार्मिक नारों और जयकारों के साथ सहभागिता की। देश के कोने-कोने से दुर्गा वाहिनी की टीमें इस विशेष अवसर पर अयोध्या पहुँची थीं।

साध्वी निरंजन ज्योति की प्रतिक्रिया

अयोध्या पहुँचने पर साध्वी निरंजन ज्योति ने इस अवसर को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'मैं पिछले 45 सालों से इस पावन और पवित्र भूमि रामलला की जन्मभूमि से जुड़ी हुई हूँ। राम मंदिर आंदोलन से लेकर आज तक का सफर मैंने बहुत करीब से देखा है। यहाँ आकर रामलला का दर्शन करना हमेशा विशेष अनुभव देता है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गा मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराना उनके लिए भावुक करने वाला क्षण रहा।

अन्य प्रतिभागियों की भावनाएँ

साध्वी राज लक्ष्मी मांडा ने भी इस आयोजन को ऐतिहासिक करार देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'यह आयोजन बेहद अद्भुत लग रहा है और हम सभी यहाँ एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं। देशभर से दुर्गा वाहिनी की टीमें मां भगवती का ध्वज फहराने यहाँ पहुँची हैं।' श्रद्धालुओं में भी इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

अयोध्या का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

गौरतलब है कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से अयोध्या में इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कार्यक्रम अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करता है। आने वाले समय में भी इस तरह के धार्मिक आयोजन अयोध्या को देश की आस्था की केंद्रभूमि के रूप में स्थापित करते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस तीर्थस्थल के सांस्कृतिक पुनरुद्धार और राजनीतिक प्रतीकात्मकता दोनों को दर्शाती है। साध्वी निरंजन ज्योति जैसे भाजपा नेताओं की नियमित उपस्थिति यह संकेत देती है कि अयोध्या अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने का भी मंच बन चुकी है। दुर्गा वाहिनी जैसे संगठनों की देशव्यापी भागीदारी इस आयोजन को स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर पर ले जाती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये आयोजन अयोध्या में पर्यटन और आर्थिक विकास के वादों को भी उतनी ही गति दे पाते हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साध्वी निरंजन ज्योति अयोध्या किस कार्यक्रम में शामिल हुईं?
साध्वी निरंजन ज्योति 29 मई 2026 को अयोध्या धाम में राम मंदिर परिसर के परिक्रमा क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर के शिखर पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने रामलला के दर्शन भी किए।
राम मंदिर परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम दुर्गा वाहिनी द्वारा राम मंदिर परिसर के दुर्गा मंदिर के शिखर पर मां भगवती का ध्वज फहराने के लिए आयोजित किया गया था। देशभर से दुर्गा वाहिनी की टीमें और महिला प्रतिनिधि इसमें सम्मिलित हुईं।
साध्वी निरंजन ज्योति का अयोध्या से कितने वर्षों का संबंध है?
साध्वी निरंजन ज्योति के अनुसार वे पिछले 45 वर्षों से रामलला की जन्मभूमि अयोध्या से जुड़ी हैं। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक के पूरे सफर को करीब से देखा है।
इस ध्वजारोहण कार्यक्रम में और कौन-कौन शामिल हुए?
साध्वी निरंजन ज्योति के अलावा साध्वी राज लक्ष्मी मांडा और देशभर से आई दुर्गा वाहिनी की टीमें तथा महिला प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। साध्वी राज लक्ष्मी मांडा ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बताया।
अयोध्या में राम मंदिर परिसर के धार्मिक आयोजनों का क्या महत्व है?
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से अयोध्या धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस प्रकार के कार्यक्रम अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करते हैं और देशभर के श्रद्धालुओं को एकजुट करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले