साध्वी निरंजन ज्योति ने अयोध्या में रामलला के किए दर्शन, दुर्गा मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण में हुईं शामिल
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने 29 मई 2026 को अयोध्या धाम पहुँचकर रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर परिसर के परिक्रमा क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर के शिखर पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लिया। इस भव्य धार्मिक आयोजन में देशभर से दुर्गा वाहिनी की टीमें और महिला प्रतिनिधि शामिल हुईं।
कार्यक्रम का स्वरूप और आयोजन
शुक्रवार को राम मंदिर परिसर के परिक्रमा क्षेत्र में स्थित दुर्गा मंदिर के शिखर पर मां भगवती का ध्वज फहराया गया। यह आयोजन भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें महिला प्रतिनिधियों ने धार्मिक नारों और जयकारों के साथ सहभागिता की। देश के कोने-कोने से दुर्गा वाहिनी की टीमें इस विशेष अवसर पर अयोध्या पहुँची थीं।
साध्वी निरंजन ज्योति की प्रतिक्रिया
अयोध्या पहुँचने पर साध्वी निरंजन ज्योति ने इस अवसर को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'मैं पिछले 45 सालों से इस पावन और पवित्र भूमि रामलला की जन्मभूमि से जुड़ी हुई हूँ। राम मंदिर आंदोलन से लेकर आज तक का सफर मैंने बहुत करीब से देखा है। यहाँ आकर रामलला का दर्शन करना हमेशा विशेष अनुभव देता है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गा मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराना उनके लिए भावुक करने वाला क्षण रहा।
अन्य प्रतिभागियों की भावनाएँ
साध्वी राज लक्ष्मी मांडा ने भी इस आयोजन को ऐतिहासिक करार देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'यह आयोजन बेहद अद्भुत लग रहा है और हम सभी यहाँ एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं। देशभर से दुर्गा वाहिनी की टीमें मां भगवती का ध्वज फहराने यहाँ पहुँची हैं।' श्रद्धालुओं में भी इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
अयोध्या का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
गौरतलब है कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से अयोध्या में इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कार्यक्रम अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करता है। आने वाले समय में भी इस तरह के धार्मिक आयोजन अयोध्या को देश की आस्था की केंद्रभूमि के रूप में स्थापित करते रहेंगे।