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सागर कवच अभ्यास: महाराष्ट्र-गोवा तट पर 4,800 से अधिक कर्मियों ने परखी तटीय सुरक्षा

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सागर कवच अभ्यास: महाराष्ट्र-गोवा तट पर 4,800 से अधिक कर्मियों ने परखी तटीय सुरक्षा

सारांश

महाराष्ट्र-गोवा तट पर 4,800 से अधिक कर्मियों के साथ सागर कवच अभ्यास — और रामेश्वरम में 120 किग्रा अवैध समुद्री कुकुंबर की बरामदगी — यह दिखाता है कि भारतीय तटरक्षक बल की नज़र अब केवल बड़े खतरों पर नहीं, बल्कि समुद्री तस्करी के छोटे-छोटे नेटवर्क पर भी है।

मुख्य बातें

भारतीय तटरक्षक बल ने महाराष्ट्र और गोवा के तट पर दो दिवसीय 'सागर कवच' तटीय सुरक्षा अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न किया।
अभ्यास में 4,800 से अधिक सुरक्षाकर्मी, समुद्री जहाज़ और विमान शामिल रहे।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और तटरक्षक बल की त्वरित प्रतिक्रिया टीम का संयुक्त अभियान भी प्रदर्शित किया गया।
रामेश्वरम के निकट उचिपुली तट पर तटरक्षक पोत सी-435 ने 120 किलोग्राम अवैध समुद्री कुकुंबर की छह बोरियाँ बरामद कीं।
बरामद सामग्री वन विभाग को सौंपी गई; आगे की जाँच जारी है।

भारतीय तटरक्षक बल ने महाराष्ट्र और गोवा के तट पर 'सागर कवच' नामक संयुक्त तटीय सुरक्षा अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसमें 4,800 से अधिक सुरक्षाकर्मियों, समुद्री जहाजों और विमानों ने भाग लिया। यह दो दिवसीय अभ्यास देश की बहुस्तरीय तटीय सुरक्षा व्यवस्था की परिचालन तैयारी को परखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इसी दौरान रामेश्वरम के निकट एक अलग अभियान में तटरक्षक बल ने 120 किलोग्राम अवैध समुद्री कुकुंबर भी बरामद किया।

अभ्यास का स्वरूप और उद्देश्य

भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, सागर कवच अभ्यास के तहत समुद्र के रास्ते संदिग्ध घुसपैठ जैसी परिस्थितियाँ कृत्रिम रूप से तैयार की गईं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इन परिदृश्यों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीतिक अभ्यास किया। इसका मुख्य लक्ष्य एजेंसियों के बीच समन्वय की क्षमता और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल प्रतिक्रिया की दक्षता को मापना था।

वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों दिन अभ्यास की निगरानी और समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और भारतीय तटरक्षक बल की त्वरित प्रतिक्रिया टीम का संयुक्त अभियान प्रत्यक्ष देखा। इसके बाद समुद्री निगरानी अभियान का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें एजेंसियों के बीच समन्वय की तेज़ी उजागर हुई।

मुख्य घटनाक्रम

अभ्यास में जहाजों, विमानों और कई सुरक्षा एजेंसियों की एकसाथ भागीदारी ने बहुस्तरीय तटीय सुरक्षा मॉडल को व्यावहारिक परीक्षण में उतारा। गौरतलब है कि 26/11 मुंबई हमले (2008) के बाद से भारत ने तटीय निगरानी ढाँचे को लगातार मजबूत किया है, और सागर कवच जैसे अभ्यास उसी दिशा में नियमित कड़ी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय सतर्कता बढ़ी हुई है।

रामेश्वरम में अवैध समुद्री कुकुंबर की बरामदगी

रामेश्वरम के पास उचिपुली समुद्र तट पर संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर भारतीय तटरक्षक पोत सी-435 ने तत्काल जाँच दल भेजा। तलाशी के दौरान छह बोरियाँ बरामद की गईं, जिनमें लगभग 120 किलोग्राम अवैध समुद्री कुकुंबर पाया गया। यह कार्रवाई पंबन पुल के निकट समुद्री क्षेत्र में की गई।

बरामद प्रतिबंधित सामग्री को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है। समुद्री कुकुंबर (sea cucumber) पर भारत में व्यापार प्रतिबंधित है, क्योंकि यह समुद्री पारिस्थितिकी के लिए संवेदनशील प्रजाति है और इसकी तस्करी खाड़ी देशों व दक्षिण-पूर्व एशिया तक होती रही है।

आम जनता और समुद्री सुरक्षा पर असर

दोनों अभियानों ने स्पष्ट किया कि भारतीय तटरक्षक बल की दृष्टि अब केवल बड़े सुरक्षा खतरों तक सीमित नहीं है — तस्करी, अवैध मत्स्यन और पर्यावरण अपराध भी उसकी प्राथमिकता में हैं। मछुआरों और तटीय समुदायों के लिए यह संकेत है कि समुद्री क्षेत्र में निगरानी और कड़ी होगी।

क्या होगा आगे

वन विभाग की ओर से समुद्री कुकुंबर बरामदगी मामले में जाँच जारी है। इसके साथ ही भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ऐसे संयुक्त अभ्यास और तटीय गश्त भविष्य में और अधिक नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर मजबूती मिलती रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 26/11 के बाद बनी तटीय सुरक्षा संरचना की वास्तविक परीक्षा हैं — और उचिपुली में समुद्री कुकुंबर की बरामदगी बताती है कि तस्करी के छोटे नेटवर्क उतने ही सक्रिय हैं जितने बड़े खतरे। असली सवाल यह है कि क्या विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय अभ्यास की सीमाओं से बाहर, वास्तविक घटनाओं में उतनी ही तेज़ी से काम करता है। अभ्यासों की आवृत्ति और पैमाना तो बढ़ा है, लेकिन तटीय निगरानी में अभी भी 'लास्ट माइल' कमज़ोरियाँ हैं जिन पर सार्वजनिक जवाबदेही कम है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सागर कवच अभ्यास क्या है?
सागर कवच भारतीय तटरक्षक बल द्वारा आयोजित संयुक्त तटीय सुरक्षा अभ्यास है, जिसमें कई सुरक्षा एजेंसियाँ मिलकर समुद्री खतरों से निपटने की तैयारी परखती हैं। ताज़ा संस्करण महाराष्ट्र और गोवा के तट पर दो दिन चला और इसमें 4,800 से अधिक कर्मी शामिल रहे।
इस अभ्यास में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
अभ्यास में भारतीय तटरक्षक बल के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल थीं। सभी ने संयुक्त रणनीतिक परिदृश्यों में भाग लिया और समुद्री निगरानी का प्रदर्शन किया।
रामेश्वरम में क्या बरामद किया गया?
रामेश्वरम के पास उचिपुली समुद्र तट पर भारतीय तटरक्षक पोत सी-435 ने तलाशी में छह बोरियाँ बरामद कीं, जिनमें लगभग 120 किलोग्राम अवैध समुद्री कुकुंबर था। यह कार्रवाई पंबन पुल के निकट हुई और बरामद सामग्री वन विभाग को सौंप दी गई।
समुद्री कुकुंबर की तस्करी क्यों प्रतिबंधित है?
समुद्री कुकुंबर एक संवेदनशील समुद्री प्रजाति है और भारत में इसका व्यापार प्रतिबंधित है क्योंकि यह समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्त्वपूर्ण है। इसकी खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में ऊँची माँग के कारण तस्करी होती रही है।
सागर कवच अभ्यास का महत्त्व क्यों है?
2008 के 26/11 मुंबई हमले के बाद भारत ने तटीय सुरक्षा ढाँचे को व्यापक रूप से पुनर्गठित किया था। सागर कवच जैसे अभ्यास उसी ढाँचे की नियमित परीक्षा हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि बहुएजेंसी समन्वय वास्तविक खतरों के समय भी उतना ही प्रभावी हो।
राष्ट्र प्रेस
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