सागर कवच अभ्यास: महाराष्ट्र-गोवा तट पर 4,800 से अधिक कर्मियों ने परखी तटीय सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तटरक्षक बल ने महाराष्ट्र और गोवा के तट पर 'सागर कवच' नामक संयुक्त तटीय सुरक्षा अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसमें 4,800 से अधिक सुरक्षाकर्मियों, समुद्री जहाजों और विमानों ने भाग लिया। यह दो दिवसीय अभ्यास देश की बहुस्तरीय तटीय सुरक्षा व्यवस्था की परिचालन तैयारी को परखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इसी दौरान रामेश्वरम के निकट एक अलग अभियान में तटरक्षक बल ने 120 किलोग्राम अवैध समुद्री कुकुंबर भी बरामद किया।
अभ्यास का स्वरूप और उद्देश्य
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, सागर कवच अभ्यास के तहत समुद्र के रास्ते संदिग्ध घुसपैठ जैसी परिस्थितियाँ कृत्रिम रूप से तैयार की गईं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इन परिदृश्यों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीतिक अभ्यास किया। इसका मुख्य लक्ष्य एजेंसियों के बीच समन्वय की क्षमता और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल प्रतिक्रिया की दक्षता को मापना था।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों दिन अभ्यास की निगरानी और समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और भारतीय तटरक्षक बल की त्वरित प्रतिक्रिया टीम का संयुक्त अभियान प्रत्यक्ष देखा। इसके बाद समुद्री निगरानी अभियान का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें एजेंसियों के बीच समन्वय की तेज़ी उजागर हुई।
मुख्य घटनाक्रम
अभ्यास में जहाजों, विमानों और कई सुरक्षा एजेंसियों की एकसाथ भागीदारी ने बहुस्तरीय तटीय सुरक्षा मॉडल को व्यावहारिक परीक्षण में उतारा। गौरतलब है कि 26/11 मुंबई हमले (2008) के बाद से भारत ने तटीय निगरानी ढाँचे को लगातार मजबूत किया है, और सागर कवच जैसे अभ्यास उसी दिशा में नियमित कड़ी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय सतर्कता बढ़ी हुई है।
रामेश्वरम में अवैध समुद्री कुकुंबर की बरामदगी
रामेश्वरम के पास उचिपुली समुद्र तट पर संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर भारतीय तटरक्षक पोत सी-435 ने तत्काल जाँच दल भेजा। तलाशी के दौरान छह बोरियाँ बरामद की गईं, जिनमें लगभग 120 किलोग्राम अवैध समुद्री कुकुंबर पाया गया। यह कार्रवाई पंबन पुल के निकट समुद्री क्षेत्र में की गई।
बरामद प्रतिबंधित सामग्री को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है। समुद्री कुकुंबर (sea cucumber) पर भारत में व्यापार प्रतिबंधित है, क्योंकि यह समुद्री पारिस्थितिकी के लिए संवेदनशील प्रजाति है और इसकी तस्करी खाड़ी देशों व दक्षिण-पूर्व एशिया तक होती रही है।
आम जनता और समुद्री सुरक्षा पर असर
दोनों अभियानों ने स्पष्ट किया कि भारतीय तटरक्षक बल की दृष्टि अब केवल बड़े सुरक्षा खतरों तक सीमित नहीं है — तस्करी, अवैध मत्स्यन और पर्यावरण अपराध भी उसकी प्राथमिकता में हैं। मछुआरों और तटीय समुदायों के लिए यह संकेत है कि समुद्री क्षेत्र में निगरानी और कड़ी होगी।
क्या होगा आगे
वन विभाग की ओर से समुद्री कुकुंबर बरामदगी मामले में जाँच जारी है। इसके साथ ही भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ऐसे संयुक्त अभ्यास और तटीय गश्त भविष्य में और अधिक नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर मजबूती मिलती रहे।