इमरान खान विवाद: संजय राउत का सरकार पर तंज — 'कलाकारों को देश छोड़ने को कहने का अधिकार किसे?'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने 15 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित एक प्रेसवार्ता में अभिनेता इमरान खान को विदेशी नागरिक बताकर देश छोड़ने का निर्देश दिए जाने के मुद्दे पर सरकार की तीखी आलोचना की। राउत ने सवाल उठाया कि किसी कलाकार के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने मात्र से उसे देश से बाहर करने का अधिकार सरकार को कैसे मिल जाता है।
राउत का मुख्य सवाल
राउत ने कहा कि इमरान खान एक अभिनेता और कलाकार हैं, जो देश के युवाओं की आवाज बनकर एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके अनुसार, इससे घबराकर सरकार ने उन्हें विदेशी नागरिक करार देते हुए भारत छोड़ने का निर्देश दे दिया। राउत ने तर्क दिया, 'आखिर सरकार किसी कलाकार को देश छोड़ने का निर्देश देने वाली कौन होती है?'
बॉलीवुड और ध्रुव राठी का संदर्भ
राउत ने आगे कहा कि बॉलीवुड में भी कई ऐसे कलाकार हैं जो विदेशी नागरिक हैं — कुछ कनाडा, कुछ दुबई और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़े हैं। उनके अनुसार, यदि विदेशी नागरिकता के आधार पर कार्रवाई होनी है, तो ऐसे सभी लोगों की सूची बनाकर समान रूप से नियम लागू किया जाए।
यूट्यूबर ध्रुव राठी का उदाहरण देते हुए राउत ने कहा कि राठी भी एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और जर्मनी में रहते हैं — यानी वे भी विदेशी नागरिक हैं — फिर भी उन्हें देश छोड़ने को नहीं कहा गया। राउत के अनुसार यह दोहरा मानदंड सरकार के रुख पर सवाल खड़ा करता है।
शेख हसीना और भाजपा पर आरोप
राउत ने शेख हसीना का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार को सबसे पहले उन्हें देश से बाहर भेजना चाहिए, जिन्हें कथित तौर पर भारत में शरण दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विदेशी नागरिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कृपा से भारत में रह रहे हैं, जबकि असहमति जताने वाले कलाकारों को निशाना बनाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट और चुनाव याचिकाएँ
प्रेसवार्ता में राउत ने चुनाव संबंधी याचिकाओं पर भी बात की और सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल 11 याचिकाएँ दायर की गई हैं, जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ इंडी गठबंधन की 9 सहयोगी पार्टियाँ भी शामिल हैं।
राउत के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ दायर इन याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है और सुनवाई जल्द शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत के मुख्य न्यायाधीश और अदालत पर पूरा विश्वास है और वे उम्मीद करते हैं कि करोड़ों मतदाताओं को न्याय मिलेगा।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब विपक्ष सरकार पर असहमति को दबाने का आरोप लगाता रहा है। राउत की इस प्रेसवार्ता से राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं, विशेषकर कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विदेशी नागरिकता के मानदंडों को लेकर। सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।