क्या सपा नेता का 'यादव हैं पर हिंदू नहीं' वाला बयान देश को तोड़ने वाला है?
सारांश
Key Takeaways
- हिंदू विरोधी बयान की निंदा
- बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार
- राजनीतिक बयानबाजी का प्रभाव
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता शिवराज सिंह यादव द्वारा यादव को हिंदू नहीं बताने वाले बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, मंगलवार को शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने इस बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे हिंदू विरोधी और देश को तोड़ने वाला बताया।
संजय निरुपम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "सपा नेता ने कहा है कि वे यादव हैं, हिंदू नहीं। मेरा पहला सवाल सपा प्रमुख अखिलेश यादव से है कि क्या वे अपने पार्टी के नेता के इस बयान से सहमत हैं? यदि वे सहमत हैं, तो उन्हें भगवान कृष्ण को अपना भगवान मानने का कोई अधिकार नहीं है। यदुवंश के राजा विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण हिंदुओं के आराध्य देव हैं। यदि कोई ऐसा कहता है, तो वह भगवान कृष्ण को भी नहीं मानता। निश्चित रूप से इससे अधिक खतरनाक हिंदू विरोधी और देश को तोड़ने वाला बयान नहीं हो सकता है। मैं इसकी निंदा करता हूं।"
निरुपम ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की ओर इशारा करते हुए कहा, "सभी को ज्ञात है कि पिछले चार सप्ताह में चार हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। कल एक और हिंदू की हत्या हुई। वहां पर मॉब लिंचिंग हो रही है। जिस बांग्लादेश को हमने बसाया, उसके लोग कट्टरपंथी और जिहादी मुसलमानों के दबाव में आकर भारत और हिंदू विरोधी अभियान चला रहे हैं। बांग्लादेश को इस कृत्य की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।"
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "मेरी बांग्लादेश सरकार से अपील है कि जितना जल्दी हो सके, वे अपने देश के कट्टरपंथी और जिहादी संगठनों पर नियंत्रण स्थापित करें। यदि ऐसा नहीं होता है, तो आने वाले समय में भारत सरकार को दखलअंदाजी करनी पड़ेगी, जो शायद उन्हें अच्छा नहीं लगेगा। हमारे देश का हर एक हिंदू बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से बहुत नाराज है और यह कभी भी भड़क सकता है।"