सर्वोदय विद्यालयों का ऐतिहासिक प्रदर्शन: हाईस्कूल में 99.19%25 और इंटर में 99.03%25 पास, यूपी बोर्ड में नया कीर्तिमान

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सर्वोदय विद्यालयों का ऐतिहासिक प्रदर्शन: हाईस्कूल में 99.19%25 और इंटर में 99.03%25 पास, यूपी बोर्ड में नया कीर्तिमान

सारांश

यूपी बोर्ड परिणाम 2025 में समाज कल्याण विभाग के सर्वोदय विद्यालयों ने हाईस्कूल में 99.19%25 और इंटरमीडिएट में 99.03%25 का ऐतिहासिक परिणाम दर्ज किया। 2,457 में से 2,437 विद्यार्थी हाईस्कूल में उत्तीर्ण हुए। गाजियाबाद, गाजीपुर, प्रयागराज समेत कई जिलों की छात्राओं ने जिला स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किए।

Key Takeaways

  • जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों का यूपी बोर्ड हाईस्कूल परिणाम 99.19 प्रतिशत और इंटरमीडिएट परिणाम 99.03 प्रतिशत रहा।
  • हाईस्कूल में 2,457 में से 2,437 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि विज्ञान वर्ग में 1,058 में से 1,046 पास हुए।
  • गाजियाबाद की अंजली पुंडीर ने 88.20%25 अंक लेकर जनपद में चौथा स्थान और अंशिका ने 87.40%25 के साथ छठा स्थान हासिल किया।
  • हाईस्कूल टॉपर गाजीपुर की उजाला निषाद ने 94.33 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
  • योगी सरकार द्वारा स्मार्ट क्लास, प्रशिक्षित शिक्षक और आधुनिक प्रयोगशालाओं की व्यवस्था को इस सफलता का मुख्य कारण माना जा रहा है।
  • ये विद्यालय समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत संचालित होते हैं और वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देते हैं।

लखनऊ, 25 अप्रैल 2025उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के ताज़ा परीक्षा परिणामों में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों ने असाधारण उपलब्धि दर्ज की है। इन विद्यालयों का हाईस्कूल परिणाम 99.19 प्रतिशत और इंटरमीडिएट परिणाम 99.03 प्रतिशत रहा, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक नई मिसाल बन गया है।

शानदार परिणाम: आंकड़ों की पूरी तस्वीर

शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हाईस्कूल परीक्षा में सर्वोदय विद्यालयों के कुल 2,457 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए, जिनमें से 2,437 विद्यार्थी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए। यह आंकड़ा अपने आप में सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता को लेकर उठने वाले सवालों का ठोस जवाब है।

इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में 1,058 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे, जिनमें से 1,046 उत्तीर्ण हुए। कला वर्ग में 801 में से 795 छात्र-छात्राएं सफल रहे — यह पास प्रतिशत किसी भी निजी विद्यालय को टक्कर देता है।

मेधावी छात्र-छात्राओं की उपलब्धियां

हाईस्कूल में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में गाजीपुर के सैदपुर बालिका विद्यालय की उजाला निषाद ने 94.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बाजी मारी। प्रयागराज के कौड़िहार की अनुष्का त्रिपाठी ने 93.16 प्रतिशत, बांदा के हरदौली के पवन कुमार ने 92.67 प्रतिशत, भदोही के रया के आदर्श कुमार ने 92.66 प्रतिशत और चंदौली के नौगढ़ के सुनील कुमार ने 92.50 प्रतिशत अंक हासिल किए।

इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में गाजियाबाद के निडौरी की अंजली पुंडीर ने 88.20 प्रतिशत अंक लेकर जनपद में चौथा स्थान प्राप्त किया। उसी विद्यालय की अंशिका ने 87.40 प्रतिशत के साथ जिले में छठा स्थान हासिल किया। फतेहपुर के खागा, खासमऊ के दीपक सिंह ने 88.00 प्रतिशत, प्रयागराज के कौड़िहार के मानशू ने 86.20 प्रतिशत और देवरिया के मेहरौना के विकास यादव ने 85.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

कला वर्ग में बिजनौर के धौलागढ़ की राधिका ने 86.80 प्रतिशत, कुशीनगर के सिरसिया हेतिमपुर की सुमन भारती ने 86.20 प्रतिशत, अमेठी के गौरीगंज की शालू ने 85.20 प्रतिशत और बिजनौर की कोमलगायत्री ने 84.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

सफलता के पीछे योगी सरकार की नीतियां

समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ सरकार ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती, आधुनिक प्रयोगशालाएं, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं। इन ठोस प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रभाव परीक्षा परिणामों में स्पष्ट रूप से दिख रहा है।

गौरतलब है कि ये विद्यालय मुख्यतः आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग और वंचित समुदायों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं। ऐसे में यह परिणाम न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

व्यापक संदर्भ: सरकारी शिक्षा की बदलती तस्वीर

यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता को लेकर बहस जारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है और सर्वोदय विद्यालयों का यह परिणाम उसी नीति की व्यावहारिक सफलता का उदाहरण माना जा सकता है। तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो दिल्ली के सरकारी स्कूलों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश भी अपने सरकारी विद्यालयों को एक नई पहचान देने की राह पर अग्रसर है।

आने वाले शैक्षणिक सत्र में इन विद्यालयों में और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की नज़रें अब यूपी बोर्ड की आगामी मेरिट सूची और प्रवेश प्रक्रिया 2025-26 पर टिकी हैं।

Point of View

बल्कि उस बहस का जवाब है जो वर्षों से चली आ रही है कि सरकारी स्कूल 'निजी स्कूलों की बराबरी' नहीं कर सकते। जब वंचित वर्ग के बच्चे 94%25 से ऊपर अंक लाकर जिला मेरिट में स्थान बनाते हैं, तो यह सिद्ध होता है कि समस्या बच्चों की क्षमता में नहीं, बल्कि संसाधनों की उपलब्धता में थी। हालांकि यह भी ध्यान रखना होगा कि ये परिणाम चुनिंदा सर्वोदय विद्यालयों के हैं — उत्तर प्रदेश के लाखों अन्य सरकारी विद्यालयों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। असली परीक्षा तब होगी जब यह मॉडल प्रदेश के हर कोने में लागू हो।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

सर्वोदय विद्यालयों का यूपी बोर्ड 2025 में कितना परिणाम रहा?
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों का हाईस्कूल परिणाम 99.19 प्रतिशत और इंटरमीडिएट परिणाम 99.03 प्रतिशत रहा। यह सरकारी विद्यालयों के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
सर्वोदय विद्यालय किस विभाग के अंतर्गत आते हैं?
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित किए जाते हैं। ये विद्यालय मुख्यतः आर्थिक रूप से कमज़ोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं।
हाईस्कूल में सर्वोदय विद्यालयों के टॉपर कौन रहे?
हाईस्कूल में गाजीपुर के सैदपुर बालिका विद्यालय की उजाला निषाद ने 94.33 प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। प्रयागराज की अनुष्का त्रिपाठी 93.16 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
सर्वोदय विद्यालयों में इतने अच्छे परिणाम का कारण क्या है?
योगी सरकार द्वारा इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षक, आधुनिक प्रयोगशालाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया है। इन सुविधाओं का सीधा असर परीक्षा परिणामों में दिखा है।
इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में सर्वोदय विद्यालयों की टॉपर कौन रहीं?
इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में गाजियाबाद के निडौरी की अंजली पुंडीर ने 88.20 प्रतिशत अंक लेकर जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया। उसी विद्यालय की अंशिका ने 87.40 प्रतिशत के साथ जिले में छठा स्थान हासिल किया।
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