केरल CM वीडी सतीशन का बड़ा फैसला: 2.76 लाख लंबित फाइलें 31 दिसंबर तक निपटाने का मिशन, बुजुर्गों के लिए ऐतिहासिक बिल
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 10 अक्टूबर 2026 को सरकारी कार्यालयों में वर्षों से अटकी 2.76 लाख इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक फाइलों को 31 दिसंबर 2026 तक निपटाने के लिए एक समयबद्ध मिशन की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने 12 अक्टूबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सुरक्षा देने वाला एक विशेष विधेयक पेश करने का भी ऐलान किया।
लंबित फाइलों के निपटारे का अभियान
यह अभियान 15 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू होगा और 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसमें सरकारी दफ्तरों में कार्रवाई की प्रतीक्षा में पड़ी इलेक्ट्रॉनिक एवं फिजिकल — दोनों तरह की फाइलें शामिल हैं। फाइलों की वास्तविक स्थिति पर नज़र रखने के लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जिससे मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी एक क्लिक पर प्रत्येक फाइल की प्रगति देख सकेंगे। राज्य सरकार यह भी अध्ययन करेगी कि भविष्य में फाइलें बिना कार्रवाई के क्यों पड़ी रहती हैं, ताकि इस समस्या की जड़ को खत्म किया जा सके।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐतिहासिक विधेयक
मुख्यमंत्री सतीशन ने प्रस्तावित कानून को विश्व स्तर पर अपनी तरह की पहली पहल बताया। इस विधेयक के तहत बुजुर्गों के लिए एक अलग सरकारी विभाग भी बनाया जाएगा। सरकार वरिष्ठ नागरिकों की ज़रूरतों और परिस्थितियों का आकलन करने के लिए एक राज्यव्यापी सर्वेक्षण कराएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें उचित देखभाल और सहायता मिले। सतीशन ने स्पष्ट किया कि यह ज़िम्मेदारी केवल सरकार की नहीं होगी — स्थानीय निकाय, स्वयंसेवी संस्थाएँ और सामुदायिक समूह भी बुजुर्गों की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उल्लेखनीय है कि कई अन्य राज्यों ने इस प्रस्तावित कानून में रुचि जताई है।
100 दिवसीय कार्यक्रम की उपलब्धियाँ
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि राज्य सरकार के पहले 100-दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत घोषित 588 परियोजनाओं में से 568 पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'बाकी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा होने की सूचना है।' उन्होंने कार्यान्वयन में शामिल अधिकारियों और संबंधित कर्मियों को बधाई दी।
सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले पर प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और अन्य से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में हाईकोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर सतीशन ने कहा कि राज्य सरकार ने कानूनी जाँच के बाद ही कदम उठाया है। उन्होंने जल्दबाज़ी में कार्रवाई करने के बजाय प्रारंभिक जाँच का रास्ता चुना है और भरोसा जताया कि कानून अपना काम करेगा।
चुनावी रोल और गठबंधन राजनीति
चुनावी रोल के विशेष गहन पुनरीक्षण पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यूडीएफ ने इस प्रक्रिया पर सबसे पहले आपत्ति उठाई थी, जबकि सीपीआई-एम और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुरुआत में ऐसी कोई चिंता नहीं जताई। यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नीतिगत फैसले पार्टी और गठबंधन नेताओं के परामर्श से लिए जाते हैं और वे रचनात्मक आलोचना का स्वागत करते हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब केरल में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अप्रत्यक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं और प्रशासनिक दक्षता एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन रही है।