स्कूलों को बम धमकी देने वाले साइबर गैंग का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार, अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने 21 मई 2026 को एक अंतरराज्यीय साइबर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए उसके मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी देश के कई राज्यों में स्कूलों और अन्य संवेदनशील संस्थानों को बम धमकी वाले ईमेल भेजने के नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सौरव बिस्वास उर्फ माइकल (30), पश्चिम बंगाल निवासी, के रूप में हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
साइबर क्राइम थाना अमृतसर में अलग-अलग तारीखों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे। डिजिटल ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल में ट्रैक किया। पुलिस ने बताया कि गुजरात पुलिस ने भी इसी तरह के एक अलग मामले में आरोपी को नामजद किया है।
तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी के इस्तेमाल किए गए ईमेल अकाउंट्स से अमृतसर सहित देश के कई हिस्सों में धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। पुलिस के मुताबिक, इन ईमेल का मकसद नागरिकों में भय फैलाना और सार्वजनिक शांति व राष्ट्रीय सुरक्षा को बाधित करना था।
ईमेल अकाउंट की खरीद-फरोख्त और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फेसबुक ग्रुप्स के जरिए ईमेल अकाउंट खरीदने और बेचने का काम करता था। उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनजान लोगों से करीब 300 ईमेल अकाउंट खरीदे थे। इनमें से 219 ईमेल अकाउंट व्हाट्सऐप के जरिए बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे गए।
पुलिस के अनुसार, इन अकाउंट्स की खरीद-फरोख्त यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से की गई थी। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि ये ईमेल अकाउंट कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे लोगों तक पहुँचाए गए, जिन्होंने इनका इस्तेमाल बम धमकी वाले ईमेल और अन्य गैरकानूनी साइबर गतिविधियों के लिए किया। बांग्लादेश कनेक्शन की जांच संबंधित एजेंसियाँ अलग से कर रही हैं।
बरामदगी और आरोपी का परिचय
पुलिस ने आरोपी के पास से 3 सीपीयू, 5 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 3 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट राउटर, पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स सहित 300 से अधिक ईमेल आईडी तथा 15 हॉटमेल अकाउंट बरामद किए हैं। आरोपी सौरव बिस्वास 12वीं तक पढ़ा है और पेशे से ग्राफिक डिजाइनर बताया गया है।
आम जनता और सुरक्षा तंत्र पर असर
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में स्कूलों को बम धमकी देने की घटनाएँ बार-बार सामने आ रही हैं और इससे अभिभावकों व प्रशासन में भारी चिंता बनी हुई है। गौरतलब है कि इस तरह की फर्जी धमकियाँ न केवल स्कूलों की दिनचर्या बाधित करती हैं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर भी अनावश्यक दबाव डालती हैं।
आगे की जांच
पुलिस ने संकेत दिया है कि इस गैंग के और भी सदस्य हो सकते हैं और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय पहलुओं की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचित किया गया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।