स्कूलों को बम धमकी देने वाले साइबर गैंग का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार, अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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स्कूलों को बम धमकी देने वाले साइबर गैंग का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार, अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सारांश

अमृतसर पुलिस ने स्कूलों को बम धमकी देने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग के मास्टरमाइंड को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। आरोपी ने 300 ईमेल अकाउंट खरीदकर 219 बांग्लादेश के रास्ते कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुँचाए। क्रिप्टोकरेंसी से लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन इस मामले को गंभीर बनाते हैं।

मुख्य बातें

अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने 21 मई 2026 को स्कूलों को बम धमकी देने वाले साइबर गैंग के मास्टरमाइंड को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सौरव बिस्वास उर्फ माइकल (30) , पेशे से ग्राफिक डिजाइनर, के रूप में हुई है।
आरोपी ने 300 ईमेल अकाउंट खरीदे; इनमें से 219 अकाउंट व्हाट्सऐप के जरिए बांग्लादेश में बेचे, जो कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुँचे।
खरीद-फरोख्त यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से की गई।
पुलिस ने 3 सीपीयू, 5 हार्ड डिस्क, 3 मोबाइल फोन और 300 से अधिक ईमेल आईडी बरामद कीं।
गुजरात पुलिस ने भी आरोपी को इसी तरह के एक अलग मामले में नामजद किया है।

अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने 21 मई 2026 को एक अंतरराज्यीय साइबर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए उसके मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी देश के कई राज्यों में स्कूलों और अन्य संवेदनशील संस्थानों को बम धमकी वाले ईमेल भेजने के नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सौरव बिस्वास उर्फ माइकल (30), पश्चिम बंगाल निवासी, के रूप में हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

साइबर क्राइम थाना अमृतसर में अलग-अलग तारीखों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे। डिजिटल ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल में ट्रैक किया। पुलिस ने बताया कि गुजरात पुलिस ने भी इसी तरह के एक अलग मामले में आरोपी को नामजद किया है।

तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी के इस्तेमाल किए गए ईमेल अकाउंट्स से अमृतसर सहित देश के कई हिस्सों में धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। पुलिस के मुताबिक, इन ईमेल का मकसद नागरिकों में भय फैलाना और सार्वजनिक शांति व राष्ट्रीय सुरक्षा को बाधित करना था।

ईमेल अकाउंट की खरीद-फरोख्त और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फेसबुक ग्रुप्स के जरिए ईमेल अकाउंट खरीदने और बेचने का काम करता था। उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनजान लोगों से करीब 300 ईमेल अकाउंट खरीदे थे। इनमें से 219 ईमेल अकाउंट व्हाट्सऐप के जरिए बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे गए।

पुलिस के अनुसार, इन अकाउंट्स की खरीद-फरोख्त यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से की गई थी। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि ये ईमेल अकाउंट कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे लोगों तक पहुँचाए गए, जिन्होंने इनका इस्तेमाल बम धमकी वाले ईमेल और अन्य गैरकानूनी साइबर गतिविधियों के लिए किया। बांग्लादेश कनेक्शन की जांच संबंधित एजेंसियाँ अलग से कर रही हैं।

बरामदगी और आरोपी का परिचय

पुलिस ने आरोपी के पास से 3 सीपीयू, 5 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 3 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट राउटर, पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स सहित 300 से अधिक ईमेल आईडी तथा 15 हॉटमेल अकाउंट बरामद किए हैं। आरोपी सौरव बिस्वास 12वीं तक पढ़ा है और पेशे से ग्राफिक डिजाइनर बताया गया है।

आम जनता और सुरक्षा तंत्र पर असर

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में स्कूलों को बम धमकी देने की घटनाएँ बार-बार सामने आ रही हैं और इससे अभिभावकों व प्रशासन में भारी चिंता बनी हुई है। गौरतलब है कि इस तरह की फर्जी धमकियाँ न केवल स्कूलों की दिनचर्या बाधित करती हैं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर भी अनावश्यक दबाव डालती हैं।

आगे की जांच

पुलिस ने संकेत दिया है कि इस गैंग के और भी सदस्य हो सकते हैं और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय पहलुओं की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचित किया गया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सीमापार समन्वित दुष्प्रचार का संकेत है। स्कूलों जैसी संवेदनशील संस्थाओं को निशाना बनाना सामाजिक भय फैलाने की सुनियोजित रणनीति लगती है। असली सवाल यह है कि क्या मौजूदा साइबर कानून और अंतरराष्ट्रीय सहयोग तंत्र इस तरह के बहुस्तरीय नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में सक्षम हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर पुलिस ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने 21 मई 2026 को पश्चिम बंगाल से सौरव बिस्वास उर्फ माइकल (30) को गिरफ्तार किया। वह स्कूलों को बम धमकी देने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग का मास्टरमाइंड बताया गया है।
आरोपी ने बम धमकी कैसे दी?
आरोपी ने फेसबुक ग्रुप्स के जरिए 300 ईमेल अकाउंट खरीदे और इन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया, जिन्होंने इनसे स्कूलों व संवेदनशील संस्थानों को बम धमकी वाले ईमेल भेजे। लेनदेन यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किया गया।
इस मामले में बांग्लादेश और पाकिस्तान का क्या कनेक्शन है?
जांच के अनुसार, आरोपी ने 219 ईमेल अकाउंट व्हाट्सऐप के जरिए बांग्लादेश में एक व्यक्ति को बेचे। पुलिस का कहना है कि ये अकाउंट कथित तौर पर बाद में पाकिस्तान में बैठे लोगों तक पहुँचाए गए, जिन्होंने इनका इस्तेमाल गैरकानूनी साइबर गतिविधियों के लिए किया।
पुलिस ने आरोपी के पास से क्या बरामद किया?
पुलिस ने 3 सीपीयू, 5 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 3 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट राउटर, 300 से अधिक ईमेल आईडी और 15 हॉटमेल अकाउंट बरामद किए हैं।
क्या आरोपी के खिलाफ अन्य राज्यों में भी मामले हैं?
हाँ, गुजरात पुलिस ने भी आरोपी सौरव बिस्वास को इसी तरह के एक अलग मामले में नामजद किया है। साइबर क्राइम थाना अमृतसर में भी भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
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