सेवा संकल्प अभियान: दिल्ली में आशा वर्करों का मानदेय ₹3,000 से बढ़कर ₹6,000, नवजातों की 56 जांचें मुफ्त
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण पहलें एक साथ शुरू कीं। इनमें सबसे अहम निर्णय यह रहा कि राजधानी की 6,690 आशा वर्करों का मासिक मानदेय ₹3,000 से दोगुना कर ₹6,000 कर दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम में उपराज्यपाल संधू के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह भी मौजूद रहे। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकसित भारत के विजन के अनुरूप, 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी अहम पहल शुरू करने के लिए त्यागराज स्टेडियम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह के साथ शामिल हुआ।"
संधू ने यह भी कहा कि "टेक्नोलॉजी, मजबूत पब्लिक हेल्थ सिस्टम और संवेदनशीलता के साथ देखभाल से ही हम एक स्वस्थ विकसित दिल्ली की दिशा में आगे बढ़ेंगे।"
आशा वर्करों पर असर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि मानदेय में इस बढ़ोतरी से दिल्ली की 6,690 आशा बहनों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, "इससे घर घर जाकर दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।" गौरतलब है कि आशा वर्कर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जमीनी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं, और उनके मानदेय का मसला लंबे समय से चर्चा में था।
प्रोजेक्ट अनमोल और नवजात स्क्रीनिंग
इस अभियान के तहत 'ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ ऑनलाइन (अनमोल)' योजना का विस्तार किया गया है। इसके अंतर्गत दिल्ली में नवजात शिशुओं में 56 प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं की जांच पूरी तरह मुफ्त की जाएगी, ताकि बीमारियों की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज सुनिश्चित हो सके। यह एडवांस्ड स्क्रीनिंग पहल दिल्ली में नवजात स्वास्थ्य देखभाल के मोर्चे पर एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
जीबी पंत अस्पताल में सोट्टो सेंटर
जीबी पंत अस्पताल में 'स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोट्टो)' का एक समर्पित सेंटर लॉन्च किया गया है। मुख्यमंत्री गुप्ता के अनुसार, "अब अंग दान और प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया में बेहतर तालमेल होगा, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सकेगी।" यह केंद्र अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची को कम करने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में सहायक होगा।
नर्सिंग होम पोर्टल और आगे की राह
एक 'नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल' भी शुरू किया गया है, जो नर्सिंग होम से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संकल्प है कि स्वास्थ्य सेवाएं और सुलभ हों, स्वास्थ्य सुरक्षा समाज के हर कोने तक पहुंचे और सेवा में लगे हर व्यक्ति को उचित सम्मान मिले।" यह देखना बाकी है कि ये घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से लागू होती हैं और इनका दीर्घकालिक असर क्या रहता है।