6 अक्टूबर 2026
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सेवा संकल्प अभियान: दिल्ली में आशा वर्करों का मानदेय ₹3,000 से बढ़कर ₹6,000, नवजातों की 56 जांचें मुफ्त

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सेवा संकल्प अभियान: दिल्ली में आशा वर्करों का मानदेय ₹3,000 से बढ़कर ₹6,000, नवजातों की 56 जांचें मुफ्त

सारांश

दिल्ली में सेवा संकल्प अभियान के तहत एक साथ चार बड़ी स्वास्थ्य पहलें लॉन्च हुईं — आशा वर्करों का मानदेय दोगुना, नवजातों की 56 जांचें मुफ्त, जीबी पंत में अंग प्रत्यारोपण केंद्र और नर्सिंग होम पारदर्शिता पोर्टल। उपराज्यपाल संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे 'विकसित दिल्ली' की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्य बातें

दिल्ली की 6,690 आशा वर्करों का मासिक मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 किया गया।
' प्रोजेक्ट अनमोल ' के तहत नवजात शिशुओं में 56 प्रकार की बीमारियों की स्क्रीनिंग पूरी तरह मुफ्त होगी।
जीबी पंत अस्पताल में ' सोट्टो (SOTTO) ' — समर्पित अंग दान और प्रत्यारोपण केंद्र — लॉन्च किया गया।
' नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल ' शुरू, प्रक्रियाएं पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का लक्ष्य।
कार्यक्रम 6 अक्टूबर 2026 को त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित हुआ।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण पहलें एक साथ शुरू कीं। इनमें सबसे अहम निर्णय यह रहा कि राजधानी की 6,690 आशा वर्करों का मासिक मानदेय ₹3,000 से दोगुना कर ₹6,000 कर दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम में उपराज्यपाल संधू के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह भी मौजूद रहे। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकसित भारत के विजन के अनुरूप, 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी अहम पहल शुरू करने के लिए त्यागराज स्टेडियम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह के साथ शामिल हुआ।"

संधू ने यह भी कहा कि "टेक्नोलॉजी, मजबूत पब्लिक हेल्थ सिस्टम और संवेदनशीलता के साथ देखभाल से ही हम एक स्वस्थ विकसित दिल्ली की दिशा में आगे बढ़ेंगे।"

आशा वर्करों पर असर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि मानदेय में इस बढ़ोतरी से दिल्ली की 6,690 आशा बहनों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, "इससे घर घर जाकर दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।" गौरतलब है कि आशा वर्कर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जमीनी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं, और उनके मानदेय का मसला लंबे समय से चर्चा में था।

प्रोजेक्ट अनमोल और नवजात स्क्रीनिंग

इस अभियान के तहत 'ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ ऑनलाइन (अनमोल)' योजना का विस्तार किया गया है। इसके अंतर्गत दिल्ली में नवजात शिशुओं में 56 प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं की जांच पूरी तरह मुफ्त की जाएगी, ताकि बीमारियों की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज सुनिश्चित हो सके। यह एडवांस्ड स्क्रीनिंग पहल दिल्ली में नवजात स्वास्थ्य देखभाल के मोर्चे पर एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

जीबी पंत अस्पताल में सोट्टो सेंटर

जीबी पंत अस्पताल में 'स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोट्टो)' का एक समर्पित सेंटर लॉन्च किया गया है। मुख्यमंत्री गुप्ता के अनुसार, "अब अंग दान और प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया में बेहतर तालमेल होगा, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सकेगी।" यह केंद्र अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची को कम करने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में सहायक होगा।

नर्सिंग होम पोर्टल और आगे की राह

एक 'नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल' भी शुरू किया गया है, जो नर्सिंग होम से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संकल्प है कि स्वास्थ्य सेवाएं और सुलभ हों, स्वास्थ्य सुरक्षा समाज के हर कोने तक पहुंचे और सेवा में लगे हर व्यक्ति को उचित सम्मान मिले।" यह देखना बाकी है कि ये घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से लागू होती हैं और इनका दीर्घकालिक असर क्या रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी याद रखना ज़रूरी है कि ₹6,000 मासिक अभी भी दिल्ली की न्यूनतम मज़दूरी से काफी कम है — जो यह सवाल खड़ा करता है कि क्या यह बढ़ोतरी 'सम्मानजनक' वेतन की दिशा में पर्याप्त है या महज एक सांकेतिक कदम। नवजात की 56 जांचों की मुफ्त सुविधा महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी सफलता जमीनी स्तर पर उपकरण, प्रशिक्षित कर्मचारी और नियमित आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर करेगी — जो दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में अक्सर चुनौतीपूर्ण रही है। सोट्टो और नर्सिंग होम पोर्टल जैसी तकनीकी पहलें सुशासन के सही संकेत हैं, पर असली जवाबदेही तब तय होगी जब इन पोर्टलों के उपयोग और परिणामों का सार्वजनिक ऑडिट हो।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवा संकल्प अभियान क्या है?
'सेवा संकल्प अभियान' दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय की संयुक्त स्वास्थ्य पहल है, जिसे 6 अक्टूबर 2026 को त्यागराज स्टेडियम में लॉन्च किया गया। इसके तहत आशा वर्करों के मानदेय में वृद्धि, नवजात स्क्रीनिंग, अंग प्रत्यारोपण केंद्र और नर्सिंग होम पोर्टल जैसी कई योजनाएं एक साथ शुरू की गईं।
दिल्ली में आशा वर्करों का नया मानदेय कितना होगा?
दिल्ली की आशा वर्करों का मासिक मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 कर दिया गया है। इससे राजधानी की 6,690 आशा बहनों को सीधी आर्थिक सहायता मिलेगी।
नवजात शिशुओं की 56 मुफ्त जांचें किस योजना के तहत होंगी?
'ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ ऑनलाइन (अनमोल)' योजना के विस्तार के तहत यह सुविधा दी जा रही है। इसमें नवजात शिशुओं में 56 प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं की एडवांस्ड स्क्रीनिंग पूरी तरह निःशुल्क की जाएगी।
जीबी पंत अस्पताल में सोट्टो सेंटर से क्या फायदा होगा?
जीबी पंत अस्पताल में लॉन्च किए गए 'स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोट्टो)' केंद्र से अंग दान और प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया में बेहतर तालमेल स्थापित होगा। इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर अंग उपलब्ध हो सकेंगे और प्रतीक्षा सूची में कमी आने की उम्मीद है।
नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल से क्या बदलेगा?
नए पोर्टल के जरिए दिल्ली के नर्सिंग होम से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं — जैसे पंजीकरण, नवीनीकरण और निरीक्षण — अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनेंगी। यह पोर्टल डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार की संभावना कम करने की दिशा में एक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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