दिल्ली के 2.7 लाख कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को मिलेगा मुफ्त इलाज, ₹200 करोड़ सालाना की हेल्थ स्कीम लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार ने 23 जून 2026 को राजधानी के 2.7 लाख रजिस्टर्ड बिल्डिंग एवं कंस्ट्रक्शन वर्कर्स और उनके परिवारों के लिए 'दिल्ली बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स हेल्थ स्कीम' की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि इससे लगभग 10 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी और सरकार इस पर सालाना लगभग ₹200 करोड़ खर्च करेगी।
योजना में क्या मिलेगा
इस योजना के तहत प्रत्येक रजिस्टर्ड वर्कर एम्पैनल्ड अस्पतालों में ₹2 लाख तक के कैशलेस इलाज का हकदार होगा, जबकि एक परिवार की अधिकतम सीमा ₹10 लाख तक रखी गई है। लाभार्थियों में वर्कर के जीवनसाथी, बच्चे और माता-पिता भी शामिल होंगे।
योजना में मुफ्त ओपीडी और आईपीडी सेवाएँ, डायग्नोस्टिक और लेबोरेटरी सुविधाएँ, इमरजेंसी मेडिकल सहायता, रेफरल सेवाएँ और रजिस्टर्ड वर्कर व उनके जीवनसाथी के लिए सालाना हेल्थ चेक-अप शामिल हैं। इलाज की पूरी प्रक्रिया कैशलेस होगी, जिससे श्रमिकों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
मोबाइल यूनिट और डिजिटल ट्रैकिंग
जहाँ वर्कर्स की संख्या अधिक है — जैसे निर्माण स्थल — वहाँ मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के ज़रिए भी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार सभी लाभार्थियों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक आधुनिक बेनिफिशियरी-ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही श्रमिकों की सहायता के लिए 24/7 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को क्यों ज़रूरत थी इस योजना की
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को पत्थर काटने की धूल, रसायनों, अत्यधिक शोर, भारी मशीनरी और कठिन शारीरिक परिस्थितियों का नियमित सामना करना पड़ता है। इसके चलते उन्हें सिलिकोसिस (फेफड़ों की गंभीर बीमारी), श्वसन रोग, त्वचा की समस्याएँ और अन्य व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा रहता है।
यह ऐसे समय में आया है जब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा की माँग लंबे समय से उठती रही है। गौरतलब है कि इस वर्ग के लिए अब तक कोई समग्र स्वास्थ्य कवरेज योजना उपलब्ध नहीं थी।
सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कंस्ट्रक्शन वर्कर्स राजधानी के विकास की नींव हैं और उनकी सेहत एवं सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग — विशेषकर गरीबों, श्रमिकों और वंचित परिवारों — की भलाई के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
इस योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों के नामांकन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जो दिल्ली के असंगठित निर्माण क्षेत्र के लिए एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।