दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी का दौरा: राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने 50 MMT कार्गो उपलब्धि की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने 19 जुलाई 2025 को कच्छ स्थित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) का औपचारिक दौरा किया और बंदरगाह के परिचालन, विकास परियोजनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरे में उन्होंने चालू वित्त वर्ष में 50 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो हैंडलिंग का आँकड़ा देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों में सबसे कम समय में पार करने की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया।
औपचारिक स्वागत और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
गांधीधाम स्थित प्रशासनिक कार्यालय पहुँचने पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की DPA इकाई ने राज्य मंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। इसके बाद आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में DPA चेयरमैन सुशील कुमार सिंह, डिप्टी चेयरमैन नीलाभ्रा दासगुप्ता तथा विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कच्छ के सांसद विनोदभाई चावड़ा, विधायक मालतीबेन माहेश्वरी और गांधीधाम की मेयर दिव्याबेन नथानी ने भी भाग लिया। सभी जनप्रतिनिधियों ने पोर्ट की वर्तमान विकास योजनाओं पर अपने सुझाव साझा किए।
परिचालन प्रदर्शन और बुनियादी ढाँचे की समीक्षा
समीक्षा के दौरान राज्य मंत्री ने पोर्ट की परिचालन क्षमता, क्षमता विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और हरित ऊर्जा की दिशा में चल रही पहलों का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी आधुनिक सुविधाओं के विकास और कार्यक्षमता वृद्धि के ज़रिये देश के समुद्री व्यापार को नई गति दे रही है।
ठाकुर ने अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी नवाचार और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार अपने 'मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030' के तहत प्रमुख बंदरगाहों की क्षमता और दक्षता बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।
50 MMT कार्गो उपलब्धि: 'टीम DPA' को श्रेय
राज्य मंत्री ने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि चालू वित्त वर्ष में DPA ने भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों में सबसे कम समय में 50 MMT कार्गो हैंडलिंग का आँकड़ा पार किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय 'टीम DPA', पोर्ट कर्मचारियों, श्रमिकों और समस्त हितधारकों के सामूहिक प्रयासों को दिया। गौरतलब है कि दीनदयाल पोर्ट पश्चिमी भारत के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है और देश के कुल कार्गो हैंडलिंग में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
हितधारकों के साथ बैठक
दौरे के अंतिम चरण में राज्य मंत्री ने पोर्ट उपयोगकर्ताओं, व्यापारिक संगठनों, टर्मिनल ऑपरेटरों, शिपिंग एजेंटों और स्टीवडोर्स सहित विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक की। इस संवाद का उद्देश्य बंदरगाह से जुड़े विभिन्न पक्षों की चिंताओं और सुझावों को सीधे सुनना था।
ठाकुर ने विश्वास जताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी कार्गो हैंडलिंग, हरित ऊर्जा और ग्रीन मोबिलिटी के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी — जो भारत के समुद्री क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।