रिलेशनशिप पर शुभांगी अत्रे की बेबाक राय, बोलीं 'अब मैं पका घड़ा बन चुकी हूँ'
सारांश
Key Takeaways
- शुभांगी अत्रे का मानना है कि उम्र के साथ रिश्तों की समझ बदलती है।
- उन्होंने बताया कि शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
- रिश्तों में दोस्ती को प्राथमिकता देती हैं।
- उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जीवन में कुछ सिखाने आता है।
- शुभांगी ने अपने अनुभव पर कोई पछतावा नहीं जताया।
मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छोटे पर्दे के प्रसिद्ध सीरियल ‘भाबीजी घर पर हैं’ की अदाकारा शुभांगी अत्रे ने टीवी की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक अंगूरी भाभी के किरदार को निभाया। राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए, उन्होंने अपनी निजी जिंदगी और भावनाओं के बारे में खुलकर चर्चा की।
रिलेशनशिप में आने के विषय पर शुभांगी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, "जीवन के कई अध्याय होते हैं, जिनमें कुछ लोग आते हैं और कुछ चले जाते हैं। 20 वर्ष की आयु में ऊर्जा अधिक होती है, लेकिन सही और गलत का भेद नहीं होता। उम्र के साथ, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है क्योंकि आप स्वीकार करना सीखते हैं। अब मुझे लगता है कि जो भी होता है, उसमें कोई न कोई कारण होता है और शिकायतें भी कम होती जाती हैं।"
उनकी बेटी अमेरिका में पढ़ाई कर रही हैं, और इस दूरियों को सहन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा है। शुभांगी ने कहा, "बेटी अमेरिका में पढ़ाई कर रही है, और टाइम जोन के कारण कई बार हम बिना बात किए लंबे समय तक रह जाते हैं। मुझे लगता है कि शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। जैसे मैंने इंदौर से मुंबई अपने सपनों के लिए कदम बढ़ाया, वैसे ही मैं अपनी बेटी को उसके सपने पूरे करने के लिए अमेरिका भेज रही हूँ। हर माता-पिता का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को उड़ान भरने का हौसला दें।"
शुभांगी अत्रे वर्तमान में सिंगल हैं और किसी रिश्ते में आने की इच्छा नहीं रखतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए दोस्ती का रिश्ता अधिक महत्वपूर्ण है। कभी-कभी वे अकेला महसूस करती हैं, खासकर परेशानियों के समय, लेकिन अब वे इस उम्र में चीजों का सामना करना सीख चुकी हैं। उन्होंने कहा, "इस उम्र में मैं पका घड़ा बन चुकी हूँ, जिसे किसी रिश्ते में ढालना आसान नहीं होता।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरे लिए वह दांपत्य संबंध अधिक अच्छे हैं, जो दोस्ती पर आधारित होते हैं। यदि मैं किसी रिश्ते में प्रवेश करूँ भी, तो पहले दोस्ती का रिश्ता बनाना चाहूँगी। मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी भी किसी निर्णय पर पछताया है। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति आपके जीवन में कुछ सिखाने आता है। मेरी शादी भी जल्दी हुई थी, लेकिन समय के साथ भावनाएँ बदल जाती हैं।"