24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में 230 महिलाओं को दिए प्रमाण पत्र व ऋण, 27 अक्टूबर से दूसरा बैच शुरू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में 230 महिलाओं को दिए प्रमाण पत्र व ऋण, 27 अक्टूबर से दूसरा बैच शुरू

सारांश

भोपाल में RSETI कार्यक्रम के जरिए शिवराज सिंह चौहान ने 230 महिलाओं को कौशल से आजीविका की राह दिखाई — 80 को ऋण, 27 अक्टूबर से नया बैच और 86 हजार बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने की नई पहल। ग्रामीण सशक्तता का यह मॉडल अब विदिशा संसदीय क्षेत्र से आगे बढ़ने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

शिवराज सिंह चौहान ने 24 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी में RSETI कार्यक्रम में प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाण पत्र और ऋण वितरित किए।
विदिशा, सीहोर, देवास और रायसेन की 230 महिलाओं ने 35 दिनों का ब्यूटीशियन व सिलाई प्रशिक्षण पूरा किया।
प्रशिक्षण पूरा करने वाली 80 महिलाओं के ऋण स्वीकृत किए गए; दूसरा बैच 27 अक्टूबर से शुरू होगा।
विदिशा संसदीय क्षेत्र में लगभग 86 हजार बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने और पहली किस्त में ₹1,000 जमा कराने की योजना।
मंडीदीप में स्किल सेंटर और कोचिंग संस्थानों को कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर विचार।
किसानों को उन्नत खेती के लिए दूसरे राज्यों में भेजकर मास्टर ट्रेनर तैयार करने का कार्यक्रम जारी।

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी में आयोजित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के कार्यक्रम में ब्यूटीशियन और सिलाई प्रशिक्षण पूरा कर चुकी महिलाओं को प्रमाण पत्र और स्वरोजगार ऋण वितरित किए। यह कार्यक्रम विदिशा संसदीय क्षेत्र के चार जिलों — विदिशा, सीहोर, देवास और रायसेन — की 230 महिलाओं को कौशल विकास से सीधे आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक ठोस पहल है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का विवरण

RSETI के इस पहले बैच में विदिशा, सीहोर, देवास और रायसेन जिलों की 230 महिलाओं ने 35 दिनों का ब्यूटीशियन और सिलाई प्रशिक्षण पूरा किया। चौहान ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने वाली 80 महिलाओं के ऋण स्वीकृत कर दिए गए हैं, ताकि वे अपना स्वरोजगार तत्काल शुरू कर सकें। उल्लेखनीय है कि कुछ महिलाओं ने प्रशिक्षण समाप्त होते ही अपना काम भी शुरू कर दिया।

दूसरे बैच का प्रशिक्षण 27 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जाएगा। चौहान ने कहा कि यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा और इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खोलेंगे।

महिलाओं को संबोधन: आत्मनिर्भरता का संकल्प

महिलाओं को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बहन-बेटियों को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।' उन्होंने महिलाओं की आर्थिक सशक्तता को सामाजिक बदलाव की बुनियाद बताया और कहा कि बेटियों को विवाह के बाद आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव का सामना न करना पड़े, इसके लिए उन्हें हुनरमंद बनाना आवश्यक है।

चौहान ने जोर देकर कहा, 'हमारा लक्ष्य हर घर में खुशी के दीप जलाना, हर हाथ को काम देना और लोगों को आजीविका की अलग-अलग गतिविधियों से जोड़ना है।'

सुकन्या समृद्धि योजना: 86 हजार बेटियों को जोड़ने की पहल

चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुकन्या समृद्धि योजना के विस्तार को लेकर भी एक महत्वपूर्ण पहल साझा की। उन्होंने बताया कि विदिशा संसदीय क्षेत्र के विश्लेषण में लगभग 86 हजार बेटियाँ ऐसी सामने आई हैं, जिन्हें इस योजना से अभी तक नहीं जोड़ा जा सका है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 10 हजार बेटियों का अनुमान है।

चौहान ने कहा कि इन बेटियों के खातों में विभिन्न सहयोग से पहली किस्त के रूप में ₹1,000 जमा कराए जाएंगे, ताकि परिवारों को योजना से जुड़ने की शुरुआत मिल सके। यह कदम जानकारी के अभाव या आर्थिक परिस्थितियों के कारण योजना से वंचित रह गई बेटियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास है।

कृषि और युवा रोजगार की दिशा में विस्तृत योजना

केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए समृद्ध गांव अभियान के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि किसानों को उन्नत खेती की तकनीकें सीखने के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है, जहाँ वे मास्टर ट्रेनर बनकर गाँव में अन्य किसानों को भी प्रशिक्षित कर सकेंगे।

युवाओं के लिए मंडीदीप में एक स्किल सेंटर स्थापित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जहाँ औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोचिंग सेंटरों को स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। गौरतलब है कि मंडीदीप में बड़ी संख्या में फैक्ट्रियाँ मौजूद हैं, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय रोजगार के अवसर मिलने की संभावना प्रबल है।

आगे की राह

RSETI के इस मॉडल को निरंतर आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक महिलाओं व युवाओं को इससे जोड़ने की प्रतिबद्धता जताते हुए चौहान ने कहा कि प्रशिक्षण, स्वरोजगार, कौशल विकास, कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलें एक साथ आगे बढ़ाई जाएंगी। आने वाले हफ्तों में दूसरे बैच के शुरू होने के साथ यह अभियान और व्यापक रूप लेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे 6-12 महीने बाद टिकाऊ आय अर्जित कर रही हैं या नहीं — यह डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। सुकन्या समृद्धि योजना में ₹1,000 की पहली किस्त एक सकारात्मक कदम है, लेकिन जब तक परिवारों की नियमित जमा की क्षमता नहीं बनती, यह खाता निष्क्रिय हो सकता है। मंडीदीप स्किल सेंटर की घोषणा अभी 'विचार के स्तर' पर है — कार्यान्वयन की समयसीमा और बजट आवंटन का स्पष्ट उल्लेख न होना इस पहल की दीर्घकालिक गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल में RSETI कार्यक्रम में कितनी महिलाओं को प्रशिक्षण मिला?
विदिशा संसदीय क्षेत्र के विदिशा, सीहोर, देवास और रायसेन जिलों की कुल 230 महिलाओं ने 35 दिनों का ब्यूटीशियन और सिलाई प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें से 80 महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण भी स्वीकृत किया गया।
RSETI का दूसरा बैच कब शुरू होगा?
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि दूसरे बैच का प्रशिक्षण 27 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत शिवराज सिंह ने क्या नई पहल की घोषणा की?
चौहान ने विदिशा संसदीय क्षेत्र की लगभग 86 हजार ऐसी बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने की योजना साझा की, जिनके अभी तक खाते नहीं खुले हैं। इन बेटियों के खातों में पहली किस्त के रूप में ₹1,000 जमा कराने का विचार है, ताकि परिवार आगे नियमित रूप से राशि जमा कर सकें।
मंडीदीप में स्किल सेंटर की क्या योजना है?
शिवराज सिंह चौहान ने मंडीदीप में स्किल सेंटर शुरू करने की योजना पर विचार किए जाने की बात कही, जहाँ वहाँ की औद्योगिक जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है।
किसानों के लिए RSETI कार्यक्रम में क्या घोषणा की गई?
चौहान ने बताया कि किसानों को उन्नत खेती की तकनीकें सीखने के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। वे गाँव में मास्टर ट्रेनर बनकर अन्य किसानों को भी प्रशिक्षित करेंगे, और कृषि रोडमैप के तहत एक-एक एकड़ में डेमोंस्ट्रेशन आधारित खेती की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले