रियासी में SBI-RSETI का निःशुल्क प्रशिक्षण: 31 छात्राएँ बन रही हैं आत्मनिर्भर
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से SBI-RSETI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया — ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के तत्वावधान में चल रहे एक विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में 31 छात्राओं को ब्यूटीशियन, स्वास्थ्य और उद्यमिता से जुड़े व्यावसायिक कौशल सिखाए जा रहे हैं। 24 जून को जारी जानकारी के अनुसार, यह पूरी तरह निःशुल्क कार्यक्रम इन ग्रामीण युवतियों को स्वरोजगार की राह दिखाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राओं को ब्यूटीशियन कोर्स के अंतर्गत हेयर केयर, हेयर कटिंग, मेहंदी कला और सौंदर्य प्रसाधन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और उद्यमिता से संबंधित कौशल भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। कार्यक्रम की प्रशिक्षिका सीमा चटराल हैं, जो मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की निवासी हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला रोजगार दर राष्ट्रीय औसत से पीछे बनी हुई है। गौरतलब है कि RSETI कार्यक्रम देशभर में बैंकों और ग्रामीण विकास मंत्रालय की साझेदारी में चलाया जाता है, जिसका मकसद ग्रामीण युवाओं को कौशल देकर स्वावलंबी बनाना है।
छात्राओं का अनुभव
प्रशिक्षण में शामिल एक छात्रा ने बताया कि वह एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं और इस कार्यक्रम ने उनके भीतर आत्मविश्वास जगाया है। उनके अनुसार, 'यहाँ सबकुछ बिल्कुल मुफ़्त सिखाया जा रहा है — किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा।' उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह पहले फ्रीलांसिंग करेंगी और फिर अपना ब्यूटी पार्लर खोलने की योजना बना रही हैं।
छात्राओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी जैसी अन्य युवतियों से भी इस तरह के अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
आम जनता पर असर
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभ उन छात्राओं को मिल रहा है जो आर्थिक कारणों से व्यावसायिक शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। निःशुल्क प्रशिक्षण और बाज़ार-उन्मुख पाठ्यक्रम का संयोजन इन युवतियों को न केवल रोजगार बल्कि उद्यमिता की दिशा में भी सक्षम बना रहा है। छात्राओं के अनुसार, इस कार्यक्रम ने उनकी सोच और आत्मविश्वास दोनों को बदल दिया है।
आगे की राह
SBI-RSETI के इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर अन्य छात्राएँ भी इसमें शामिल होने की इच्छा जता रही हैं। प्रशिक्षण में भाग ले रही छात्राओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस तरह के और कार्यक्रम रियासी सहित जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों में भी चलाए जाएँगे, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवतियाँ इसका लाभ उठा सकें।