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रियासी में SBI-RSETI का निःशुल्क प्रशिक्षण: 31 छात्राएँ बन रही हैं आत्मनिर्भर

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रियासी में SBI-RSETI का निःशुल्क प्रशिक्षण: 31 छात्राएँ बन रही हैं आत्मनिर्भर

सारांश

जम्मू-कश्मीर के रियासी में SBI-RSETI का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण 31 ग्रामीण छात्राओं की ज़िंदगी बदल रहा है। ब्यूटीशियन, हेयर केयर और उद्यमिता के गुर सीखकर ये युवतियाँ स्वरोजगार की राह पर हैं — और अपना ब्यूटी पार्लर खोलने का सपना देख रही हैं।

मुख्य बातें

रियासी, जम्मू-कश्मीर में SBI-RSETI के तत्वावधान में 31 छात्राओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पाठ्यक्रम में ब्यूटीशियन, हेयर केयर, हेयर कटिंग, मेहंदी और उद्यमिता कौशल शामिल हैं।
प्रशिक्षण ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से पूरी तरह निःशुल्क चलाया जा रहा है।
प्रशिक्षिका सीमा चटराल हिमाचल प्रदेश से हैं और छात्राओं को व्यावहारिक कौशल सिखा रही हैं।
छात्राओं ने प्रशिक्षण पूरा होने के बाद फ्रीलांसिंग और स्वयं का ब्यूटी पार्लर खोलने की योजना बनाई है।

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से SBI-RSETI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया — ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के तत्वावधान में चल रहे एक विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में 31 छात्राओं को ब्यूटीशियन, स्वास्थ्य और उद्यमिता से जुड़े व्यावसायिक कौशल सिखाए जा रहे हैं। 24 जून को जारी जानकारी के अनुसार, यह पूरी तरह निःशुल्क कार्यक्रम इन ग्रामीण युवतियों को स्वरोजगार की राह दिखाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राओं को ब्यूटीशियन कोर्स के अंतर्गत हेयर केयर, हेयर कटिंग, मेहंदी कला और सौंदर्य प्रसाधन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और उद्यमिता से संबंधित कौशल भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। कार्यक्रम की प्रशिक्षिका सीमा चटराल हैं, जो मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की निवासी हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला रोजगार दर राष्ट्रीय औसत से पीछे बनी हुई है। गौरतलब है कि RSETI कार्यक्रम देशभर में बैंकों और ग्रामीण विकास मंत्रालय की साझेदारी में चलाया जाता है, जिसका मकसद ग्रामीण युवाओं को कौशल देकर स्वावलंबी बनाना है।

छात्राओं का अनुभव

प्रशिक्षण में शामिल एक छात्रा ने बताया कि वह एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं और इस कार्यक्रम ने उनके भीतर आत्मविश्वास जगाया है। उनके अनुसार, 'यहाँ सबकुछ बिल्कुल मुफ़्त सिखाया जा रहा है — किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा।' उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह पहले फ्रीलांसिंग करेंगी और फिर अपना ब्यूटी पार्लर खोलने की योजना बना रही हैं।

छात्राओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी जैसी अन्य युवतियों से भी इस तरह के अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।

आम जनता पर असर

इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभ उन छात्राओं को मिल रहा है जो आर्थिक कारणों से व्यावसायिक शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। निःशुल्क प्रशिक्षण और बाज़ार-उन्मुख पाठ्यक्रम का संयोजन इन युवतियों को न केवल रोजगार बल्कि उद्यमिता की दिशा में भी सक्षम बना रहा है। छात्राओं के अनुसार, इस कार्यक्रम ने उनकी सोच और आत्मविश्वास दोनों को बदल दिया है।

आगे की राह

SBI-RSETI के इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर अन्य छात्राएँ भी इसमें शामिल होने की इच्छा जता रही हैं। प्रशिक्षण में भाग ले रही छात्राओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस तरह के और कार्यक्रम रियासी सहित जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों में भी चलाए जाएँगे, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवतियाँ इसका लाभ उठा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा प्रशिक्षण के बाद की है — क्या इन छात्राओं को बाज़ार से जुड़ने, ऋण पाने और अपना उद्यम स्थापित करने में संस्थागत सहयोग मिलेगा? देशभर में RSETI कार्यक्रमों की समीक्षाओं में अक्सर यह पाया गया है कि प्रशिक्षण दर ऊँची रहती है, लेकिन स्वरोजगार में रूपांतरण दर अपेक्षाकृत कम। जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में, जहाँ महिला श्रम बल भागीदारी दर राष्ट्रीय औसत से नीचे है, इस तरह के कार्यक्रमों की निरंतरता और फॉलो-अप तंत्र की ज़रूरत और भी अधिक है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SBI-RSETI का रियासी में चल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम क्या है?
यह ग्रामीण विकास मंत्रालय और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की साझेदारी में चलाया जा रहा निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें रियासी की 31 छात्राओं को ब्यूटीशियन, हेयर केयर, मेहंदी और उद्यमिता के कौशल सिखाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवतियों को स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोई शुल्क है?
नहीं, यह कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क है। छात्राओं के अनुसार किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है और सभी प्रशिक्षण सामग्री मुफ़्त उपलब्ध कराई जा रही है।
RSETI कार्यक्रम से छात्राओं को क्या सिखाया जा रहा है?
छात्राओं को ब्यूटीशियन कोर्स के तहत हेयर केयर, हेयर कटिंग, मेहंदी लगाना और सौंदर्य प्रसाधन की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य और उद्यमिता से जुड़े व्यावहारिक कौशल भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद छात्राएँ क्या करेंगी?
छात्राओं ने बताया कि वे प्रशिक्षण के बाद पहले फ्रीलांसिंग करेंगी और फिर अपना स्वयं का ब्यूटी पार्लर खोलने की योजना बना रही हैं। यह कार्यक्रम उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखता है।
क्या जम्मू-कश्मीर की अन्य युवतियाँ भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं?
हाँ, प्रशिक्षण में भाग ले रही छात्राओं ने स्वयं अन्य युवतियों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। SBI-RSETI के तहत इस तरह के कार्यक्रम देशभर में चलाए जाते हैं और पात्र उम्मीदवार अपने नज़दीकी RSETI केंद्र से संपर्क कर सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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