डोडा में आरसेटी टेलरिंग प्रशिक्षण से लड़कियाँ बन रहीं आत्मनिर्भर, SBI-सरकार की संयुक्त पहल दे रही नई उड़ान
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में लड़कियाँ कटिंग और टेलरिंग का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भरता की नई राह पर चल पड़ी हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की संयुक्त पहल के तहत संचालित इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं — विशेषकर महिलाओं — को रोजगारपरक कौशल से लैस कर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना है। 7 मई 2025 को सामने आई इस रिपोर्ट के अनुसार, डोडा में आरसेटी की यह पहल ग्रामीण बेरोजगारी के खिलाफ एक ठोस कदम साबित हो रही है।
योजना की संरचना और प्रशिक्षण का स्वरूप
आरसेटी के तहत 6 दिन से लेकर 6 सप्ताह तक के निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इन पाठ्यक्रमों में डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन, टेलरिंग, ब्यूटी पार्लर प्रबंधन, मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर हार्डवेयर और विभिन्न कृषि गतिविधियाँ शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को भोजन और आवास की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा बिना किसी वित्तीय बाधा के कौशल सीख सकें।
डोडा में विशेष रूप से 31 दिनों का कटिंग और टेलरिंग पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षक अर्पणा कोरवाल के अनुसार, इस कोर्स में शुरुआत में प्रतिभागियों का परिचय कराया जाता है और फिर उन्हें सिलाई की माप, कपड़ों के प्रकार और टेलरिंग की तकनीकी बारीकियाँ सिखाई जाती हैं। प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है, जिसकी सहायता से वे बैंक से ऋण प्राप्त कर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं।
लाभार्थियों की आवाज़: क्या कह रही हैं प्रशिक्षणार्थी
प्रशिक्षण प्राप्त कर रही लाभार्थी इंशा बानो ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह योजना ग्रामीण युवाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि 10 दिनों के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई और व्यवसाय से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिली हैं। इंशा ने कहा,