सिक्का किंमंत्रा ग्रीन्स निवासियों का विरोध: ₹लाखों देने के बाद भी बिजली-पानी नदारद, नोएडा सेक्टर 79 में फूटा गुस्सा
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर 79 स्थित सिक्का किंमंत्रा ग्रीन्स सोसायटी के 200 से अधिक निवासियों ने 22 अगस्त 2026 (शनिवार) को सिक्का बिल्डर्स के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। निवासियों का आरोप है कि लाखों रुपये चुकाकर फ्लैट खरीदने के बावजूद उन्हें बिजली, साफ पानी, लिफ्ट और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मुख्य शिकायतें: क्या-क्या है बदहाल
निवासियों के अनुसार सोसायटी में प्रतिदिन 10 से 25 बार बिजली कटौती होती है और बिजली कनेक्शन का काम अभी तक अधूरा है। पानी का टीडीएस 300 से अधिक बताया जा रहा है, जिससे बाल झड़ने और त्वचा संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। सुनील नामक निवासी ने बताया, 'पानी का टीडीएस 300 से ज़्यादा है। हम इसे कैसे पिएं। बाल और स्किन से जुड़ी समस्या हो रही है। कुछ दिनों पहले एक लिफ्ट भी गिर गई।'
निवासी साहब सिंह राठी ने बताया कि उनके सोसायटी में दो फ्लैट हैं और बाहर से पानी मंगाकर पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'पानी इतना खराब है कि स्नान भी नहीं किया जा सकता। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था नहीं है, गैस पाइपलाइन का काम अधूरा है, सिलेंडरों से काम चलाना पड़ रहा है।'
निवासी रश्मि ने बताया कि टावर के पीछे डंपयार्ड बना है, सीवर की बदबू और मच्छरों की समस्या है और बेसमेंट में पानी भरा रहता है। सोसायटी का निरीक्षण डेढ़ महीने पहले हुआ था, लेकिन हालात जस के तस हैं।
निवासियों की पीड़ा: सालों की प्रतीक्षा, झूठे आश्वासन
नवीन कुमार के अनुसार सोसायटी में 300 से अधिक फ्लैट हैं और सभी निवासी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डर ने एक महीने की मोहलत मांगी थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। हर महीने ₹5,000 रखरखाव शुल्क लिया जाता है, फिर भी न सड़कें बनी हैं, न पार्किंग है, न लिफ्ट ठीक है, न फायर सिस्टम काम करता है।
सोमनाथ मंडल ने बताया कि उन्होंने 2017 में फ्लैट बुक किया था और 2024 से सोसायटी में रह रहे हैं। उनके अनुसार बिल्डर ने जो वादे किए थे, उनका 80 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ और पूरा पैसा वसूल लिया गया। एक अन्य निवासी ने बताया कि उन्होंने 2018 में फ्लैट बुक किया और 2024 में पजेशन मिला, तब से समस्याएं झेल रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में खरीदारों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं और RERA जैसे नियामक ढांचे के बावजूद बिल्डरों की जवाबदेही पर सवाल उठते रहे हैं।
कानूनी विवाद और धोखाधड़ी के आरोप
एक निवासी ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने उनका फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति को बेचकर दोबारा लोन करा दिया, जिस पर न्यायालय में मामला चल रहा है। एक अन्य निवासी ने बताया कि पूरा भुगतान करने के बाद भी उन्हें अब तक पजेशन नहीं मिला है और बिल्डर का रवैया है कि 'जो करना है कर लीजिए, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।' गौरतलब है कि फव्वारे में जमा गंदे पानी से डेंगू फैलने की भी शिकायत की गई है और कई निवासियों का इलाज चल रहा है।
बिल्डर का पक्ष: 6 महीने में काम पूरा करने का वादा
बिल्डर की ओर से हरचरन सिंह ने कहा, 'हमारे लोग काम कर रहे हैं। जो भी समस्याएं हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर कराया जाएगा। कोशिश रहेगी कि 6 महीने के अंदर जो काम अधूरे हैं, उन्हें पूरा करवा दिया जाए। पानी का कनेक्शन जल्दी हो जाएगा और बिजली कनेक्शन भी जल्द लग जाएंगे।' सिक्का बिल्डर के पीए अमित ने कहा कि एक से डेढ़ महीने के अंदर अधूरे कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।
आगे क्या होगा
निवासियों ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करेंगे। सोसायटी के कई निवासी पहले से ही न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुके हैं। अब यह देखना होगा कि बिल्डर के नए आश्वासन पिछले वादों से अलग साबित होते हैं या नहीं।