13 जुलाई 2026
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एसआईआर प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय, हर मुद्दे पर राजनीति नहीं: आठवले

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एसआईआर प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय, हर मुद्दे पर राजनीति नहीं: आठवले

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को संवैधानिक ठहराया — और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इसे सराहते हुए विपक्ष को आईना दिखाया। इंडिया गठबंधन के नेतृत्व की खींचतान और कर्नाटक की अंदरूनी कलह पर भी उनका बेबाक रुख सामने आया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 28 मई 2026 को नागपुर में सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर फैसले को सराहनीय बताया।
न्यायालय ने चुनाव आयोग को मतदाता सूची स्वच्छ रखने की प्रक्रिया को संवैधानिक घोषित किया।
आठवले ने कहा — इंडिया गठबंधन के नेतृत्व का सवाल उनका आंतरिक मामला है, NDA को कोई फर्क नहीं पड़ता।
TMC और शरद पवार की पार्टी के अलग-अलग नेतृत्व दावों पर उन्होंने गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए।
कर्नाटक में सिद्धारमैया के इस्तीफे की चर्चा के बीच डीके शिवकुमार के नाम पर कांग्रेस के भीतर माँग का उल्लेख किया।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 28 मई 2026 को नागपुर में सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया संबंधी फैसले को सराहनीय बताते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को संवैधानिक रूप से सही ठहराया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आठवले का रुख

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को संवैधानिक अधिकार घोषित किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) विपक्ष पर लगातार आक्रामक रही है। आठवले ने कहा कि विपक्ष किसी को भी निशाना बना सकता है, किंतु न्यायालय ने चुनाव आयोग (ECI) को यह अधिकार स्पष्ट रूप से दिया है कि वह मतदाता सूची को स्वच्छ और सटीक बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी मतदाता का नाम सूची में दो या तीन बार दर्ज नहीं होना चाहिए और दिवंगत व्यक्तियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए। आठवले के अनुसार, इन्हीं पहलुओं की गहन समीक्षा के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को उचित ठहराया है।

इंडिया गठबंधन के नेतृत्व पर कटाक्ष

इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी को सर्वोच्च नेता बताए जाने पर आठवले ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपने-अपने नेताओं के नाम पर चुनाव लड़ने की बात करते रहते हैं, जो गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है।

आठवले ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) यह दावा करेगी कि चुनाव ममता बनर्जी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, जबकि शरद पवार की पार्टी अपने नेतृत्व का अलग दावा पेश करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन किसके नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरेगा, यह उनका आंतरिक मामला है और इससे BJP या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।

कर्नाटक की राजनीति पर टिप्पणी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलों पर आठवले ने कहा कि सिद्धारमैया ने पहले जनता दल छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था, जिसके बाद उन्हें कई वर्षों तक मुख्यमंत्री पद पर रहने का अवसर मिला। गौरतलब है कि कांग्रेस के भीतर कई वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार के नाम पर भी विचार किए जाने की माँग करते रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर आंतरिक खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं, जिसे विपक्षी दल राजनीतिक अस्थिरता के संकेत के रूप में पेश कर रहे हैं।

आगे क्या

एसआईआर प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखने के संकेत दे रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे लोकतंत्र की मजबूती के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मतदाता सूची शुद्धिकरण की आड़ में वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका — जो विपक्ष का मुख्य तर्क है — उसे आठवले ने संबोधित नहीं किया। इंडिया गठबंधन की नेतृत्व समस्या वास्तविक है, लेकिन NDA की 'हमें फर्क नहीं पड़ता' वाली भाषा खुद एक राजनीतिक संदेश है। कर्नाटक पर टिप्पणी यह बताती है कि BJP दक्षिण में कांग्रेस की आंतरिक दरारों को लगातार उभारने की कोशिश में है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या है?
सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया को संवैधानिक अधिकार घोषित किया है, जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची को स्वच्छ और सटीक बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा सकता है। इसमें डुप्लीकेट और दिवंगत मतदाताओं के नाम हटाना शामिल है।
रामदास आठवले ने इस फैसले पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने फैसले को सराहनीय बताया और कहा कि विपक्ष को हर मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनके अनुसार न्यायालय ने सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को उचित ठहराया है।
इंडिया गठबंधन के नेतृत्व पर आठवले का क्या रुख है?
आठवले ने कहा कि इंडिया गठबंधन किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा, यह उनका आंतरिक फैसला है। उन्होंने TMC और शरद पवार की पार्टी के अलग-अलग नेतृत्व दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे BJP या NDA पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे पर आठवले ने क्या कहा?
आठवले ने कहा कि सिद्धारमैया ने पहले जनता दल छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था और उसके बाद कई वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस के भीतर कई वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार के नाम पर विचार किए जाने की माँग करते रहे हैं।
एसआईआर प्रक्रिया से आम मतदाताओं पर क्या असर पड़ेगा?
इस प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची में डुप्लीकेट और दिवंगत व्यक्तियों के नाम हटाएगा, जिससे सूची अधिक सटीक बनेगी। हालाँकि विपक्षी दलों की आशंका है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम भी गलती से हट सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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