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क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को बेनकाब किया?

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क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को बेनकाब किया?

सारांश

कांग्रेस ने बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है। जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को बेनकाब करने वाली टिप्पणी की है। जानिए इस महत्वपूर्ण फैसले के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
चुनाव आयोग को हटाए गए मतदाताओं की सूची प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया।
आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में मान्यता दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपाय निर्धारित किए हैं।
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।

नई दिल्ली, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर दिए गए निर्णय का स्वागत किया है। इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आयोग अब बेनकाब हो गया है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार एसआईआर मुद्दे पर आज के निर्णय का स्वागत करती है और इसकी सराहना करती है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के लोकतंत्र को भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के घातक हमले से बचाया गया है।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को हस्तक्षेप करते हुए चुनाव आयोग के उस निर्णय को रद्द कर दिया था, जिसमें उसने हटाए गए मतदाताओं की सूची साझा करने से इंकार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने ईसीआई को निर्देश दिया था कि हटाए गए मतदाताओं की सूची कारणों सहित प्रकाशित की जाए।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को यह भी निर्देश दिया था कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाए। अदालत ने आज एक बार फिर स्पष्ट किया है कि आधार एक मान्य पहचान पत्र है, जिसे चुनाव आयोग को अनिवार्य रूप से स्वीकार करना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने के लिए सुरक्षा उपाय तय किए हैं, जिनमें राजनीतिक दलों की भागीदारी को भी शामिल किया गया है। अब तक चुनाव आयोग का रवैया बाधा उत्पन्न करने वाला है और मतदाताओं के हितों के विपरीत रहा है। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि यह हमें एक ऐसा अधिकार प्रदान करता है, जिसे चुनाव आयोग अनदेखा नहीं कर सकता। चुनाव आयोग पूरी तरह से बेनकाब और बदनाम हो गया है। इसके जी2 कठपुतली संचालक निर्णायक रूप से पराजित हो गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए तत्पर है। देश के हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है, और इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सभी संस्थाओं की है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह फैसला चुनाव आयोग की पारदर्शिता को सुनिश्चित करता है और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है।
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा?
उन्होंने चुनाव आयोग को बेनकाब बताते हुए इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राष्ट्र प्रेस
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