एसआईआर से फर्जी मतदाता हटेंगे, शुद्ध वोटर सूची से लोकतंत्र होगा मजबूत: भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ करने की दिशा में अनिवार्य कदम है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), शिक्षा में नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग पर भी अपने विचार साझा किए।
एसआईआर पर भाजपा सांसद का पक्ष
बाजपेयी ने SIR का विरोध करने वालों को 'गलतफहमी का शिकार' बताया। उन्होंने कहा, 'एसआईआर का मतलब है फर्जी वोटरों को हटाना और वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाना। अगर किसी व्यक्ति की मौत हो गई है, वह कहीं और चला गया है या अब वहां नहीं रहता है, तो वोटर लिस्ट में उसका नाम रखने का कोई मतलब नहीं है।' उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ मतदान प्रतिशत 80 से 95 प्रतिशत तक पहुँच जाता है, जो अशुद्ध मतदाता सूची की ओर संकेत करता है। उनके अनुसार, 'साफ-सुथरी वोटर लिस्ट के आधार पर वोटिंग से बनी सरकारें बेहतर सरकारें होती हैं।'
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर बोलते हुए बाजपेयी ने कहा कि यह नीति गहन विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि कोई भी नीति पूर्णतः परफेक्ट नहीं होती और समय की आवश्यकताओं के अनुसार सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहनी चाहिए। गौरतलब है कि NEP 2020 को लेकर देशभर में विशेषज्ञों और राज्य सरकारों के बीच अलग-अलग मत रहे हैं।
शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की जरूरत
एसोचैम द्वारा आयोजित शिक्षा संबंधी समिट की सराहना करते हुए बाजपेयी ने कहा कि शिक्षा की दिशा तय करना और उसे रोजगार-उन्मुख बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों में इनोवेशन करने, स्टार्टअप शुरू करने और 'नौकरी माँगने वाले' के बजाय 'नौकरी देने वाले' बनने का आत्मविश्वास पैदा होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा बेरोजगारी दर पर बहस तेज है।
AI के दुरुपयोग पर चिंता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर बाजपेयी ने कहा कि इसका सदुपयोग अत्यंत लाभकारी हो सकता है, लेकिन दुरुपयोग समाज के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने AI की तुलना पौराणिक पात्र 'भस्मासुर' से करते हुए कहा कि यह तकनीक जितनी शक्तिशाली है, उसका गलत इस्तेमाल उतना ही खतरनाक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन AI के सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा देने का है, लेकिन कुछ युवाओं द्वारा इसके दुरुपयोग की प्रवृत्ति चिंताजनक है।
आगे की राह
बाजपेयी के बयान ऐसे समय में आए हैं जब चुनाव आयोग (ECI) की SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। शुद्ध मतदाता सूची, रोजगारोन्मुख शिक्षा और जिम्मेदार AI उपयोग — ये तीनों मुद्दे आने वाले समय में नीतिगत बहस के केंद्र में रहेंगे।