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एसआईआर से फर्जी मतदाता हटेंगे, शुद्ध वोटर सूची से लोकतंत्र होगा मजबूत: भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी

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एसआईआर से फर्जी मतदाता हटेंगे, शुद्ध वोटर सूची से लोकतंत्र होगा मजबूत: भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी

सारांश

भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने SIR का बचाव करते हुए कहा कि फर्जी मतदाताओं को हटाना लोकतंत्र की शुद्धि है। साथ ही NEP में निरंतर सुधार की वकालत की और AI को 'भस्मासुर' बताते हुए इसके दुरुपयोग पर गंभीर चेतावनी दी।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने 9 जुलाई 2026 को SIR प्रक्रिया का समर्थन करते हुए फर्जी मतदाताओं को सूची से हटाने को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया।
पश्चिम बंगाल में 80 से 95 प्रतिशत मतदान प्रतिशत को अशुद्ध मतदाता सूची का संकेत बताया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को सकारात्मक बताते हुए समय के अनुसार निरंतर सुधार की आवश्यकता स्वीकार की।
शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने और बच्चों में उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाने पर जोर दिया।
AI की तुलना पौराणिक पात्र 'भस्मासुर' से करते हुए युवाओं द्वारा इसके दुरुपयोग पर चिंता जताई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ करने की दिशा में अनिवार्य कदम है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), शिक्षा में नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग पर भी अपने विचार साझा किए।

एसआईआर पर भाजपा सांसद का पक्ष

बाजपेयी ने SIR का विरोध करने वालों को 'गलतफहमी का शिकार' बताया। उन्होंने कहा, 'एसआईआर का मतलब है फर्जी वोटरों को हटाना और वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाना। अगर किसी व्यक्ति की मौत हो गई है, वह कहीं और चला गया है या अब वहां नहीं रहता है, तो वोटर लिस्ट में उसका नाम रखने का कोई मतलब नहीं है।' उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ मतदान प्रतिशत 80 से 95 प्रतिशत तक पहुँच जाता है, जो अशुद्ध मतदाता सूची की ओर संकेत करता है। उनके अनुसार, 'साफ-सुथरी वोटर लिस्ट के आधार पर वोटिंग से बनी सरकारें बेहतर सरकारें होती हैं।'

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर बोलते हुए बाजपेयी ने कहा कि यह नीति गहन विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि कोई भी नीति पूर्णतः परफेक्ट नहीं होती और समय की आवश्यकताओं के अनुसार सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहनी चाहिए। गौरतलब है कि NEP 2020 को लेकर देशभर में विशेषज्ञों और राज्य सरकारों के बीच अलग-अलग मत रहे हैं।

शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की जरूरत

एसोचैम द्वारा आयोजित शिक्षा संबंधी समिट की सराहना करते हुए बाजपेयी ने कहा कि शिक्षा की दिशा तय करना और उसे रोजगार-उन्मुख बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों में इनोवेशन करने, स्टार्टअप शुरू करने और 'नौकरी माँगने वाले' के बजाय 'नौकरी देने वाले' बनने का आत्मविश्वास पैदा होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा बेरोजगारी दर पर बहस तेज है।

AI के दुरुपयोग पर चिंता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर बाजपेयी ने कहा कि इसका सदुपयोग अत्यंत लाभकारी हो सकता है, लेकिन दुरुपयोग समाज के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने AI की तुलना पौराणिक पात्र 'भस्मासुर' से करते हुए कहा कि यह तकनीक जितनी शक्तिशाली है, उसका गलत इस्तेमाल उतना ही खतरनाक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन AI के सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा देने का है, लेकिन कुछ युवाओं द्वारा इसके दुरुपयोग की प्रवृत्ति चिंताजनक है।

आगे की राह

बाजपेयी के बयान ऐसे समय में आए हैं जब चुनाव आयोग (ECI) की SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। शुद्ध मतदाता सूची, रोजगारोन्मुख शिक्षा और जिम्मेदार AI उपयोग — ये तीनों मुद्दे आने वाले समय में नीतिगत बहस के केंद्र में रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि वैध मतदाताओं को सूची से बाहर होने से बचाने के लिए क्या सुरक्षा उपाय हैं — यह पहलू बाजपेयी के बयान में अनुपस्थित रहा। पश्चिम बंगाल के उच्च मतदान प्रतिशत को सीधे फर्जी वोटरों से जोड़ना एक सरलीकृत तर्क है, जिसे चुनावी विशेषज्ञ पूरी तरह स्वीकार नहीं करते। AI पर 'भस्मासुर' वाली उपमा प्रभावशाली है, लेकिन सरकार की ओर से ठोस नियामक ढाँचे की अनुपस्थिति में यह केवल वक्तव्य बनकर रह जाती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया है, जिसमें मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। भाजपा सांसद बाजपेयी के अनुसार, यह लोकतंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।
लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने पश्चिम बंगाल के मतदान प्रतिशत का उल्लेख क्यों किया?
बाजपेयी ने पश्चिम बंगाल में 80 से 95 प्रतिशत तक के मतदान प्रतिशत को अशुद्ध मतदाता सूची का परिणाम बताया। उनका तर्क था कि फर्जी या अनुपस्थित मतदाताओं के नाम सूची में रहने से मतदान के आँकड़े वास्तविकता से अधिक दिखते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर भाजपा सांसद का क्या रुख है?
बाजपेयी ने NEP को गहन विचार-विमर्श से बनी नीति बताया, लेकिन यह भी माना कि कोई भी नीति पूर्ण नहीं होती। उन्होंने समय की जरूरत के अनुसार निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
बाजपेयी ने AI की तुलना 'भस्मासुर' से क्यों की?
भाजपा सांसद बाजपेयी ने AI को 'भस्मासुर' की उपमा दी — अर्थात एक ऐसी शक्ति जो अपने निर्माता के लिए ही खतरा बन सकती है। उनका कहना था कि AI का सदुपयोग लाभकारी है, लेकिन कुछ युवाओं द्वारा इसके दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती है।
शिक्षा और रोजगार को लेकर बाजपेयी ने क्या सुझाव दिए?
बाजपेयी ने शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने और बच्चों में उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि युवाओं को 'नौकरी माँगने वाले' के बजाय 'नौकरी देने वाले' बनने के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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