एसआईआर से अवैध मतदाताओं की होगी पहचान, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ज़रूरी: भाजपा सांसद रेखा शर्मा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने 17 जून 2026 को यमुनानगर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अपरिहार्य बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2002 के बाद से मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण न होने के कारण बड़ी संख्या में अपात्र नाम सूची में जुड़ गए, जिसका राजनीतिक लाभ कुछ दलों को मिला। उन्होंने यह भी कहा कि नीट-यूजी परीक्षा से जुड़ी सामग्री के प्रसार में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के कथित दुरुपयोग की बातें सामने आई हैं।
एसआईआर क्यों ज़रूरी है
रेखा शर्मा के अनुसार, 2002 के बाद से देश में जनसंख्या संरचना में व्यापक बदलाव आया — कई नागरिकों का निधन हुआ, लाखों लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए और नए मतदाता जुड़े, लेकिन मतदाता सूचियों का उसी अनुपात में सत्यापन नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि अब बूथ लेवल एजेंट (BLA) और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के सहयोग से व्यापक स्तर पर जाँच और सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। उनका कहना था कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए अनिवार्य है।
पश्चिम बंगाल पर गंभीर आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में वर्षों से बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए, जिससे राज्य की राजनीति प्रभावित हुई। उनके अनुसार, बांग्लादेश से आए लोगों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराकर मतदाता सूची में जोड़ा गया और इसका राजनीतिक लाभ सत्तारूढ़ दल को मिला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ केवल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती हैं। यह उल्लेखनीय है कि ये आरोप BJP के नेताओं की ओर से पहले भी लगाए जाते रहे हैं और TMC इन्हें राजनीति से प्रेरित बताती है।
वैध मतदाताओं को चिंता नहीं: रेखा शर्मा
रेखा शर्मा ने स्पष्ट किया कि एसआईआर से केवल उन्हीं लोगों को चिंता होनी चाहिए जिनके दस्तावेज या मतदाता पहचान अवैध तरीके से बनाई गई है। उन्होंने कहा कि वैध भारतीय नागरिकों का नाम सूची में बना रहेगा और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मतदाता और उनके परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी ली जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य स्थान पर रह रहा है, तब भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका सत्यापन किया जा सकता है।
फर्जी दस्तावेज और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग
सांसद ने आरोप लगाया कि अवैध रूप से भारत में रह रहे कुछ लोग फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक संसाधनों का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों तक पहुँचे। राष्ट्रीय सुरक्षा और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए अवैध निवासियों की पहचान और उनके विरुद्ध कार्रवाई को उन्होंने आवश्यक बताया।
नीट-यूजी और टेलीग्राम का कथित दुरुपयोग
नीट-यूजी परीक्षा विवाद पर बोलते हुए रेखा शर्मा ने कहा कि परीक्षा से जुड़ी सामग्री और प्रश्नों की जानकारी टेलीग्राम के माध्यम से प्रसारित किए जाने की बातें कथित तौर पर सामने आई थीं। उन्होंने दावा किया कि टेलीग्राम की तकनीकी संरचना के कारण उस पर साझा की जाने वाली जानकारी को ट्रैक करना अपेक्षाकृत कठिन होता है, जिसके चलते कुछ लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। गौरतलब है कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जाँच एजेंसियाँ पहले से सक्रिय हैं और यह मुद्दा संसद में भी उठाया जा चुका है।