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क्या कफ सिरप मामले में एसआईटी ने कोलकाता से दो लोगों को गिरफ्तार किया?

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क्या कफ सिरप मामले में एसआईटी ने कोलकाता से दो लोगों को गिरफ्तार किया?

सारांश

कफ सिरप तस्करी के मामले में वाराणसी की एसआईटी ने कोलकाता से दो फार्मा संचालकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी अवैध सप्लाई और फर्जी सेटिंग के खुलासे के बाद की गई। कफ सिरप से जुड़े इस मामले में कई अन्य आरोपियों की भी जांच की जा रही है।

मुख्य बातें

कफ सिरप की तस्करी के मामले में एसआईटी की महत्वपूर्ण कार्रवाई।
कोलकाता से दो फार्मा संचालकों की गिरफ्तारी।
तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच जारी।

वाराणसी, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कफ सिरप तस्करी के मामले में वाराणसी पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोमवार को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। एसआईटी ने कोलकाता से दो फार्मा कंपनी के संचालकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कफ सिरप की अवैध सप्लाई और फर्जी सेटिंग के माध्यम से इसे अन्य राज्यों में भेजने के खुलासे के बाद की गई है।

एसआईटी टीम अब दोनों आरोपियों, निशांत फार्मा के संचालक प्रतीक मिश्रा और विश्वनाथ फार्मा के मालिक विकास सोनकर, को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर वाराणसी लौट रही है। आरोप है कि दोनों अपनी फर्मों के नाम पर कफ सिरप की बड़ी मात्रा मंगवाते थे, किन्तु असली सप्लाई कहीं और भेजी जाती थी।

कफ सिरप तस्करी से जुड़े इस मामले में एसआईटी ने अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर लिंक जुड़े हुए हैं, जिनकी जांच जारी है। टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन फर्मों के जरिए सिरप की अवैध सप्लाई किन-किन राज्यों तक की जाती थी।

डीसीपी क्राइम सरवन टी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वाराणसी में कफ सिरप मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। इसी एसआईटी के निर्देशन में कोलकाता से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसआईटी की टीम ने विश्वनाथ मेडिकल के मालिक विकास सोनकर और निशांत फार्मा के मालिक प्रतीक मिश्रा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

गौरतलब है कि प्रतिबंधित कफ सिरप का मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है। इससे पहले, कोडीन सिरप मामले में लखनऊ एसटीएफ ने अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ की टीम ने गोमतीनगर के ग्वारी चौराहे से अमित कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अमित कुमार सिंह ने पूछताछ में बताया था कि आजमगढ़ के रहने वाले विकास सिंह के माध्यम से शुभम जायसवाल से परिचय हुआ था। शुभम जायसवाल का एबॉट कंपनी की फेन्सेडिल कफ सिरप का शैली ट्रेडर्स के नाम से बड़ा कारोबार रांची, झारखंड में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ छानबीन का हिस्सा है। हमें उम्मीद है कि जांच के बाद इस तरह के अपराधों पर काबू पाया जा सकेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कफ सिरप तस्करी का मामला कब से चल रहा है?
यह मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है, जिसमें कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
गिरफ्तारी के बाद क्या कार्रवाई की जाएगी?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
क्या अन्य लोग भी इस मामले में शामिल हैं?
हां, एसआईटी ने अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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