24 सितंबर 2026
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नेपाल: जुफल एयरपोर्ट पर सीता एयर के विमान का टायर उखड़ा, 16 में से सभी यात्री सुरक्षित

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नेपाल: जुफल एयरपोर्ट पर सीता एयर के विमान का टायर उखड़ा, 16 में से सभी यात्री सुरक्षित

सारांश

नेपाल के डोल्पा ज़िले में सीता एयर का विमान उतरते ही संकट में पड़ गया — टायर निकल गया, पर 16 लोगों की जान बच गई। यूरोपीय प्रतिबंध सूची में दशक से दर्ज नेपाल के लिए यह एक और सुरक्षा चेतावनी है।

मुख्य बातें

सीता एयर के विमान का दाहिनी ओर का पिछला टायर 24 सितंबर 2026 को जुफल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उखड़ गया।
विमान में 13 यात्री और 3 क्रू सदस्य सहित कुल 16 लोग सवार थे — सभी सुरक्षित।
यात्रियों में फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम के 7 विदेशी नागरिक और 6 नेपाली नागरिक शामिल थे।
विमान नेपालगंज से जुफल जा रहा था; सुबह 8:25 बजे लैंडिंग के दौरान घटना हुई।
EU ने 2013 से नेपाली एयरलाइंस पर यूरोपीय हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध लगाया हुआ है।
विमान की जाँच के लिए तकनीकी टीम भेजी जा रही है; अगले कदम पर फ़ैसला रिपोर्ट के बाद होगा।

पश्चिमी नेपाल के डोल्पा जिले स्थित जुफल एयरपोर्ट पर गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को सीता एयर के एक विमान की लैंडिंग के दौरान दाहिनी ओर का पिछला टायर उखड़ गया, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विमान में सवार 13 यात्री और 3 क्रू सदस्य सहित कुल 16 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। डोल्पा जिला पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है।

घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना

डोल्पा जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख, डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) अनिल राज गिरी ने बताया कि विमान सुबह लगभग 8:25 बजे जुफल एयरपोर्ट पर उतर रहा था, जब लैंडिंग के क्षण दाहिनी ओर का पिछला टायर निकल गया। गिरी के अनुसार, घटना के बाद विमान रनवे पर ही खड़ा है और तकनीकी टीम के पहुँचने तक कोई भी अगला कदम नहीं उठाया जाएगा।

यह विमान दक्षिण-पश्चिमी नेपाल के नेपालगंज एयरपोर्ट से उड़ान भरकर जुफल पहुँचा था। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें विमान का टायर ढलान पर लुढ़कते हुए दिखाई दे रहा है।

यात्रियों की पहचान

DSP गिरी के अनुसार, विमान में सवार 13 यात्रियों में फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम के 7 विदेशी नागरिक तथा 6 नेपाली नागरिक शामिल थे। तीनों क्रू सदस्यों समेत सभी को बिना किसी चोट के सुरक्षित निकाल लिया गया।

गौरतलब है कि डोल्पा नेपाल के सबसे दूरदराज़ और दुर्गम जिलों में से एक है, जहाँ वायु मार्ग ही संपर्क का प्रमुख साधन है। ऐसे इलाकों में विमान हादसों के दौरान बचाव अभियान चलाना भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।

नेपाल की विमानन सुरक्षा पर पुराने सवाल

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नेपाल का विमानन सुरक्षा रिकॉर्ड पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। 24 जुलाई 2024 को काठमांडू में सौर्या एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें सवार 19 में से 18 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे ने विमान संचालन, उड़ान की तैयारी, कार्गो हैंडलिंग और नियामक निगरानी में गंभीर खामियाँ उजागर की थीं।

यूरोपीय संघ (EU) ने 2013 से नेपाल को अपनी विमानन सुरक्षा प्रतिबंध सूची में रखा हुआ है, जिसके चलते नेपाली एयरलाइंस यूरोपीय हवाई क्षेत्र में उड़ान नहीं भर सकतीं। आलोचकों का कहना है कि पहाड़ी भूगोल और सीमित बुनियादी ढाँचे के बावजूद नियामक सुधार की गति अपर्याप्त रही है।

अब आगे क्या

DSP गिरी ने बताया कि विमान की स्थिति का आकलन करने के लिए एक तकनीकी टीम जुफल एयरपोर्ट पहुँचने वाली है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि विमान की मरम्मत होगी या उसे वहीं रोका जाएगा। नेपाल की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना की जाँच किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनकी ज़मीनी हकीकत जुफल जैसी घटनाओं में साफ़ दिखती है। EU का एक दशक पुराना प्रतिबंध महज़ एक कूटनीतिक अड़चन नहीं, बल्कि एक चेतावनी है जिसे नेपाल की नागरिक उड्डयन व्यवस्था ने गंभीरता से नहीं लिया। दूरदराज़ के पहाड़ी इलाकों में हवाई मार्ग ही एकमात्र जीवनरेखा है, इसलिए वहाँ सुरक्षा मानकों में ढिलाई की कीमत आम नागरिक चुकाते हैं — और यही सवाल नेपाल के नीति-निर्माताओं को बेचैन करना चाहिए।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुफल एयरपोर्ट पर सीता एयर के विमान के साथ क्या हुआ?
24 सितंबर 2026 को नेपाल के डोल्पा जिले स्थित जुफल एयरपोर्ट पर उतरते समय सीता एयर के विमान का दाहिनी ओर का पिछला टायर उखड़ गया। विमान में सवार सभी 16 लोग — 13 यात्री और 3 क्रू सदस्य — सुरक्षित बताए गए हैं।
क्या विमान में कोई विदेशी यात्री भी थे?
हाँ, डोल्पा पुलिस के अनुसार विमान में फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम के 7 विदेशी नागरिक तथा 6 नेपाली नागरिक सवार थे। सभी यात्री और क्रू सदस्य बिना किसी चोट के सुरक्षित हैं।
नेपाल का विमानन सुरक्षा रिकॉर्ड कैसा है?
नेपाल की विमानन सुरक्षा लंबे समय से सवालों के घेरे में है। यूरोपीय संघ ने 2013 से नेपाली एयरलाइंस पर EU हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। 24 जुलाई 2024 को काठमांडू में सौर्या एयरलाइंस दुर्घटना में 19 में से 18 लोगों की मौत हो गई थी, जिसने गंभीर खामियाँ उजागर की थीं।
अब विमान का क्या होगा?
DSP अनिल राज गिरी के अनुसार, विमान फिलहाल जुफल एयरपोर्ट के रनवे पर खड़ा है। एक तकनीकी टीम के पहुँचने और विमान की स्थिति का आकलन करने के बाद ही अगला कदम तय होगा।
जुफल एयरपोर्ट कहाँ है और यह इलाका क्यों चुनौतीपूर्ण है?
जुफल एयरपोर्ट नेपाल के डोल्पा जिले में स्थित है, जो देश के सबसे दूरदराज़ और पहाड़ी क्षेत्रों में से एक है। यहाँ वायु मार्ग ही संपर्क का मुख्य साधन है, और दुर्गम भूगोल के कारण बचाव अभियान चलाना अत्यंत कठिन होता है।
राष्ट्र प्रेस
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