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डोल्पा में बर्फबारी में फंसे 6 भारतीय पर्यटक रेस्क्यू, बिना परमिट पहुंचे थे प्रतिबंधित क्षेत्र में

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डोल्पा में बर्फबारी में फंसे 6 भारतीय पर्यटक रेस्क्यू, बिना परमिट पहुंचे थे प्रतिबंधित क्षेत्र में

सारांश

बर्फबारी, प्रशासनिक चेतावनी और परमिट नियम — तीनों को नज़रअंदाज़ करने के बाद डोल्पा में फंसे छह भारतीय पर्यटकों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया। यह घटना नेपाल के उच्च-हिमालयी क्षेत्रों में लापरवाह ट्रेकिंग के जोखिमों को एक बार फिर उजागर करती है।

मुख्य बातें

पश्चिमी नेपाल के डोल्पा जिले में 31 अक्टूबर 2026 से बर्फबारी में फंसे 6 भारतीय पर्यटकों को सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर से बचाया गया।
सभी पर्यटकों को जिला मुख्यालय दुनाई लाया गया; सभी की सेहत ठीक है।
ये पर्यटक धो ताराप से शे-फोक्सुंडो झील की ओर ट्रेकिंग कर रहे थे जब भारी बर्फबारी की चपेट में आए।
डीएसपी अनिल राज गिरी के अनुसार, पर्यटक बिना अनिवार्य परमिट के अपर डोल्पा के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे थे।
नेपाल के आव्रजन विभाग ने 27 अक्टूबर को ही 29-31 अक्टूबर के लिए इन क्षेत्रों के परमिट जारी करना रोक दिया था।
चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से बिगड़े मौसम और हेलीकॉप्टर की अनुपलब्धता के कारण बचाव अभियान में देरी हुई।

पश्चिमी नेपाल के सुदूर जिले डोल्पा में भारी बर्फबारी के बीच फंसे छह भारतीय पर्यटकों को सोमवार, 3 नवंबर 2026 की सुबह हेलीकॉप्टर के ज़रिए सुरक्षित निकाल लिया गया। डोल्पा जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख, पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अनिल राज गिरी ने पुष्टि की कि सभी छह पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह बचाव अभियान तब शुरू हुआ जब 31 अक्टूबर 2026 से इन पर्यटकों से संपर्क पूरी तरह टूट गया था।

कैसे हुई घटना

ये भारतीय पर्यटक धो ताराप से शे-फोक्सुंडो झील की ओर ट्रेकिंग कर रहे थे, जो नेपाल के सबसे लोकप्रिय उच्च-हिमालयी पर्यटन स्थलों में से एक है। इसी दौरान इलाके में भारी बर्फबारी हुई और समूह शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के दानिगढ़ क्षेत्र में फंस गया। डीएसपी गिरी के अनुसार, स्थान का पता चलते ही तुरंत हेलीकॉप्टर भेजा गया और सभी को जिला मुख्यालय दुनाई लाया गया।

बचाव में विलंब क्यों हुआ

अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि 31 अक्टूबर को फंसे होने की सूचना मिलने के बावजूद, खराब मौसम और हेलीकॉप्टर की उपलब्धता में आई दिक्कतों के कारण बचाव अभियान में काफी देरी हुई। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम लगातार बिगड़ रहा था, जिसकी चेतावनी स्थानीय प्रशासन पहले ही जारी कर चुका था।

परमिट उल्लंघन का मामला

डीएसपी गिरी ने बताया कि ये भारतीय पर्यटक आवश्यक प्रशासनिक परमिट लिए बिना ही अपर डोल्पा पहुंच गए थे। जिले का ऊपरी हिस्सा एक प्रतिबंधित क्षेत्र है और वहाँ जाने के लिए विदेशी नागरिकों को नेपाल के आव्रजन विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ़ इमिग्रेशन) से विशेष ट्रेकिंग परमिट लेना अनिवार्य है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नेपाल के आव्रजन विभाग ने 27 अक्टूबर 2026 को ही 29 से 31 अक्टूबर के लिए ऐसे प्रतिबंधित हिमालयी क्षेत्रों के परमिट जारी करना अस्थायी रूप से बंद कर दिया था।

आपदा प्राधिकरण की चेतावनी को नज़रअंदाज़ किया गया

नेपाल की 'राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण' (NDRRMA) ने पर्यटकों को भारी बर्फबारी, बर्फीले तूफान और हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए इन इलाकों की यात्रा न करने की सलाह दी थी। प्राधिकरण ने यह भी सचेत किया था कि सड़क व हवाई परिवहन सेवाएँ बाधित हो सकती हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने की आशंका है। इसके बावजूद कथित तौर पर पर्यटकों ने यह यात्रा की।

आगे क्या होगा

फ़िलहाल सभी छह पर्यटकों की स्वास्थ्य स्थिति ठीक बताई जा रही है और उन्हें दुनाई में रखा गया है। परमिट उल्लंघन के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। यह घटना नेपाल में उच्च-हिमालयी ट्रेकिंग के दौरान नियमों के पालन और मौसम संबंधी अलर्ट की अनदेखी के गंभीर परिणामों की एक और याद दिलाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

NDRRMA ने चेतावनी दी, स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया — फिर भी पर्यटक प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गए। सवाल यह है कि सीमा पर निगरानी तंत्र कहाँ चूका? हर सीज़न में ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती हैं, और हर बार बचाव अभियान पर संसाधन खर्च होते हैं — जबकि जवाबदेही का ढाँचा अस्पष्ट बना रहता है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के डोल्पा में भारतीय पर्यटक कैसे फंसे?
ये छह भारतीय पर्यटक धो ताराप से शे-फोक्सुंडो झील की ओर ट्रेकिंग कर रहे थे, तभी 31 अक्टूबर 2026 को इलाके में भारी बर्फबारी हुई और वे दानिगढ़ क्षेत्र में फंस गए। खराब मौसम के कारण उनसे संपर्क भी टूट गया था।
भारतीय पर्यटकों को कैसे बचाया गया?
सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर भेजकर सभी छह पर्यटकों को दानिगढ़ से निकाला गया और डोल्पा जिले के मुख्यालय दुनाई लाया गया। डीएसपी अनिल राज गिरी के अनुसार सभी की सेहत ठीक है।
क्या ये पर्यटक बिना परमिट के गए थे?
हाँ, डीएसपी गिरी के अनुसार ये पर्यटक अनिवार्य ट्रेकिंग परमिट लिए बिना ही अपर डोल्पा के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे थे। विदेशी नागरिकों के लिए इस इलाके में जाने हेतु नेपाल के आव्रजन विभाग से विशेष परमिट लेना अनिवार्य है।
नेपाल ने पहले ही चेतावनी क्यों दी थी?
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से 27 अक्टूबर 2026 को नेपाल के NDRRMA ने भारी बर्फबारी, बर्फीले तूफान और हिमस्खलन के खतरे की चेतावनी जारी की थी। आव्रजन विभाग ने 29 से 31 अक्टूबर के लिए प्रतिबंधित हिमालयी क्षेत्रों के ट्रेकिंग परमिट भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए थे।
शे-फोक्सुंडो झील कहाँ है और यह क्यों लोकप्रिय है?
शे-फोक्सुंडो झील पश्चिमी नेपाल के डोल्पा जिले में स्थित है और नेपाल की सबसे गहरी झील मानी जाती है। यह उच्च-हिमालयी ट्रेकर्स के बीच अत्यंत लोकप्रिय है, लेकिन यहाँ जाने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र का परमिट अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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