डोल्पा में बर्फबारी में फंसे 6 भारतीय पर्यटक रेस्क्यू, बिना परमिट पहुंचे थे प्रतिबंधित क्षेत्र में
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी नेपाल के सुदूर जिले डोल्पा में भारी बर्फबारी के बीच फंसे छह भारतीय पर्यटकों को सोमवार, 3 नवंबर 2026 की सुबह हेलीकॉप्टर के ज़रिए सुरक्षित निकाल लिया गया। डोल्पा जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख, पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अनिल राज गिरी ने पुष्टि की कि सभी छह पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह बचाव अभियान तब शुरू हुआ जब 31 अक्टूबर 2026 से इन पर्यटकों से संपर्क पूरी तरह टूट गया था।
कैसे हुई घटना
ये भारतीय पर्यटक धो ताराप से शे-फोक्सुंडो झील की ओर ट्रेकिंग कर रहे थे, जो नेपाल के सबसे लोकप्रिय उच्च-हिमालयी पर्यटन स्थलों में से एक है। इसी दौरान इलाके में भारी बर्फबारी हुई और समूह शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के दानिगढ़ क्षेत्र में फंस गया। डीएसपी गिरी के अनुसार, स्थान का पता चलते ही तुरंत हेलीकॉप्टर भेजा गया और सभी को जिला मुख्यालय दुनाई लाया गया।
बचाव में विलंब क्यों हुआ
अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि 31 अक्टूबर को फंसे होने की सूचना मिलने के बावजूद, खराब मौसम और हेलीकॉप्टर की उपलब्धता में आई दिक्कतों के कारण बचाव अभियान में काफी देरी हुई। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम लगातार बिगड़ रहा था, जिसकी चेतावनी स्थानीय प्रशासन पहले ही जारी कर चुका था।
परमिट उल्लंघन का मामला
डीएसपी गिरी ने बताया कि ये भारतीय पर्यटक आवश्यक प्रशासनिक परमिट लिए बिना ही अपर डोल्पा पहुंच गए थे। जिले का ऊपरी हिस्सा एक प्रतिबंधित क्षेत्र है और वहाँ जाने के लिए विदेशी नागरिकों को नेपाल के आव्रजन विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ़ इमिग्रेशन) से विशेष ट्रेकिंग परमिट लेना अनिवार्य है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नेपाल के आव्रजन विभाग ने 27 अक्टूबर 2026 को ही 29 से 31 अक्टूबर के लिए ऐसे प्रतिबंधित हिमालयी क्षेत्रों के परमिट जारी करना अस्थायी रूप से बंद कर दिया था।
आपदा प्राधिकरण की चेतावनी को नज़रअंदाज़ किया गया
नेपाल की 'राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण' (NDRRMA) ने पर्यटकों को भारी बर्फबारी, बर्फीले तूफान और हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए इन इलाकों की यात्रा न करने की सलाह दी थी। प्राधिकरण ने यह भी सचेत किया था कि सड़क व हवाई परिवहन सेवाएँ बाधित हो सकती हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने की आशंका है। इसके बावजूद कथित तौर पर पर्यटकों ने यह यात्रा की।
आगे क्या होगा
फ़िलहाल सभी छह पर्यटकों की स्वास्थ्य स्थिति ठीक बताई जा रही है और उन्हें दुनाई में रखा गया है। परमिट उल्लंघन के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। यह घटना नेपाल में उच्च-हिमालयी ट्रेकिंग के दौरान नियमों के पालन और मौसम संबंधी अलर्ट की अनदेखी के गंभीर परिणामों की एक और याद दिलाती है।