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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 पर वायरल 'आईबी रिपोर्ट' फर्जी, पीआईबी फैक्ट चेक ने किया खंडन

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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 पर वायरल 'आईबी रिपोर्ट' फर्जी, पीआईबी फैक्ट चेक ने किया खंडन

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर आईबी के नाम से वायरल हो रही रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी है। पीआईबी फैक्ट चेक ने 1 मई को इसका खंडन किया। TMC को 190-220 और BJP को 50-60 सीटें दिखाने वाले दावे बिना किसी आधिकारिक आधार के हैं।

मुख्य बातें

पीआईबी फैक्ट चेक ने 1 मई 2026 को पुष्टि की कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के नाम से वायरल रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी है।
फर्जी रिपोर्ट में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 190-220 सीटें , BJP को 50-60 सीटें और अन्य दलों को 20 सीटें मिलने का निराधार दावा किया गया था।
आईबी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज़ जारी नहीं किया है।
पीआईबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध सामग्री को तुरंत रिपोर्ट करें और केवल सरकारी आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
चुनावी माहौल में फर्जी रिपोर्टों के और अधिक वायरल होने की आशंका को देखते हुए सतर्कता ज़रूरी है।

सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर एक रिपोर्ट तेज़ी से वायरल हो रही है, जिसे कथित तौर पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) द्वारा जारी बताया जा रहा है। सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक इकाई पीआईबी फैक्ट चेक ने 1 मई 2026 को अपने आधिकारिक 'एक्स' (X) हैंडल पर पोस्ट करते हुए इस दावे को पूरी तरह निराधार और फर्जी करार दिया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो ने ऐसी कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है।

वायरल रिपोर्ट में क्या दावे किए गए

वायरल हो रही इस फर्जी रिपोर्ट का शीर्षक कथित तौर पर 'पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का प्रारंभिक आकलन' बताया जा रहा है। इसमें राज्य में वोटिंग पैटर्न को लेकर कई तरह के आँकड़े और विश्लेषण पेश किए गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य में किसी एक दल के पक्ष में स्पष्ट माहौल नहीं बन पाया है और वोटिंग पैटर्न बिखरा हुआ है।

इस फर्जी रिपोर्ट में सीटों के अनुमान भी दिए गए हैं — तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 190 से 220 सीटें, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 50 से 60 सीटें और अन्य दलों को करीब 20 सीटें मिलने का दावा किया गया है। गौरतलब है कि ये सभी आँकड़े एक फर्जी दस्तावेज़ के हैं, जिनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

पीआईबी फैक्ट चेक का स्पष्ट खंडन

पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक बयान में साफ कहा कि यह रिपोर्ट पूरी तरह नकली है और इंटेलिजेंस ब्यूरो ने ऐसा कोई दस्तावेज़ जारी नहीं किया है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री का प्रसार तेज़ी से बढ़ रहा है। पीआईबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सरकारी आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी की पुष्टि करें।

आम जनता पर असर और सावधानी की ज़रूरत

इस तरह की फर्जी रिपोर्टें चुनावी माहौल को प्रभावित करने और जनमत को भ्रमित करने की क्षमता रखती हैं। वायरल रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि चुनावी रुझान अलग-अलग क्षेत्रों तक सीमित हैं, प्रतिस्पर्धी सीटों पर वोट को सीट में बदलने की क्षमता कमज़ोर है और संगठनात्मक स्तर पर कमियाँ हैं — ये सभी दावे बिना किसी आधिकारिक आधार के हैं।

पीआईबी फैक्ट चेक ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की संदिग्ध सामग्री को तुरंत रिपोर्ट करें और गलत जानकारी फैलने से रोकने में सहयोग करें।

फर्जी खबरों से कैसे बचें

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम से वायरल हो रहे दस्तावेज़ की सत्यता जाँचने के लिए हमेशा संबंधित मंत्रालय या एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल देखें। पीआईबी फैक्ट चेक की वेबसाइट और एक्स हैंडल ऐसे मामलों में सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं। आगामी चुनावों को देखते हुए ऐसी फर्जी रिपोर्टों के और अधिक सामने आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस तरह की सामग्री इतनी तेज़ी से फैलती क्यों है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इसे रोकने में कितने सक्रिय हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में, जहाँ TMC और BJP के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है, इस तरह की फर्जी रिपोर्टें जनमत को प्रभावित करने की वास्तविक क्षमता रखती हैं। मीडिया साक्षरता और त्वरित फैक्ट-चेकिंग तंत्र को और मज़बूत किए बिना, खंडन अक्सर वायरल सामग्री की तुलना में बहुत धीमा रहता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 पर वायरल आईबी रिपोर्ट क्या है?
यह एक फर्जी दस्तावेज़ है जो सोशल मीडिया पर 'पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का प्रारंभिक आकलन' के नाम से इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के नाम पर वायरल हो रहा है। पीआईबी फैक्ट चेक ने 1 मई 2026 को स्पष्ट किया कि आईबी ने ऐसी कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने इस रिपोर्ट को कब और कैसे फर्जी बताया?
पीआईबी फैक्ट चेक ने 1 मई 2026 को अपने आधिकारिक 'एक्स' (X) हैंडल पर पोस्ट करते हुए इस रिपोर्ट को पूरी तरह नकली करार दिया। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो ने ऐसा कोई दस्तावेज़ जारी नहीं किया है।
फर्जी रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के लिए किन सीटों का दावा किया गया था?
फर्जी रिपोर्ट में TMC को 190 से 220 सीटें, BJP को 50 से 60 सीटें और अन्य दलों को करीब 20 सीटें मिलने का दावा किया गया था। ये सभी आँकड़े एक निराधार और फर्जी दस्तावेज़ के हैं।
ऐसी फर्जी खबरों से कैसे बचें?
किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम से वायरल दस्तावेज़ की सत्यता के लिए हमेशा संबंधित एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट या पीआईबी फैक्ट चेक के सत्यापित हैंडल देखें। संदिग्ध सामग्री को तुरंत रिपोर्ट करें और उसे आगे शेयर करने से बचें।
क्या इंटेलिजेंस ब्यूरो चुनाव से जुड़ी रिपोर्टें सार्वजनिक रूप से जारी करता है?
नहीं, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) एक गोपनीय सरकारी एजेंसी है जो सार्वजनिक रूप से चुनावी आकलन रिपोर्टें जारी नहीं करती। इस नाम से वायरल कोई भी सार्वजनिक दस्तावेज़ स्वतः संदिग्ध माना जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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