सुरक्षा परिषद ने UNMISS जनादेश नवीनीकृत किया, सैनिकों की सीमा 17,000 से घटाकर 12,500 की
सारांश
Key Takeaways
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 1 मई 2026 को संकल्प 2820 पारित कर दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के जनादेश को 30 अप्रैल 2027 तक एक वर्ष के लिए नवीनीकृत कर दिया है। इस प्रस्ताव में शांति मिशन के सैनिकों की अधिकतम सीमा 17,000 से घटाकर 12,500 कर दी गई है, जबकि पुलिस बल की सीमा 2,101 पर अपरिवर्तित रखी गई है। सुरक्षा परिषद के 15 में से 13 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि चीन और रूस ने मतदान से परहेज किया।
मतदान से परहेज़ का कारण
चीन और रूस ने मतदान स्पष्टीकरण में कहा कि वे UNMISS के जनादेश के विस्तार का समर्थन करते हैं, किंतु सैनिकों की संख्या में कटौती और दक्षिण सूडान की संक्रमणकालीन सरकार पर दबाव बनाने से जुड़े प्रावधानों से सहमत नहीं हो सके। दोनों देशों ने इस मसौदे के मुख्य लेखक अमेरिका द्वारा इसे संभालने के तरीके पर खेद भी जताया।
विवादित प्रावधान और मतभेद
कथित तौर पर अमेरिका ने मिशन के जनादेश को अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप सरल बनाने की कोशिश की। हालाँकि कई सदस्यों ने अमेरिकी तर्क को आंशिक रूप से स्वीकार किया, लेकिन निम्नलिखित मुद्दों पर गहरे मतभेद सामने आए — UNMISS की रणनीतिक दिशा, दक्षिण सूडान की शांति प्रक्रिया में मिशन की भूमिका, क्षमता एवं संसाधनों में प्रस्तावित कटौती, और महिला-शांति-सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा बच्चों व सशस्त्र संघर्ष जैसे विषयों पर भाषा का प्रस्ताव से बाहर रखा जाना। यूरोपीय संघ के चार सदस्यों ने समन्वित रूप से संयुक्त टिप्पणियाँ दीं और इन मुद्दों पर अपने रुख का मजबूती से समर्थन किया।
प्रारंभिक अमेरिकी मसौदे में क्या था
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक मसौदे में कहा गया था कि UNMISS का उद्देश्य दक्षिण सूडान में गृहयुद्ध की वापसी और हिंसा के बढ़ने को रोकना है। इसमें यह भी प्रावधान था कि सुरक्षा परिषद मिशन के समर्थन की नियमित समीक्षा करेगी, जो नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता की पहुँच और संघर्ष से जुड़े पक्षों के राजनीतिक व सुरक्षा सुधारों की प्रगति पर आधारित होगी।
आगे क्या होगा
पारित संकल्प में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा परिषद ज़मीनी सुरक्षा स्थिति और दक्षिण सूडान की संक्रमणकालीन सरकार के सहयोग के आधार पर UNMISS के बल स्तर और कार्यों में आगे बदलाव पर विचार करने के लिए तैयार है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण सूडान में राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र हिंसा की चिंताएँ बनी हुई हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति प्रक्रिया की धीमी गति को लेकर चिंतित है।