सूडान गृहयुद्ध: अमेरिका समेत 10 देशों-संगठनों ने नागरिक नेतृत्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन किया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, अफ्रीकी संघ, यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने 8 जून 2026 को एक संयुक्त बयान जारी कर सूडान में नागरिकों के नेतृत्व में राजनीतिक संवाद शुरू करने का समर्थन किया। इन देशों और संगठनों का स्पष्ट मत है कि सूडान के विनाशकारी गृहयुद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है और केवल समावेशी नागरिक नेतृत्व वाली सत्ता परिवर्तन प्रक्रिया ही स्थायी स्थिरता बहाल कर सकती है। यह बयान 3 से 5 जून के बीच इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में हुई बहुपक्षीय बैठक के बाद सामने आया।
अदीस अबाबा बैठक: मुख्य घटनाक्रम
इस बैठक में 'क्विंटेट' समूह के सदस्य — अफ्रीकी संघ, इंटरगवर्नमेंटल अथॉरिटी ऑन डेवलपमेंट (IGAD), लीग ऑफ़ अरब स्टेट्स, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र — शामिल हुए। इन संगठनों ने सूडान के विभिन्न राजनीतिक पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा की। संयुक्त बयान में सभी पक्षों ने सूडान के लिए 'शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और स्थिर भविष्य' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और देश की संप्रभुता, एकता तथा क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने पर जोर दिया।
मानवीय संकट की गंभीर तस्वीर
संयुक्त बयान में सूडान की बिगड़ती मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई गई। जारी संघर्ष के कारण लाखों नागरिक विस्थापित हो चुके हैं, गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं और बुनियादी सेवाओं तक उनकी पहुँच सीमित हो गई है। नागरिकों और बुनियादी ढाँचे पर हमले लगातार जारी हैं। बयान में कहा गया कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और तत्काल मानवीय युद्धविराम लागू कर स्थायी संघर्षविराम की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
बर्लिन सम्मेलन के निष्कर्षों का स्वागत
समूह ने 15 अप्रैल को आयोजित सूडान पर बर्लिन सम्मेलन के निष्कर्षों का स्वागत किया। उस सम्मेलन में 'बर्लिन प्रिंसिपल्स फॉर सूडान' को अपनाया गया था, जिसमें नागरिक संगठनों ने युद्ध समाप्त करने और सूडानी नेतृत्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की माँग की थी। बयान के अनुसार इन पहलों से अंतरराष्ट्रीय समन्वय मजबूत हुआ है।
नागरिक संवाद की रूपरेखा और समयसीमा
सभी साझेदारों ने अगले कुछ सप्ताह में व्यापक नागरिक नेतृत्व वाले संवाद की शुरुआत की योजना का समर्थन किया। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के अलावा नागरिक समाज, महिला संगठनों, युवा समूहों और सूडान के विभिन्न क्षेत्रों तथा समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। बयान में उम्मीद जताई गई कि यह प्रक्रिया आदर्श रूप से छह महीने के भीतर पूरी हो सकती है, जिससे एक स्वतंत्र, नागरिक नेतृत्व वाली सरकार के गठन का स्पष्ट रास्ता तैयार होगा।
चेतावनी और आगे की राह
संयुक्त बयान में यह चेतावनी भी दी गई कि जो पक्ष नागरिक सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास करेंगे, उनके विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय उचित कदम उठा सकता है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि नागरिक संवाद पारदर्शी, विश्वसनीय और किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होना चाहिए। प्रस्तावित संक्रमण प्रक्रिया की प्रगति का आकलन तय मानकों के आधार पर किया जाएगा, और वैधता, जवाबदेही तथा मानवाधिकारों के सम्मान पर आधारित सरकार का गठन ही सूडान में स्थायी शांति की आधारशिला बताया गया है।