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दक्षिण सूडान में स्थिरता अनिवार्य: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन का आह्वान

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दक्षिण सूडान में स्थिरता अनिवार्य: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन का आह्वान

सारांश

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन ने दक्षिण सूडान की स्थिरता को अनिवार्य बताया — चुनावी वर्ष में यह संदेश महत्वपूर्ण है। चीनी प्रतिनिधि सुन लेई ने अंतर-जातीय संवाद, विश्वास-निर्माण और बल प्रयोग से परहेज की अपील की, साथ ही दक्षिण सूडान की 15वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर बधाई दी।

मुख्य बातें

चीनी प्रतिनिधि सुन लेई ने 6 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दक्षिण सूडान समीक्षा में भाग लिया।
चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बल प्रयोग से बचने का आह्वान किया।
दक्षिण सूडान में इस वर्ष के अंत में आम चुनाव प्रस्तावित हैं, जिन्हें संक्रमण प्रक्रिया का निर्णायक चरण बताया गया।
चीन ने UNMISS और दक्षिण सूडान सरकार के साथ मिलकर अंतर-जातीय संवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।
दक्षिण सूडान ने हाल ही में अपनी स्वतंत्रता की 15वीं वर्षगांठ मनाई, जिस पर चीन ने बधाई दी।

संयुक्त राष्ट्र में चीनी स्थायी प्रतिनिधिमंडल के कार्यवाहक प्रभारी सुन लेई ने 6 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दक्षिण सूडान समीक्षा बैठक में बोलते हुए देश की राष्ट्रीय स्थिरता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और बल प्रयोग से बचने का आग्रह किया, यह देखते हुए कि दक्षिण सूडान में इस वर्ष के अंत में आम चुनाव प्रस्तावित हैं।

चुनाव से पहले स्थिरता की दरकार

सुन लेई ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि दक्षिण सूडान में होने वाले आम चुनाव देश की संक्रमण प्रक्रिया का एक निर्णायक चरण हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखना इस पूरी प्रक्रिया की मूलभूत शर्त है। चीन ने सभी संबंधित पक्षों से शांत रहने, संयम बरतने और किसी भी ऐसे कदम से बचने का आह्वान किया जो स्थिति को और बिगाड़ सके।

अंतर-जातीय संवाद और विश्वास-निर्माण पर बल

सुन लेई ने कहा कि चीन, दक्षिण सूडान सरकार और वहाँ तैनात संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) का समर्थन करता है ताकि अंतर-जातीय संवाद को प्रोत्साहन मिलता रहे। उन्होंने अधिक विश्वास-निर्माण उपाय लागू करने और नागरिकों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व, एकजुटता तथा पारस्परिक सहायता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण सूडान में जातीय तनाव और राजनीतिक अनिश्चितता की खबरें बीच-बीच में सामने आती रही हैं।

स्वतंत्रता की 15वीं वर्षगांठ पर बधाई

सुन लेई ने इस अवसर पर यह भी उल्लेख किया कि दक्षिण सूडान ने हाल ही में अपनी स्वतंत्रता की 15वीं वर्षगांठ मनाई है। चीन ने शांति प्रक्रिया, राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में दक्षिण सूडान की उपलब्धियों पर हार्दिक बधाई दी। गौरतलब है कि दक्षिण सूडान 2011 में सूडान से अलग होकर दुनिया का सबसे नया देश बना था और तब से यह राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र संघर्ष की चुनौतियों से जूझता रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता

चीन ने स्पष्ट किया कि वह दक्षिण सूडान का एक अच्छा मित्र होने के नाते राष्ट्रीय सुलह और स्थायी शांति की दिशा में दक्षिण सूडान सरकार और वहाँ के लोगों के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करेगा। सुन लेई ने कहा कि चीन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने और एक रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान अफ्रीका में चीन की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है, जहाँ वह संयुक्त राष्ट्र मंच पर अपनी 'शांति-समर्थक' छवि को मजबूत कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके निहितार्थ व्यापक हैं — अफ्रीका में चीन अपनी 'तटस्थ मध्यस्थ' की भूमिका को संयुक्त राष्ट्र मंच पर लगातार पुख्ता कर रहा है। गौरतलब है कि दक्षिण सूडान में चीन के तेल और बुनियादी ढाँचे में महत्वपूर्ण आर्थिक हित हैं, इसलिए स्थिरता की अपील केवल परोपकार नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता भी है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस आर्थिक आयाम को नजरअंदाज करती है। असली सवाल यह है कि क्या चीन की यह कूटनीतिक सक्रियता जमीन पर ठोस शांति-निर्माण में तब्दील होती है, या यह केवल बहुपक्षीय मंचों पर अपनी साख बनाने की रणनीति है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन ने दक्षिण सूडान पर क्या कहा?
चीनी प्रतिनिधि सुन लेई ने 6 अगस्त 2026 को सुरक्षा परिषद की समीक्षा बैठक में दक्षिण सूडान की राष्ट्रीय स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा बल प्रयोग से बचने का आह्वान किया। उन्होंने अंतर-जातीय संवाद और विश्वास-निर्माण उपायों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
दक्षिण सूडान में चुनाव कब होने वाले हैं?
दक्षिण सूडान में वर्ष 2026 के अंत में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। चीन ने इन चुनावों को देश की संक्रमण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण बताया है।
दक्षिण सूडान में चीन की क्या भूमिका है?
चीन दक्षिण सूडान सरकार और वहाँ तैनात संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) का समर्थन करता है। चीन ने राष्ट्रीय सुलह और स्थायी शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर रचनात्मक भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई है।
दक्षिण सूडान की 15वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ का क्या महत्व है?
दक्षिण सूडान 2011 में सूडान से अलग होकर विश्व का सबसे नया स्वतंत्र देश बना था। 15वीं वर्षगांठ पर चीन ने शांति प्रक्रिया, राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में दक्षिण सूडान की उपलब्धियों पर बधाई दी।
दक्षिण सूडान में स्थिरता क्यों जरूरी है?
दक्षिण सूडान लंबे समय से जातीय तनाव और राजनीतिक अस्थिरता से जूझता रहा है। वर्ष के अंत में प्रस्तावित आम चुनावों से पहले स्थिरता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक संक्रमण की सफलता के लिए अनिवार्य माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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