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दक्षिण सूडान में यूएनएमआईएसएस शांतिरक्षकों पर हमला: 2 की मौत, भारत ने की कड़ी निंदा

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दक्षिण सूडान में यूएनएमआईएसएस शांतिरक्षकों पर हमला: 2 की मौत, भारत ने की कड़ी निंदा

सारांश

दक्षिण सूडान के जोंगली राज्य में यूएनएमआईएसएस के गश्ती दल पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया — 2 शांतिरक्षक शहीद, 7 घायल। भारत ने एक्स पर पोस्ट कर कड़ी निंदा की और सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 के तहत जवाबदेही की माँग की।

मुख्य बातें

24 अगस्त को दक्षिण सूडान के जोंगली राज्य में यूएनएमआईएसएस के गश्ती दल पर अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों ने हमला किया।
हमले में 2 शांतिरक्षक मारे गए (जिनमें एक इथियोपियाई जवान शामिल) और 7 अन्य घायल हुए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने एक्स पर पोस्ट कर हमले की कड़ी निंदा की और तत्काल निष्पक्ष जाँच की माँग की।
भारत ने सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 का हवाला देते हुए दोषियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
यूएनएमआईएसएस प्रमुख अनीता किकी गबेहो ने हमले को 'अस्वीकार्य' बताया; मिशन ने क्षेत्र में क्विक रिएक्शन फोर्स तैनात की।
यूएनएमआईएसएस के अनुसार, शांतिरक्षकों पर हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत युद्ध अपराध हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने 24 अगस्त को दक्षिण सूडान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक मिशन (यूएनएमआईएसएस) के ब्लू हेलमेट्स पर हुए घातक हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में 2 शांतिरक्षक मारे गए और 7 अन्य घायल हुए, जिनमें तीन शांतिरक्षक, दो दक्षिण सूडान राष्ट्रीय पुलिस सेवा के कर्मी और दो असैन्य कर्मचारी शामिल हैं।

हमले का घटनाक्रम

यह हमला जोंगली राज्य में पाजुट की ओर जा रहे यूएनएमआईएसएस के गश्ती दल पर अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा किया गया। मिशन ने तत्काल क्षेत्र को सुरक्षित करने और घायलों को आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए एक क्विक रिएक्शन फोर्स तैनात की। हमले में शहीद हुए जवानों में इथियोपिया का एक सैनिक शामिल था, जिसे भारतीय मिशन ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र के परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा का सम्मान अनिवार्य है। मिशन ने कहा कि सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा परिषद के आदेश पर कार्यरत शांतिरक्षकों की जान को कोई खतरा न हो। भारत ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 का हवाला देते हुए शांतिरक्षकों के विरुद्ध अपराधों में जवाबदेही तय करने और दोषियों को दंडित करने की माँग की।

यूएनएमआईएसएस प्रमुख का बयान

यूएनएमआईएसएस प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि अनीता किकी गबेहो ने हमले को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा, 'दक्षिण सूडान में शांति का समर्थन करने के लिए सेवा दे रहे संयुक्त राष्ट्र मिशन कर्मियों को निशाना बनाकर की गई इस तरह की घातक हिंसा अस्वीकार्य है। मैं अपनी जान गंवाने वाले शांतिरक्षकों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ।'

अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

यूएनएमआईएसएस ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों के विरुद्ध हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। गौरतलब है कि दक्षिण सूडान वर्षों से आंतरिक संघर्ष और अस्थिरता का सामना कर रहा है, और यूएनएमआईएसएस वहाँ नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैनात है।

आगे क्या होगा

भारत ने इस हमले की तुरंत और निष्पक्ष जाँच की माँग की है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण सूडान में शांति प्रक्रिया पहले से ही नाजुक दौर में है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपेक्षा की जा रही है कि वह दोषियों की पहचान और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी शांतिरक्षकों पर हमलों में दोषसिद्धि दर नगण्य रही है। भारत दुनिया के सबसे बड़े शांतिरक्षक-योगदानकर्ता देशों में से एक है, इसलिए उसकी निंदा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह एक संस्थागत हित की रक्षा भी है। असली सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बार जवाबदेही को बयानों से आगे ले जाएगा।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण सूडान में यूएनएमआईएसएस शांतिरक्षकों पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 24 अगस्त को दक्षिण सूडान के जोंगली राज्य में पाजुट की ओर जा रहे यूएनएमआईएसएस के गश्ती दल पर अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा किया गया। हमले में 2 शांतिरक्षक मारे गए और 7 अन्य घायल हुए।
भारत ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने एक्स पर पोस्ट कर हमले की कड़ी निंदा की। भारत ने सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 का हवाला देते हुए तुरंत और निष्पक्ष जाँच और दोषियों को दंडित करने की माँग की।
हमले में कितने लोग हताहत हुए और कौन-कौन शामिल थे?
हमले में 2 शांतिरक्षक मारे गए, जिनमें एक इथियोपियाई जवान शामिल था। 7 घायलों में तीन शांतिरक्षक, दो दक्षिण सूडान राष्ट्रीय पुलिस सेवा के कर्मी और दो असैन्य कर्मचारी शामिल हैं।
क्या शांतिरक्षकों पर हमला युद्ध अपराध माना जाता है?
यूएनएमआईएसएस के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों के विरुद्ध हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। इसीलिए भारत ने जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया है।
यूएनएमआईएसएस क्या है और दक्षिण सूडान में इसकी भूमिका क्या है?
यूएनएमआईएसएस (United Nations Mission in South Sudan) दक्षिण सूडान में तैनात संयुक्त राष्ट्र का शांति मिशन है, जो नागरिकों की सुरक्षा और शांति प्रक्रिया को समर्थन देने के लिए कार्यरत है। दक्षिण सूडान वर्षों से आंतरिक संघर्ष का सामना कर रहा है और यह मिशन सुरक्षा परिषद के आदेश पर काम करता है।
राष्ट्र प्रेस
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