सोनम खान: यश चोपड़ा से उम्र छुपाई, 'त्रिदेव' से मिली रातोंरात शोहरत, फिर चुना खामोशी का रास्ता
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सोनम खान हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं, जिन्होंने महज किशोरावस्था में बॉलीवुड की दहलीज़ पार की और कुछ ही वर्षों में श्रीदेवी व माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों के साथ शीर्ष की दौड़ में खड़ी हो गईं। 2 सितंबर 1972 को मुंबई में जन्मी इस अभिनेत्री की असली पहचान बख्तावर खान के नाम से थी, जो बाद में परदे पर सोनम खान बन गईं।
विरासत में मिली कला, पर राह बनानी थी खुद
सोनम खान का फ़िल्मी जगत से नाता विरासती है। वे अभिनेता मुराद खान की पोती और अभिनेता रजा मुराद की भतीजी हैं। हालाँकि, उनके पिता मुशीर खान व्यवसाय से जुड़े थे और माँ तलत खान गृहिणी थीं। परिवार का फ़िल्मी पृष्ठभूमि से संबंध होने के बावजूद सोनम को अपनी जगह खुद बनानी पड़ी।
महज 13-14 वर्ष की आयु में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। काम पाने के लिए उन्हें अपनी असली उम्र छुपानी पड़ी — फ़िल्ममेकर यश चोपड़ा के सामने उन्होंने खुद को बड़ा बताया, ताकि उन्हें अवसर मिल सके। यह उस दौर की वास्तविकता थी जब उद्योग में कम उम्र की अभिनेत्रियों को अक्सर अवसर नहीं मिलते थे।
करियर की शुरुआत और 'त्रिदेव' से मिली पहचान
सोनम ने 1987 में तेलुगु फिल्म 'सम्राट' से अपने अभिनय करियर की नींव रखी। इसके बाद यश चोपड़ा ने 1988 में अपनी फिल्म 'विजय' के ज़रिए उन्हें हिंदी सिनेमा से परिचित कराया। असली पहचान मिली 1989 की सुपरहिट फिल्म 'त्रिदेव' से, जिसने उन्हें रातोंरात घर-घर में चर्चित कर दिया।
इस फिल्म का गाना 'ओए ओए... तिरछी टोपीवाले' उस दौर में अत्यंत लोकप्रिय हुआ। इसके बाद सोनम ने एक के बाद एक सुपरहिट फिल्मों में काम किया और बॉलीवुड की गिनी-चुनी शीर्ष अभिनेत्रियों की सूची में अपनी जगह पक्की कर ली। यह ऐसे समय में आया जब हिंदी सिनेमा में श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित का दबदबा था — और सोनम उस प्रतिस्पर्धा में टिकी रहीं।
शादी, धमकियाँ और अलगाव
करियर के शीर्ष पर रहते हुए सोनम ने 1991 में फिल्म निर्देशक राजीव राय से विवाह किया और धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बनाने लगीं। दोनों का एक बेटा है — गौरव राय। उनके ससुर गुलशन राय हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्माता रहे, जिन्होंने 'दीवार' और 'मोहरा' जैसी यादगार फिल्में बनाईं।
शादी के लगभग 6 वर्ष बाद परिवार को अंडरवर्ल्ड की ओर से धमकियाँ मिलने लगीं। इसके चलते राजीव राय परिवार समेत देश छोड़कर चले गए, जबकि सोनम ने अपने बेटे के साथ मुंबई में रहने का फ़ैसला किया। वर्षों की दूरी ने रिश्ते को कमज़ोर किया और अंततः 2016 में दोनों का तलाक हो गया। इस पूरे दौर में सोनम ने अकेले ही अपने बेटे की परवरिश की।
नई शुरुआत और सोशल मीडिया पर मौजूदगी
राजीव राय से अलग होने के बाद सोनम ने 2017 में मुरली पोडुवल से विवाह किया। आज भले ही वे सिनेमा की चकाचौंध से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया के ज़रिए अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहती हैं। वे समय-समय पर फ़िल्मी दुनिया से जुड़े अपने अनुभव और पुरानी यादें साझा करती रहती हैं।
सोनम खान की कहानी बॉलीवुड के उस स्वर्णिम दौर की याद दिलाती है जब एक अभिनेत्री को शोहरत के साथ-साथ व्यक्तिगत संघर्षों का भी सामना करना पड़ता था — और उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि पर्दे से परे भी जीवन उतना ही जटिल और साहसी हो सकता है।