जामिया 'फ्री कश्मीर' विवाद पर TMC सांसद सौगत रॉय बोले — 'यह सब BJP का प्रोपेगेंडा'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने 24 अक्टूबर 2026 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर लिखे 'फ्री कश्मीर' नारों से उपजे राजनीतिक विवाद को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का 'बेकार का प्रोपेगेंडा' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में छात्रों को अपनी राय रखने का अधिकार है और इस मुद्दे पर 'हंगामा' उचित नहीं है।
जामिया विवाद पर सौगत रॉय का बयान
रॉय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'यह एक लोकतांत्रिक देश है। लोगों को अपनी राय रखने की आजादी है। इसे लेकर कोई हंगामा नहीं होना चाहिए।' उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया को एक ऐतिहासिक संस्था बताया और कहा कि इसकी स्थापना डॉ. ज़ाकिर हुसैन ने की थी। उनके अनुसार, वहाँ के छात्र अपनी राय व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।
कश्मीर और कांग्रेस सांसद के बयान पर रुख
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के कश्मीर-संबंधी बयान पर रॉय ने स्पष्ट किया कि 'अगर किसी ने ऐसी राय जाहिर की है, तो इसका मतलब यह नहीं कि कश्मीर आजाद हो जाएगा।' उन्होंने जोड़ा, 'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।' हालाँकि, उन्होंने छात्र संघ चुनाव की माँग का समर्थन किया।
आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर प्रतिक्रिया
दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका खारिज किए जाने पर रॉय ने कहा, 'मुझे दुख हुआ है। नेहा बोरा एक युवा और बहुत बहादुर लड़की हैं, और मैं उनका समर्थन करता हूँ।'
चंद्रकोणा में ईसाइयों पर कथित जबरदस्ती की निंदा
पश्चिम बंगाल के चंद्रकोणा में दुर्गा पूजा के दौरान तीन ईसाई परिवारों को हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए कथित तौर पर मजबूर किए जाने के आरोपों पर रॉय ने कहा, 'यह दुखद घटना है। अगर उनके साथ कोई जबरदस्ती की गई, मैं उसकी निंदा करता हूँ।' उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री से इस मामले पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ निंदनीय हैं — चाहे वे किसी भी राज्य में हों।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया लंबे समय से छात्र राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े विवादों का केंद्र रही है। 'फ्री कश्मीर' नारों का मुद्दा ऐसे समय में उठा है जब देश में अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। TMC के सौगत रॉय का यह बयान विपक्षी दलों के उस व्यापक रुख को दर्शाता है जो BJP पर 'राजनीतिक एजेंडे' के लिए ऐसे विवादों को हवा देने का आरोप लगाता है।