24 अक्टूबर 2026
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जामिया 'फ्री कश्मीर' विवाद पर TMC सांसद सौगत रॉय बोले — 'यह सब BJP का प्रोपेगेंडा'

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जामिया 'फ्री कश्मीर' विवाद पर TMC सांसद सौगत रॉय बोले — 'यह सब BJP का प्रोपेगेंडा'

सारांश

TMC सांसद सौगत रॉय ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 'फ्री कश्मीर' विवाद को BJP का प्रोपेगेंडा कहा, कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया, और चंद्रकोणा में ईसाई परिवारों पर कथित जबरदस्ती की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की माँग की।

मुख्य बातें

TMC सांसद सौगत रॉय ने 24 अक्टूबर 2026 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 'फ्री कश्मीर' नारा विवाद को BJP का प्रोपेगेंडा करार दिया।
रॉय ने स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा; साथ ही छात्र संघ चुनाव की माँग का समर्थन किया।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका खारिज की; रॉय ने इस पर 'दुख' जताया और उनका समर्थन किया।
पश्चिम बंगाल के चंद्रकोणा में तीन ईसाई परिवारों को दुर्गा पूजा के दौरान कथित तौर पर हिंदू रीति-रिवाज अपनाने पर मजबूर किए जाने की रॉय ने निंदा की।
रॉय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से चंद्रकोणा घटना पर ध्यान देने की अपील की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने 24 अक्टूबर 2026 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर लिखे 'फ्री कश्मीर' नारों से उपजे राजनीतिक विवाद को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का 'बेकार का प्रोपेगेंडा' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में छात्रों को अपनी राय रखने का अधिकार है और इस मुद्दे पर 'हंगामा' उचित नहीं है।

जामिया विवाद पर सौगत रॉय का बयान

रॉय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'यह एक लोकतांत्रिक देश है। लोगों को अपनी राय रखने की आजादी है। इसे लेकर कोई हंगामा नहीं होना चाहिए।' उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया को एक ऐतिहासिक संस्था बताया और कहा कि इसकी स्थापना डॉ. ज़ाकिर हुसैन ने की थी। उनके अनुसार, वहाँ के छात्र अपनी राय व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।

कश्मीर और कांग्रेस सांसद के बयान पर रुख

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के कश्मीर-संबंधी बयान पर रॉय ने स्पष्ट किया कि 'अगर किसी ने ऐसी राय जाहिर की है, तो इसका मतलब यह नहीं कि कश्मीर आजाद हो जाएगा।' उन्होंने जोड़ा, 'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।' हालाँकि, उन्होंने छात्र संघ चुनाव की माँग का समर्थन किया।

आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर प्रतिक्रिया

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका खारिज किए जाने पर रॉय ने कहा, 'मुझे दुख हुआ है। नेहा बोरा एक युवा और बहुत बहादुर लड़की हैं, और मैं उनका समर्थन करता हूँ।'

चंद्रकोणा में ईसाइयों पर कथित जबरदस्ती की निंदा

पश्चिम बंगाल के चंद्रकोणा में दुर्गा पूजा के दौरान तीन ईसाई परिवारों को हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए कथित तौर पर मजबूर किए जाने के आरोपों पर रॉय ने कहा, 'यह दुखद घटना है। अगर उनके साथ कोई जबरदस्ती की गई, मैं उसकी निंदा करता हूँ।' उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री से इस मामले पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ निंदनीय हैं — चाहे वे किसी भी राज्य में हों।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया लंबे समय से छात्र राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े विवादों का केंद्र रही है। 'फ्री कश्मीर' नारों का मुद्दा ऐसे समय में उठा है जब देश में अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। TMC के सौगत रॉय का यह बयान विपक्षी दलों के उस व्यापक रुख को दर्शाता है जो BJP पर 'राजनीतिक एजेंडे' के लिए ऐसे विवादों को हवा देने का आरोप लगाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामिया मिल्लिया इस्लामिया 'फ्री कश्मीर' विवाद क्या है?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' नारे लिखे जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। BJP ने इसे राष्ट्र-विरोधी भावना से जोड़ा, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बताया।
TMC सांसद सौगत रॉय ने इस विवाद पर क्या कहा?
सौगत रॉय ने इसे BJP का 'बेकार का प्रोपेगेंडा' करार देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश में छात्र अपनी राय रख सकते हैं। उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।
नेहा बोरा की याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्यों खारिज की?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका खारिज कर दी। रॉय ने इस पर दुख जताया और नेहा बोरा को 'बहादुर लड़की' बताते हुए उनका समर्थन किया। याचिका की विस्तृत वजह सार्वजनिक रूप से अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
चंद्रकोणा में ईसाई परिवारों के साथ क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल के चंद्रकोणा में दुर्गा पूजा के दौरान तीन ईसाई परिवारों को कथित तौर पर हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया। रॉय ने इसे 'दुखद घटना' बताते हुए निंदा की और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की माँग की।
क्या TMC ने BJP पर प्रोपेगेंडा का आरोप पहले भी लगाया है?
जी हाँ, तृणमूल कांग्रेस विश्वविद्यालय परिसरों और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों पर BJP पर राजनीतिक एजेंडे का आरोप लगाती रही है। यह बयान उसी व्यापक विपक्षी रुख का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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