शशि थरूर के कश्मीर बयान पर कांग्रेस में घमासान, प्रवक्ता बोले — 'पहलगाम भूल गए क्या?'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 22 जून 2026 को लखनऊ में पार्टी सांसद शशि थरूर पर तीखा हमला बोला, जब थरूर ने जम्मू-कश्मीर के हालात को सामान्य बताते हुए वहाँ की स्थिति की प्रशंसा की। राजपूत ने कहा कि जो नेता पहलगाम आतंकी हमले को नज़रअंदाज़ कर कश्मीर में शांति का दावा करे, उसे 'अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम' हो गया है।
थरूर के बयान की पृष्ठभूमि
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिये राज्य में सामान्य स्थिति बहाल होने की बात कही। थरूर की यह टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग मानी जा रही है, जिसके बाद कांग्रेस के भीतर असहमति की आवाज़ें उठने लगीं।
राजपूत का पलटवार
राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'कोई भी सांसद हो, उसे पार्टी की विचारधारा का पालन करना होता है। अगर शशि थरूर को पहलगाम की आतंकी घटना दिखाई नहीं दी तो उन्हें कोई अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम हो गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कोई बात रखने के लिए बयान दिया होगा, लेकिन निश्चित तौर पर आपको पहलगाम की घटना याद होगी।'
उन्होंने आगे सवाल उठाया, 'पहलगाम की घटना भाजपा के शासनकाल में हुई। क्या अनुच्छेद 370 हटने के बाद यही शांति के प्रतीक हैं? जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं है। वहाँ का मुख्यमंत्री सिर्फ एक मेयर की तरह काम कर रहा है।' राजपूत ने थरूर को सलाह दी कि वे 'अपने अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तरों पर ही रखें' और कश्मीरी जनता के हितों की बात करें।
पंजाब, ओवैसी और अंडमान पर भी बोले राजपूत
प्रेस वार्ता में नितिन नवीन के पंजाब में भाजपा सरकार बनाने के दावे पर राजपूत ने कहा कि भाजपा टीएमसी और शिवसेना की तरह विधायक तोड़कर सरकार बना सकती है और 'लोकतंत्र को कुचलने' में माहिर है।
गृह मंत्री अमित शाह को असदुद्दीन ओवैसी के पत्र पर राजपूत ने कहा कि अगर ओवैसी में साहस है तो वे कोर्ट से स्टे ऑर्डर लाएँ, और आरोप लगाया कि ओवैसी 'भाजपा के संरक्षण में' काम कर रहे हैं। अंडमान-निकोबार मामले में किरेन रिजिजू के राहुल गांधी पर आरोपों का जवाब देते हुए राजपूत ने कहा कि परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं और उद्योगपतियों को ज़मीन दी जा रही है — इसीलिए राहुल गांधी ने वहाँ जागरूकता दौरा किया।
आगे क्या
कांग्रेस के भीतर यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पार्टी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की माँग को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बना रही है। थरूर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के भीतर इस तरह के सार्वजनिक मतभेद विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े करते हैं।