10 अगस्त 2026
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शशि थरूर के कश्मीर बयान पर कांग्रेस में घमासान, प्रवक्ता बोले — 'पहलगाम भूल गए क्या?'

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शशि थरूर के कश्मीर बयान पर कांग्रेस में घमासान, प्रवक्ता बोले — 'पहलगाम भूल गए क्या?'

सारांश

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कश्मीर में सामान्य स्थिति की तारीफ की, तो पार्टी के अपने प्रवक्ता ने उन्हें 'अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम' का शिकार बता दिया। पहलगाम हमले और जम्मू-कश्मीर के अधूरे राज्य दर्जे के बीच यह विवाद कांग्रेस की आंतरिक एकता पर सवाल उठाता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 22 जून 2026 को सांसद शशि थरूर के कश्मीर-प्रशंसा बयान की खुलकर आलोचना की।
थरूर ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति का दावा किया था।
राजपूत ने पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देते हुए थरूर पर 'पार्टी विचारधारा से भटकने' का आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने और मुख्यमंत्री की सीमित शक्तियों पर भी सवाल उठाए।
राजपूत ने पंजाब में भाजपा सरकार बनाने के दावों, ओवैसी के पत्र और अंडमान-निकोबार विवाद पर भी भाजपा को घेरा।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 22 जून 2026 को लखनऊ में पार्टी सांसद शशि थरूर पर तीखा हमला बोला, जब थरूर ने जम्मू-कश्मीर के हालात को सामान्य बताते हुए वहाँ की स्थिति की प्रशंसा की। राजपूत ने कहा कि जो नेता पहलगाम आतंकी हमले को नज़रअंदाज़ कर कश्मीर में शांति का दावा करे, उसे 'अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम' हो गया है।

थरूर के बयान की पृष्ठभूमि

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिये राज्य में सामान्य स्थिति बहाल होने की बात कही। थरूर की यह टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग मानी जा रही है, जिसके बाद कांग्रेस के भीतर असहमति की आवाज़ें उठने लगीं।

राजपूत का पलटवार

राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'कोई भी सांसद हो, उसे पार्टी की विचारधारा का पालन करना होता है। अगर शशि थरूर को पहलगाम की आतंकी घटना दिखाई नहीं दी तो उन्हें कोई अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम हो गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कोई बात रखने के लिए बयान दिया होगा, लेकिन निश्चित तौर पर आपको पहलगाम की घटना याद होगी।'

उन्होंने आगे सवाल उठाया, 'पहलगाम की घटना भाजपा के शासनकाल में हुई। क्या अनुच्छेद 370 हटने के बाद यही शांति के प्रतीक हैं? जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं है। वहाँ का मुख्यमंत्री सिर्फ एक मेयर की तरह काम कर रहा है।' राजपूत ने थरूर को सलाह दी कि वे 'अपने अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तरों पर ही रखें' और कश्मीरी जनता के हितों की बात करें।

पंजाब, ओवैसी और अंडमान पर भी बोले राजपूत

प्रेस वार्ता में नितिन नवीन के पंजाब में भाजपा सरकार बनाने के दावे पर राजपूत ने कहा कि भाजपा टीएमसी और शिवसेना की तरह विधायक तोड़कर सरकार बना सकती है और 'लोकतंत्र को कुचलने' में माहिर है।

गृह मंत्री अमित शाह को असदुद्दीन ओवैसी के पत्र पर राजपूत ने कहा कि अगर ओवैसी में साहस है तो वे कोर्ट से स्टे ऑर्डर लाएँ, और आरोप लगाया कि ओवैसी 'भाजपा के संरक्षण में' काम कर रहे हैं। अंडमान-निकोबार मामले में किरेन रिजिजू के राहुल गांधी पर आरोपों का जवाब देते हुए राजपूत ने कहा कि परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं और उद्योगपतियों को ज़मीन दी जा रही है — इसीलिए राहुल गांधी ने वहाँ जागरूकता दौरा किया।

आगे क्या

कांग्रेस के भीतर यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पार्टी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की माँग को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बना रही है। थरूर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के भीतर इस तरह के सार्वजनिक मतभेद विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कांग्रेस की उस पुरानी दुविधा की अभिव्यक्ति है — जहाँ वैश्विक छवि और घरेलू राजनीति के बीच पार्टी की लाइन अक्सर धुंधली पड़ जाती है। पहलगाम जैसे हमले के बाद कश्मीर में 'सामान्यता' का दावा करना न केवल पार्टी की आधिकारिक स्थिति से टकराता है, बल्कि पीड़ित परिवारों की संवेदनाओं को भी चोट पहुँचाता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे केवल 'अंदरूनी कलह' बताकर छोड़ देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि विपक्षी एकता के दावों के बीच जब खुद पार्टी के सांसद और प्रवक्ता आमने-सामने हों, तो कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस की विश्वसनीयता कितनी टिकाऊ है?
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशि थरूर ने कश्मीर को लेकर क्या कहा था?
शशि थरूर ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर राज्य में सामान्य स्थिति बहाल होने की बात कही थी। यह बयान पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग माना गया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने थरूर की आलोचना क्यों की?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में शांति का दावा करना पार्टी विचारधारा के विरुद्ध है। उन्होंने थरूर को 'अंतरराष्ट्रीय दृष्टि भ्रम' का शिकार बताया और कहा कि सांसदों को पार्टी लाइन का पालन करना होता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य दर्जे पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस प्रवक्ता राजपूत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर को अभी तक पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला है और वहाँ का मुख्यमंत्री सीमित अधिकारों के साथ काम कर रहा है। पार्टी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन मानती है।
राजपूत ने ओवैसी और अंडमान मुद्दे पर क्या कहा?
राजपूत ने असदुद्दीन ओवैसी पर भाजपा के संरक्षण में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर उनमें साहस है तो वे कोर्ट से स्टे ऑर्डर लाएँ। अंडमान-निकोबार मामले में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पेड़ों की कटाई और उद्योगपतियों को ज़मीन देने के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए दौरा किया था।
पहलगाम आतंकी हमला क्या था और इसका इस विवाद से क्या संबंध है?
पहलगाम आतंकी हमला जम्मू-कश्मीर में हुई एक गंभीर आतंकी घटना थी, जिसे कांग्रेस ने भाजपा शासन में सुरक्षा विफलता के रूप में उठाया है। राजपूत ने इसी हमले का हवाला देते हुए थरूर के 'सामान्यता' के दावे को खारिज किया।
राष्ट्र प्रेस
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