सपा के 3 विधायक BJP में शामिल: केशव मौर्य बोले— 'डूबता जहाज छोड़ रहे नेता'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। 14 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के तीन विधायकों के BJP में शामिल होने के बाद विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सत्तापक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने सपा को 'डूबता हुआ जहाज' करार देते हुए पार्टी के भविष्य पर सवाल उठाए।
मुख्य घटनाक्रम
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सपा के तीन विधायक 'काफी समय पहले ही' मानसिक रूप से BJP के साथ आ चुके थे। उनके अनुसार यह दलबदल कोई अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही असंतोष की परिणति है। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए घुसपैठियों के मुद्दे को भी उठाया।
मौर्य ने आरोप लगाया कि 'इंडी गठबंधन' की एकजुटता भी घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल कराने में सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 'देश की जनता ने तय कर लिया है कि घुसपैठियों को भारत छोड़ना होगा।' यह BJP का राजनीतिक बयान है; इससे जुड़े किसी भी कानूनी निष्कर्ष की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हुई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सपा को सीधे 'डूबता हुआ जहाज' बताया। उन्होंने कहा, 'कोई भी व्यक्ति डूबते जहाज पर सवार नहीं होना चाहेगा। सपा नेताओं को यह एहसास हो गया है कि पार्टी के साथ रहकर चुनाव जीतना मुश्किल है।' खन्ना ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में 'बड़ी संख्या में' अन्य नेता भी BJP का दामन थाम सकते हैं।
BJP प्रवक्ता लालजी प्रसाद निर्मल ने दलबदल की एक अलग वजह गिनाई — उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के राम मंदिर उद्घाटन समारोह में नहीं जाने के रुख से सपा के भीतर व्यापक नाराजगी थी। निर्मल के अनुसार इसी असंतोष के चलते कई विधायकों ने पार्टी से किनारा किया।
आजम खान और ED पूछताछ पर प्रतिक्रिया
जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में जेल में बंद आजम खान से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ पर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि 'व्यक्ति का अतीत उसके भविष्य को प्रभावित करता है और आजम खान तथा सपा का अतीत ही उनके भविष्य की दिशा तय कर रहा है।' अंसारी ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए आजम खान ने समाज की सेवा के बजाय 'अपनी तिजोरियां भरने पर ध्यान दिया।' गौरतलब है कि ये सरकार के राजनीतिक बयान हैं; इनसे संबंधित मामलों में कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होंगे।
कलाम जयंती पर मदरसों में विज्ञान प्रदर्शनी की घोषणा
इसी बीच मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर एक सकारात्मक घोषणा की — उत्तर प्रदेश के सभी मदरसों में विज्ञान प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। अंसारी ने पूर्व राष्ट्रपति कलाम को देश और युवाओं के लिए आदर्श बताते हुए कहा कि इन प्रदर्शनियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में 'वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सीखने की रुचि' को बढ़ावा देना है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और दोनों पार्टियाँ जमीनी समर्थन मजबूत करने में जुटी हैं। सपा अब तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। BJP के दावों पर सपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस राजनीतिक घमासान की दिशा तय करेगी।