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श्रीनगर पुलिस ने ड्रग पेडलर ओवैस अमीन की ₹1.50 करोड़ की संपत्ति जब्त की, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

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श्रीनगर पुलिस ने ड्रग पेडलर ओवैस अमीन की ₹1.50 करोड़ की संपत्ति जब्त की, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

सारांश

श्रीनगर पुलिस ने 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत ड्रग पेडलर ओवैस अमीन डेंथू का मकान और सात मरला ज़मीन जब्त की — कुल कीमत ₹1.50 करोड़। NDPS एक्ट के तहत यह कार्रवाई तस्करों को आर्थिक रूप से तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

श्रीनगर पुलिस ने 19 मई 2026 को ड्रग पेडलर ओवैस अमीन डेंथू की ₹1.50 करोड़ की संपत्ति जब्त की।
जब्त संपत्ति में परिमपोरा स्थित एक मकान और सात मरला भूमि शामिल है।
कार्रवाई NDPS एक्ट के प्रावधानों और परिमपोरा थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई।
जाँच के अनुसार संपत्ति नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थी।
पुलिस ने नागरिकों से ड्रग नेटवर्क की सूचना देने की अपील की है; अभियान जारी रहेगा।

श्रीनगर पुलिस ने 19 मई 2026 को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग पेडलर ओवैस अमीन डेंथू की ₹1.50 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त की है। परिमपोरा निवासी इस आरोपी ने यह संपत्ति कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धन से खरीदी थी।

जब्ती का विवरण

पुलिस ने परिमपोरा स्थित आरोपी के एक मकान और उससे संलग्न सात मरला भूमि को जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत करीब ₹1.50 करोड़ आँकी गई है। यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंसेज (NDPS) एक्ट के प्रावधानों के तहत, परिमपोरा पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई।

जाँच में सामने आया कि आरोपी ने यह मकान और ज़मीन नशीले पदार्थों के कारोबार से प्राप्त धन से अर्जित की थी। NDPS एक्ट के तहत ऐसी संपत्तियों को जब्त कर अपराधियों को आर्थिक रूप से कमज़ोर करना इस अभियान की प्रमुख रणनीति है।

अभियान की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे व्यापक 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि घाटी में ड्रग तस्करी एक गंभीर सामाजिक संकट बन चुकी है, जिसमें विशेष रूप से युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति जब्ती जैसे कदम न केवल अपराधियों को आर्थिक क्षति पहुँचाते हैं, बल्कि अन्य तस्करों के लिए भी एक कड़ी चेतावनी का काम करते हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया

श्रीनगर पुलिस ने 'नशा मुक्त श्रीनगर' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाते रहेंगे जो युवाओं को नशे की लत में धकेल कर समाज को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

आम जनता से अपील

श्रीनगर पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें अपने इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या किसी संदिग्ध नेटवर्क की जानकारी मिले, तो वे तत्काल पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों के अनुसार, जन-सहभागिता इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयाँ जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्करी की जड़ें केवल व्यक्तिगत पेडलरों तक सीमित नहीं हैं; बड़े नेटवर्क और सीमा-पार आपूर्ति शृंखलाएँ अब भी चुनौती बनी हुई हैं। एकल गिरफ्तारियाँ और संपत्ति जब्ती तब तक पर्याप्त नहीं होंगी जब तक ऊपरी कड़ियों पर भी समान दबाव न बने। असली कसौटी यह है कि क्या यह अभियान सांख्यिकीय उपलब्धियों से आगे बढ़कर घाटी में नशे की व्यापकता को वास्तव में कम कर पाता है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर पुलिस ने किसकी संपत्ति जब्त की और क्यों?
पुलिस ने परिमपोरा निवासी ड्रग पेडलर ओवैस अमीन डेंथू का मकान और सात मरला ज़मीन जब्त की, जिसकी कीमत ₹1.50 करोड़ आँकी गई है। जाँच में सामने आया कि यह संपत्ति नशीले पदार्थों की तस्करी से प्राप्त अवैध धन से खरीदी गई थी।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई?
यह जब्ती नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंसेज (NDPS) एक्ट के प्रावधानों के तहत की गई। परिमपोरा पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर इस कार्रवाई का आधार बनी।
'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा व्यापक अभियान है जिसका उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर लगाम लगाना है। इस अभियान के तहत ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियाँ भी जब्त की जा रही हैं।
संपत्ति जब्ती से ड्रग तस्करी पर क्या असर पड़ता है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति जब्ती अपराधियों को आर्थिक रूप से कमज़ोर करती है और अन्य तस्करों के लिए चेतावनी का काम करती है। यह रणनीति NDPS एक्ट के तहत अवैध धन को ज़ब्त कर ड्रग नेटवर्क की वित्तीय नींव तोड़ने पर केंद्रित है।
क्या नागरिक इस अभियान में भाग ले सकते हैं?
हाँ, श्रीनगर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि जन-सहयोग इस अभियान को और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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