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क्या सुधाकर बडगुजर ने शिवसेना (यूबीटी) को छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया?

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क्या सुधाकर बडगुजर ने शिवसेना (यूबीटी) को छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया?

सारांश

नासिक की राजनीति में एक नया मोड़ आया है! सुधाकर बडगुजर ने शिवसेना को छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। जानिए इस कदम का क्या असर होगा।

मुख्य बातें

सुधाकर बडगुजर का भाजपा में शामिल होना नासिक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है।
भाजपा का विस्तार देशभर में जारी है।
भाजपा में नए और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं।
ठाकरे गुट को इस कदम से नुकसान हो सकता है।
बडगुजर का ओबीसी समुदाय में अच्छा प्रभाव है।

मुंबई, 17 जून (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पूर्व नेता सुधाकर बडगुजर ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आधिकारिक रूप से प्रवेश किया। उनके साथ शिवसेना के बबन घोलप, कांग्रेस और अन्य दलों के अनेक पूर्व पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। बडगुजर के भाजपा में शामिल होने से नासिक शहर और जिले की राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण परिवर्तन आने की संभावना है, जिससे ठाकरे गुट और कांग्रेस को गंभीर झटका लग सकता है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता परिणय फुके ने नासिक के सुधाकर बडगुजर के भाजपा में शामिल होने पर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। फुके ने कहा कि भाजपा का देशभर में तेजी से विस्तार हो रहा है और लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रेरित होकर पार्टी की ओर खींचे जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए गए विकास कार्यों से प्रभावित होकर कई प्रमुख नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं। सुधाकर बडगुजर भी इसी विकास के प्रभाव में पार्टी में शामिल हो रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं।

हालांकि, बडगुजर के भाजपा में प्रवेश का स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिला। नासिक पश्चिम की भाजपा विधायक सीमा हिरे ने इस कदम का कड़ा विरोध किया। फुके ने इस विरोध पर टिप्पणी करते हुए कहा, "जब कोई पार्टी बढ़ती है और नए लोग उसमें शामिल होते हैं, तो पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच कुछ मतभेद स्वाभाविक होते हैं। लेकिन भाजपा में ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है। हम सब एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्य करते हैं।"

आपको बताना चाहिए कि बडगुजर को हाल ही में ठाकरे गुट से पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया गया था। उनकी नाराजगी तब प्रकट हुई जब उन्होंने संगठनात्मक बदलावों पर असंतोष व्यक्त किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। सुधाकर बडगुजर के भाजपा में शामिल होने से नासिक के सिडको क्षेत्र में पार्टी को मजबूती मिलने की संभावना है, जहां बडगुजर का ओबीसी समुदाय पर अच्छा प्रभाव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुधाकर बडगुजर का भाजपा में शामिल होना एक रणनीतिक कदम है। यह नासिक की राजनीतिक स्थिति में बदलाव ला सकता है, साथ ही यह संकेत करता है कि कैसे लोग पार्टी के विकास कार्यों से प्रभावित होते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुधाकर बडगुजर का भाजपा में शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
उनका भाजपा में शामिल होना नासिक की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है और इससे ठाकरे गुट को झटका लग सकता है।
भाजपा में बडगुजर का स्वागत किसने किया?
परिणय फुके ने उनका स्वागत किया और भाजपा के विस्तार के बारे में बात की।
क्या बडगुजर के भाजपा में शामिल होने का विरोध हुआ?
हाँ, नासिक पश्चिम की भाजपा विधायक सीमा हिरे ने इस कदम का विरोध किया।
राष्ट्र प्रेस
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