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भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने लालफीताशाही पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, कामचोरों के खिलाफ ठोको बिल की मांग

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भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने लालफीताशाही पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, कामचोरों के खिलाफ ठोको बिल की मांग

सारांश

भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने विधानसभा में अधिकारियों की देरी पर नाराजगी व्यक्त की और ठोको बिल लाने की अपील की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। क्या यह वास्तव में विधायकों की कार्यवाही की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है?

मुख्य बातें

सुधीर मुनगंटीवार ने प्रशासनिक ढिलाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने 'ठोको बिल-2026' की मांग की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनुभव साझा किया।
एक मजबूत ऑडिट सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने भी अपनी राय व्यक्त की।

मुंबई, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रशासनिक ढिलाई पर कड़ा प्रहार करते हुए, भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मंगलवार को विधानसभा में सदस्यों द्वारा उठाए गए सुझावों के जवाब में आई देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

लालफीताशाही का एक महत्वपूर्ण उदाहरण देते हुए, मुनगंटीवार ने कहा कि 16 मार्च, 2022 को प्रस्तुत उनके कट मोशन का उत्तर लगभग चार साल बाद, 18 फरवरी, 2026 को प्राप्त हुआ।

विधायी प्रक्रिया की सुस्ती पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने मजाक में विधानसभा अध्यक्ष से 'ठोको बिल-2026' (स्ट्राइक-डाउन बिल) लाने की मांग की, ताकि लापरवाह अधिकारियों को दंडित किया जा सके।

देरी पर चर्चा करते हुए मुनगंटीवार ने कहा, "अगर सदस्यों को चार साल बाद उत्तर मिलते हैं, तो यह स्पष्ट है कि अब किसी को विधान मंडल का डर नहीं है। ऐसी लापरवाही सदन की कार्यवाही की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है।"

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से कटौती प्रस्ताव में देरी की जांच और दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपील की, साथ ही जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मुनगंटीवार ने कहा, "अध्यक्ष केवल दिल से बात नहीं कर सकते। यह कहानी 'चिवटाई, चिवटाई, दरवाजा खोलो' या प्रसिद्ध 'बीरबल की खिचड़ी' जैसी लगने लगी है, जो कभी नहीं पकती। यदि अध्यक्ष सच में विधान मंडल का गुणवत्ता मानक सुधारना चाहते हैं, तो उन्हें अपने सामने रखे चांदी के राजदंड का उपयोग करना चाहिए।"

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुनगंटीवार की चिंताओं का समर्थन करते हुए मजाक में कहा कि वह 'खुशकिस्मत' हैं कि उन्हें केवल चार साल में जवाब मिला।

उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक बार उन्हें एक विधायक के तौर पर लाए गए कट मोशन का उत्तर तब मिला जब वे उपमुख्यमंत्री बन गए थे।

मुख्यमंत्री ने विधायी कार्य को सरल बनाने के लिए एक मजबूत ऑडिट सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि मंत्रियों और मुख्यमंत्री के कार्यालय (सीएमओ) को पेंडिंग एश्योरेंस, अनस्टार्ट सवालों और ध्यान खींचने वाले मोशन पर नियमित अपडेट प्राप्त होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि विधानमंडल को सदन के सत्र में न होने पर भी कार्यवाही का ट्रैक और फॉलो-अप करना चाहिए।

उन्होंने सभी संसदीय टूल्स के लिए एक स्वतंत्र ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार भी इस मुद्दे में शामिल हो गए। उन्होंने मांग की कि 'पॉइंट्स ऑफ प्रॉप्राइटी' के उत्तर समय पर दिए जाएं और सदस्यों को उनके प्रश्नों की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी देने के लिए एक अलग ट्रैकिंग सिस्टम बनाया जाए।

हंगामे के बीच, अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने स्वीकार किया कि अब तक ट्रैकिंग मैन्युअल रूप से की जाती थी, जो मोशन की अधिक संख्या के कारण कठिन हो गई थी।

उन्होंने घोषणा की, "वर्तमान में हर संसदीय टूल को ट्रैक करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है, जिससे सदस्यों को यह जानकारी मिलेगी कि उत्तर प्राप्त हुआ है या नहीं और किसी भी देरी का सही समय क्या है। 1937 से 2025 तक विधानमंडल के रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटाइज कर दिए गए हैं और जल्द ही 'लाइव' होंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि प्रशासनिक ढिलाई के कारण विधायकों की कार्यवाही पर असर पड़ रहा है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने किस मुद्दे पर नाराजगी जताई?
उन्होंने विधानसभा में सदस्यों के सुझावों पर जवाब देने में हुई देरी पर नाराजगी जताई।
'ठोको बिल-2026' क्या है?
'ठोको बिल-2026' एक प्रस्तावित विधेयक है, जिसका उद्देश्य लापरवाह अधिकारियों को दंडित करना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मुनगंटीवार 'खुशकिस्मत' हैं कि उन्हें सिर्फ चार साल में जवाब मिला।
विधानमंडल में कार्यवाही की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कौन-कौन से सुझाव दिए गए?
एक मजबूत ऑडिट सिस्टम और ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म बनाने के सुझाव दिए गए हैं।
क्या कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने भी इस मामले में कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने 'पॉइंट्स ऑफ प्रॉप्राइटी' के जवाब समय पर दिए जाने की मांग की।
राष्ट्र प्रेस
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