शीला शेखावत को AK-47 से जान से मारने की धमकी, बेटी के इंस्टाग्राम पर भेजा संदेश; जयपुर पुलिस ने दर्ज किया मामला
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के दिवंगत अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगमेड़ी की पत्नी शीला शेखावत को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी भरा संदेश 16 अगस्त 2026 को उनकी बेटी उर्वशी शेखावत के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भेजा गया, जिसमें AK-47 और AK-56 राइफलों के इस्तेमाल का उल्लेख था। शीला की लिखित शिकायत के आधार पर गोगामेड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
धमकी का विवरण
शिकायत के अनुसार, कथित संदेश अभिषेक सिंह राजपूत नाम से पहचान बताने वाले एक व्यक्ति ने भेजा। संदेश में शीला शेखावत को AK-47 और AK-56 राइफलों से जान से मारने की कथित धमकी दी गई। इसके साथ ही उनके साथ तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी गई।
शीला ने पुलिस से अनुरोध किया है कि संदेश भेजने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बार-बार मिल रही धमकियों से परिवार में डर और मानसिक तनाव का माहौल बना हुआ है।
शिकायत में लगाए गए आरोप
अपनी शिकायत में शीला शेखावत ने अपने दिवंगत पति की राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष के रूप में भूमिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति परिवार की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के कारण उनसे द्वेष रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को अतीत में भी इसी प्रकार की धमकियाँ मिल चुकी हैं।
पृष्ठभूमि: गोगमेड़ी हत्याकांड
सुखदेव सिंह गोगमेड़ी की 5 दिसंबर 2023 को जयपुर स्थित उनके आवास पर हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हमलावर घर में घुसे और गोलीबारी में गोगमेड़ी सहित एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। इस हत्याकांड के बाद राजस्थान के कई हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन और धरने हुए। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े रोहित गोदारा और गोल्डी बरार ने इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी।
यह ऐसे समय में आया है जब गोगमेड़ी हत्याकांड की जाँच अभी भी जारी है और परिवार पहले से ही सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच जी रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
गोगामेड़ी पुलिस ने शीला शेखावत की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। एसएचओ जयप्रकाश इस मामले की जाँच कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कथित इंस्टाग्राम अकाउंट, धमकी भरे संदेशों और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जाँच की जा रही है। जाँच के माध्यम से धमकी की प्रामाणिकता और कथित प्रेषक की पहचान तथा मकसद का पता लगाया जाएगा।
आगे की स्थिति
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जाँच जारी है। गौरतलब है कि गोगमेड़ी परिवार पहले भी इस प्रकार की धमकियों का सामना कर चुका है, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान होने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है।