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क्या सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान को राहत दी?

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क्या सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान को राहत दी?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बड़ी राहत दी है। उन्होंने एफआईआर के ट्रायल पर रोक लगा दी है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी और क्या है इसका प्रभाव।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान के ट्रायल पर रोक लगाई।
यह मामला 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा है।
प्रोफेसर अली खान को गिरफ्तार किया गया था।
हरियाणा पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थीं।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा।

नई दिल्ली, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर के ट्रायल पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि निचली अदालत इस मामले में चार्जशीट पर संज्ञान न ले और न ही आरोप तय किए जाएं।

'ऑपरेशन सिंदूर' से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज मामले में बड़ी राहत दी। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के ट्रायल पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि अभी इस केस में निचली अदालत चार्जशीट पर संज्ञान न ले और न ही आरोप तय किए जाएं।

इस बीच, हरियाणा पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर अली खान के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें से एक मामले में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जबकि दूसरे मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है।

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती।

हरियाणा के सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को पुलिस ने मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर टिप्पणी करने को लेकर गिरफ्तार किया था। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की नियमित प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

उनके खिलाफ पहला मामला गांव जटेड़ी के सरपंच द्वारा दर्ज कराया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 197, 152 और 299 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

दूसरा मामला हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करने और आयोग के नोटिस की अवहेलना का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 353, 79, 152 और 169(1) के तहत केस दर्ज किया था।

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और उसके बाद जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमें न्यायिक प्रणाली की जटिलताओं और स्वतंत्रता के अधिकारों पर भी विचार करने के लिए मजबूर करता है। हमें हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान को राहत दी?
हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर के ट्रायल पर रोक लगा दी है।
क्या प्रोफेसर अली खान को गिरफ्तार किया गया था?
जी हाँ, उन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' पर टिप्पणी करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
क्या पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है?
हाँ, पुलिस ने एक मामले में चार्जशीट दाखिल की है जबकि दूसरे मामले में क्लोजर रिपोर्ट दी है।
राष्ट्र प्रेस
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