क्या सुप्रिया सुले के नॉनवेज खाने के बयान पर सुशील कुमार शिंदे की प्रतिक्रिया ने सियासत को गरमाया?

सारांश
Key Takeaways
- सुप्रिया सुले का नॉनवेज खाने का बयान विवादित हो गया है।
- कांग्रेस के नेता सुशील कुमार शिंदे ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।
- राजनीति में हार-जीत और नॉनवेज खाने के मुद्दे को जोड़ा गया है।
- न्याय और वोट चोरी के मुद्दे पर भी चर्चा हो रही है।
- यह मामला भारतीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।
सोलापुर, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले के नॉनवेज खाने के बयान पर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अच्छा हुआ कि मैंने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा।
पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चुनाव पर कहा कि सत्ता आती-जाती है। कांग्रेस के साथ भी ऐसा कई बार हुआ है। १९८० में कहा गया था कि वे अब सत्ता में वापस नहीं आएंगे, लेकिन जनता ने उन्हें फिर से चुना। इंदिरा गांधी सत्ता में वापस आईं, इसलिए हार से कभी डरना नहीं चाहिए। अगर हार भी जाएं, तो नए उत्साह के साथ फिर से लड़ाई जारी रखनी चाहिए।
उन्होंने 'वोट चोरी' के मुद्दे पर कहा कि हम सभी राहुल गांधी के रुख का समर्थन करते हैं। जो लोग कह रहे हैं कि 'वोट चोरी' नहीं हुआ, उन्हें सबूत पेश करना चाहिए, लेकिन वे ऐसा करने को तैयार नहीं हैं।
मालेगांव विस्फोट पर सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि हमें देखना होगा कि क्या हो रहा है। जो हुआ सो हुआ, लेकिन मुझे विश्वास है कि इसमें न्याय होगा।
सुप्रिया सुले ने नॉनवेज पर कहा कि उन्हें नकारात्मक बातें करना पसंद नहीं है, क्योंकि वे रामकृष्ण हरि और पांडुरंग भगवान को मानती हैं। वह अपने गले में तुलसी की माला नहीं पहनती हैं, क्योंकि कभी-कभी नॉनवेज खाती हैं। वह झूठ नहीं बोलतीं। अगर उनका नॉनवेज खाना उनके पांडुरंग को स्वीकार है, तो दूसरों को क्या समस्या है?
उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और ससुराल वाले भी खाते हैं और अपने पैसों का ही खाते हैं। वह जो भी करती हैं, डंके की चोट पर करती हैं। अगर वह नॉनवेज खाती हैं तो इसमें कोई पाप नहीं है। वह खुलकर नॉनवेज खाती हैं।