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पीएम आवास योजना से बदली जिंदगी: सूरत के लाभार्थियों ने कहा — 'पहले छत टपकती थी, अब पक्का घर मिला'

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पीएम आवास योजना से बदली जिंदगी: सूरत के लाभार्थियों ने कहा — 'पहले छत टपकती थी, अब पक्का घर मिला'

सारांश

सूरत के सिटी लाइट इलाके में PMAY लाभार्थी शिव प्रसाद मिश्रा और हंसाबेन राठौड़ ने बताया कि कैसे पक्के मकान और DBT-आधारित सब्सिडी ने उनकी जिंदगी बदल दी — मानसून में टपकती छत से सुरक्षित घर तक का सफर।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सूरत के सिटी लाइट इलाके के गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले।
लाभार्थी शिव प्रसाद मिश्रा पिछले 5 वर्षों से PMAY के तहत बने पक्के मकान में रह रहे हैं।
लाभार्थी हंसाबेन राजूभाई राठौड़ ने बताया कि मानसून में छत से पानी टपकता था, अब पक्का घर मिलने से जीवन सुरक्षित हुआ।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली से सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आती है, बिचौलियों की भूमिका समाप्त।
लाभार्थियों के अनुसार, आवास के साथ-साथ सड़क, पेयजल और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्के मकान मिलने से गुजरात के सूरत शहर के गरीब परिवारों के जीवन में ठोस बदलाव आया है। सिटी लाइट इलाके के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह इस केंद्रीय योजना ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाया है।

लाभार्थियों के अनुभव

पिछले 40 वर्षों से सूरत में रह रहे शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि वे लंबे समय तक कच्चे और असुविधाजनक मकानों में रहने को मजबूर थे। PMAY के तहत मिली आर्थिक सहायता ने उनकी स्थिति बदल दी।

उन्होंने कहा, 'पिछले 5 साल से मैं इस पक्के मकान में रह रहा हूँ। पहले इस इलाके में सड़क, पानी और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन आज सब कुछ व्यवस्थित है।'

इसी इलाके की एक अन्य लाभार्थी हंसाबेन राजूभाई राठौड़ ने भावुक होकर अपनी पुरानी परेशानियाँ याद कीं। उन्होंने कहा, 'पहले मेरा घर बहुत खराब स्थिति में था। मानसून के दिनों में छत से पानी टपकता था और हमें घर के अंदर जगह-जगह बर्तन और टब रखने पड़ते थे। जब इस योजना का फॉर्म निकला और पैसे सीधे हमारे खाते में आए, तब हमने यह पक्का घर बनाया। अब हम बहुत खुश और सुरक्षित महसूस करते हैं।'

डीबीटी से भ्रष्टाचार पर रोक

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली की सराहना करते हुए शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि अब योजनाओं की राशि या सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आती है, जिससे बिचौलियों और कमीशनखोरी की गुंजाइश समाप्त हो गई है। यह व्यवस्था लाभार्थियों के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।

आम जनता पर असर

PMAY का लाभ उठाने वाले परिवारों के अनुसार, पक्के मकान मिलने से न केवल आवास की समस्या हल हुई, बल्कि बुनियादी सुविधाओं — सड़क, पेयजल और राशन वितरण — में भी सुधार देखा गया है। हंसाबेन ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि गरीब तबके के लिए यह योजना वरदान साबित हुई है।

क्या होगा आगे

केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी असर सूरत जैसे शहरी क्षेत्रों में स्पष्ट दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि DBT-आधारित वितरण प्रणाली और पारदर्शी क्रियान्वयन से योजना की विश्वसनीयता बढ़ी है। आने वाले समय में PMAY के शहरी और ग्रामीण दोनों घटकों के विस्तार पर सरकार का ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये व्यक्तिगत अनुभव हैं — योजना की समग्र सफलता का आकलन स्वतंत्र आँकड़ों और लाभार्थी सर्वेक्षणों से ही संभव है। DBT का पारदर्शिता पर सकारात्मक असर स्वीकार्य है, परंतु शहरी गरीबों तक योजना की वास्तविक पहुँच और प्रतीक्षा सूचियों की स्थिति पर सरकारी आँकड़े सार्वजनिक होने चाहिए। असली परीक्षा यह है कि क्या ऐसे लाभ उन सबसे वंचित परिवारों तक भी पहुँच रहे हैं जो दस्तावेज़ीकरण की बाधाओं के कारण योजना से बाहर रह जाते हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) क्या है?
PMAY केंद्र सरकार की एक प्रमुख आवास योजना है जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है। इसके तहत DBT के माध्यम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
सूरत में PMAY लाभार्थियों को क्या फायदा हुआ?
सूरत के सिटी लाइट इलाके के लाभार्थियों को पक्के मकान मिले और DBT के जरिए सब्सिडी सीधे खाते में आई। लाभार्थियों के अनुसार, इससे आवास के साथ-साथ सड़क, पेयजल और राशन जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से क्या बदला?
DBT प्रणाली के तहत योजना की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाती है, जिससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई है। शिव प्रसाद मिश्रा जैसे लाभार्थियों ने इसे योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
PMAY का लाभ कौन उठा सकता है?
PMAY का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवार उठा सकते हैं जिनके पास पक्का मकान नहीं है। आवेदन के लिए आधार-लिंक्ड बैंक खाता और निर्धारित आय सीमा अनिवार्य है।
क्या PMAY के तहत सभी जरूरतमंदों को लाभ मिल रहा है?
सूरत जैसे शहरों में जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखे गए हैं, हालाँकि स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि दस्तावेज़ीकरण की बाधाओं के कारण कुछ सबसे वंचित परिवार अभी भी योजना से बाहर रह सकते हैं। समग्र कवरेज का आकलन सरकारी आँकड़ों और स्वतंत्र सर्वेक्षणों से होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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