क्या सुरेंद्र यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर गंभीर सवाल उठाए? 9 जुलाई को चक्का जाम का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
गया, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के गया जी जिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख नेता और जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने मतदाता सूची को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। शहर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महागठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण का विरोध किया।
सुरेंद्र प्रसाद यादव ने भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बिहार की मतदाता सूची गलत थी, तो इसके आधार पर हुए लोकसभा, विधानसभा और विधानसभा उपचुनाव भी गलत माने जाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि निर्वाचन आयोग इन चुनावों को रद्द कर नई मतदाता सूची तैयार करवाए और पुनः चुनाव कराए।
उन्होंने कहा है कि बिहार की मतदाता सूची अगर गलत थी तो उस मतदाता सूची के आधार पर जितने भी सांसद, विधायक चुनकर गए हैं, सब गलत हैं। चुनाव आयोग से चुनाव रद्द कर पुनः मतदाता सूची तैयार कर चुनाव कराने की मांग करते हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण एक अलोकतांत्रिक कदम है और समाज के हाशिए पर पड़े लोगों के मताधिकार को प्रभावित करने की साजिश है। ऐसा प्रतीत होता है कि महाराष्ट्र की तरह ही यहां भी फिर से जोड़-तोड़ की कोशिश हो रही है ताकि भाजपा की सरकार बन सके। लेकिन यह बिहार है, हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।
लोकसभा सांसद ने कहा कि आधार कार्ड भारत का एक विशिष्ट पहचान पत्र है, जो सरकारी योजनाओं और बैंक खातों से जुड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आधार कार्ड से व्यक्ति की पहचान हर जगह हो रही है, तो मतदाता सूची सत्यापन में इसे क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है?
इस दौरान सुरेंद्र प्रसाद यादव ने ऐलान किया कि आगामी 9 जुलाई को गया जी जिले में चक्का जाम किया जाएगा और शहर को पूरी तरह बंद रखकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
सुरेंद्र प्रसाद यादव अक्सर अपने तीखे बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। उन्होंने इस बार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सीधा हमला बोला है। बिहार में निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा मतदाताओं से दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। हालांकि, आधार कार्ड को इस सत्यापन के लिए मान्यता नहीं दी जा रही है, जिस पर राजद ने आपत्ति जताई है।